त्रिस्तरीय पंचायती राज-व्यवस्था से आप क्या समझते हैं ? बिहार में इसका क्या स्वरूप है ?

त्रिस्तरीय पंचायती राज-व्यवस्था से आप क्या समझते हैं ? बिहार में इसका क्या स्वरूप है ? उत्तर- प्रजातांत्रिक विकेंद्रीकरण के सिद्धांत को ही मूर्त रूप देने के लिए भारत में ‘पंचायती राज’ की स्थापना की गई है। भारत में पंचायती राज’ की स्थापना के उद्देश्य से ही भारत सरकार ने बलवंतराय मेहता की अध्यक्षता में एक … Read more

ग्राम सभा के संगठन और कार्यों का वर्णन करें।

ग्राम सभा के संगठन और कार्यों का वर्णन करें। उत्तर-  गाँव के सभी वयस्क नागरिक ग्राम सभा के सदस्य होते हैं। ग्राम सभा की बैठक समय-समय पर होती रहती है। बैठक की अध्यक्षता मुखिया करता है। राज्य सरकार द्वारा निर्मित कानून के अनुसार ही इसे कार्य संपन्न करना पड़ता है। इसके मुख्य कार्य हैं – (i) ग्राम … Read more

पंचायती राज के मुख्य उद्देश्यों का उल्लेख करें।

पंचायती राज के मुख्य उद्देश्यों का उल्लेख करें। उत्तर- पंचायती राज के मुख्य उद्देश्य हैं – (i) ग्रामीण क्षेत्र की स्थानीय संस्थाओं को वास्तविक शक्तियाँ सौंपकर लोकतंत्र का आधार मजबूत करना (ii) स्थानीय मामलों के कार्यों में ग्रामीणों की अधिक साझेदारी सुनिश्चित करना (iii) ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध मानव संसाधनों तथा अन्य संसाधनों का सही प्रयोग करना (iv) ग्रामीणों के … Read more

सामाजिक अंतर कब और कैसे सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते हैं ?

सामाजिक अंतर कब और कैसे सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते हैं ? उत्तर- समाज में व्यक्ति के बीच कई प्रकार के सामाजिक अंतर देखने को मिलते हैं जैसे जाति के आधार पर अंतर, आर्थिक स्तर पर अंतर, धर्म पर अंतर अथवा भाषायी अंतर। ये अंतर तब सामाजिक विभाजन का रूप ले लेते हैं जब इनमें … Read more

स्वतंत्र भारत में नारियों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन-से उपाय किए गए हैं ?

स्वतंत्र भारत में नारियों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन-से उपाय किए गए हैं ? उत्तर-  भारत की कुल आबादी में लगभग 48 प्रतिशत नारियाँ हैं। स्वाभाविक है कि नारियों की उन्नति पर ही भारत का विकास निर्भर है । केवल पुरुषों की उन्नति से संपूर्ण भारत का विकास संभव नहीं है। … Read more

‘महिला आरक्षण विधेयक’ क्या है ? आपके अनुसार यह विधेयक विधान (कानून) क्यों नहीं बन पा रहा है ?

‘महिला आरक्षण विधेयक’ क्या है ? आपके अनुसार यह विधेयक विधान (कानून) क्यों नहीं बन पा रहा है ? उत्तर- जनता की प्रतिनिधि संस्थाओं में सत्ता की साझेदारी में महिलाओं को अधिक स्थान देने के उद्देश्य से कई कदम उठाए जा चुके हैं। भारतीय संविधान के 73 वें और 74 वें संशोधन द्वारा देशभर में ग्रामीण … Read more

भ्रूण-हत्या क्या है? क्या कानून इसे रोकने में सफल हुआ है ?

भ्रूण-हत्या क्या है? क्या कानून इसे रोकने में सफल हुआ है ? उत्तर- भारत में अभी भी महिलाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। आज भी पुत्री का जन्म शोक का विषय बना हुआ है। भ्रूण-हत्या की परंपरा स्थापित हो गई है। अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से गर्भ में ही शिशु (भ्रूण) के लिंग की जानकारी प्राप्त … Read more

परिवार के भीतर किस प्रकार लैंगिक भेदभाव किये जाते हैं? समझावें।

परिवार के भीतर किस प्रकार लैंगिक भेदभाव किये जाते हैं? समझावें। उत्तर- भारतीय समाज पुरुष प्रधान समाज है। परिवार में भी लड़कों को ही प्राथमिकता दी जाती है। लड़के और लड़कियों के पालन-पोषण के क्रम में परिवार में ही यह भावना पनप जाती है कि भविष्य में लड़कियों की मुख्य जिम्मेवारी गृहस्थी चलाने और बच्चों के … Read more

सामाजिक विभाजन के तीन निर्धारक तत्त्व कौन-कौन से हैं ?

सामाजिक विभाजन के तीन निर्धारक तत्त्व कौन-कौन से हैं ? उत्तर-सामाजिक विभाजन के तीन निर्धारक तत्त्व इस प्रकार से हैं I. स्वयं की पहचान की चेतना- यह इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति अपनी पहचान किस प्रकार बनाए रखता है किसी धर्म विशेष, जाति विशेष अथवा संप्रदाय पर आधारित। इस प्रकार के सामाजिक विभाजन के … Read more

सामाजिक विभाजनों की राजनीति का परिणाम किन-किन चीजों पर निर्भर करता है ?

सामाजिक विभाजनों की राजनीति का परिणाम किन-किन चीजों पर निर्भर करता है ? उत्तर- सामाजिक विभाजनों की राजनीति का परिणाम तीन चीजों पर निर्भर करता है। प्रथम- नागरिक अपनी पहचान स्व-अस्तित्व तक सीमित रखना चाहते हैं, क्योंकि प्रत्येक मनुष्य में राष्ट्रीय चेतना के अलावा उपराष्ट्रीय या स्थानीय चेतना भी होती है। कोई एक चेतना बाकी चेतनाओं की … Read more