सुरकोटड़ा सभ्यता (1800 ई.पू.- 1700 ई.पू.)

सुरकोटड़ा सभ्यता (1800 ई.पू.- 1700 ई.पू.) सुरकोटदा या ‘सुरकोटडा’ गुजरात के कच्छ ज़िले में स्थित है। इस स्थल से हड़प्पा सभ्यता के विस्तार के प्रमाण मिले हैं। इसकी खोज 1964 में ‘जगपति जोशी’ ने की थी इस स्थल से ‘सिंधु सभ्यता के पतन’ के अवशेष परिलक्षित होते हैं। यहाँ पर एक बहुत बड़ा टीला था। यहाँ पर किये गये उत्खनन में एक दुर्ग बना मिला, जो … Read more

धोलावीरा सभ्यता (2650-2100 ई.पू.)

धोलावीरा सभ्यता (2650-2100 ई.पू.) धोलावीरा ( गुजराती; ધોળાવીરા) भारत के गुजरात राज्य के कच्छ ज़िले की भचाऊ तालुका में स्थित एक पुरातत्व स्थल है। इसका नाम यहाँ से एक किमी दक्षिण में स्थित ग्राम पर पड़ा है, जो राधनपुर से 165 किमी दूर स्थित है। धोलावीरा में सिन्धु घाटी सभ्यता के अवशेष और खण्डहर मिलते हैं और यह उस सभ्यता के सबसे बड़े ज्ञात नगरों में से एक था। इस पुरातत्व … Read more

रोपड़ सभ्यता

रोपड़ सभ्यता रोपड़ सभ्यता खोजकर्ता – 1950 ई. में रोपङ की खोज बी.बी.लाल द्वारा की गयी। नदी – सतलज नदी के किनारे स्थित है, रोपङ। स्थान – रोपङ भारत में पंजाब में स्थित है। यज्ञदत्त शर्मा ने रोपङ का उत्खनन करवाया (1955-56 ई.)। रोपङ में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् सर्वप्रथम उत्खनन किया गया था। इसका वर्तमान नाम ‘रूप नगर’ है। … Read more

बनवाली सभ्यता (2600 ई.पू. से 1900 ई.पू.)

बनवाली सभ्यता (2600 ई.पू. से 1900 ई.पू.)पुरातत्व स्थल (archaeological site) ऐसे स्थान या स्थानों के समूह को बोलते हैं जहाँ इतिहास या प्रागैतिहास (प्रेईहिस्टरी) में बीती हुई घटनाओं व जीवन के चिह्न मिलें। इनका अध्ययन करना इतिहास मालूम करने के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण होता है और पुरातत्वशास्त्र (पुरातत्व स्थलों की छानबीन करना) इतिहास की एक जानीमानी शाखा है। बनवाली सभ्यता (2600 … Read more

चन्हुदडो सभ्यता (4000 से 1700 ई.)

चन्हुदडो सभ्यता (4000 से 1700 ई.) चनहुदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता के नगरीय झुकर चरण से सम्बंधित एक पुरातत्व स्थल है। यह क्षेत्र पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के मोहन जोदड़ो से 130 किलोमीटर (81 मील) दक्षिण में स्थित है। यहाँ पर 4000 से 1700 से ईशा पूर्व में बसा हुआ माना जाता है और इस स्थान को इंद्रगोप मनकों के निर्माण स्थल के रूप में जाना जाता है। चनहुदड़ो की पहली बार खुदाई मार्च 1930 में एन॰जी॰ … Read more

कालीबंगा सभ्यता (2400-2250 ई.पू.)

कालीबंगा सभ्यता (2400-2250 ई.पू.) यह सभ्यता स्थल वर्तमान हनुमानगढ़ जिले में सरस्वती-दृषद्वती नदियों के तट पर बसा हुआ था, जो 2400-2250 ई. पू. की संस्कृति की उपस्थिति का प्रमाण है। कालीबंगा में मुख्य रूप से नगर योजना के दो टीले प्राप्त हुये हैं। इनमें पूर्वी टीला नगर टीला है, जहाँ से साधारण बस्ती के साक्ष्य … Read more

लोथल सभ्यता (2400 ई.पू.)

लोथल सभ्यता (2400 ई.पू.) लोथल (गुजराती: લોથલ), प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के शहरों में से एक बहुत ही महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है। लगभग 2400 ईसापूर्व पुराना यह शहर भारत के राज्य गुजरात के भाल क्षेत्र में स्थित है और इसकी खोज सन 1954 में हुई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस शहर की खुदाई 13 फ़रवरी 1955 से लेकर 19 मई 1956 के मध्य की थी। … Read more

मोहन जोदड़ो सभ्यता (2700 ई. पू. से 1900 ई.)

मोहन जोदड़ो सभ्यता (2700 ई. पू. से 1900 ई.) मोहनजोदड़ो प्राचीन समय का एक विकसित शहर भी था जहाँ के लोगों का मुख्य पेशा व्यवसाय था| इतिहासकरों का यह मन्ना है कि इस समय के लोग विकसित थे| और प्राचीन समय का यह एक शहर था| वैसे तो सिन्धु घाटी सभ्यता का क्षेत्र काफी विशाल … Read more

हड़प्पा सभ्यता (2300 – 1750 ई. पू.)

हड़प्पा सभ्यता (2300 – 1750 ई. पू.) सिन्धु सभ्यता (indus valley civilization) वास्तव में भारतीय ही है। यह भवन निर्माण और उद्योग के साथ – साथ वेश भूषा तथा धर्म में आधुनिक भारतीय संस्कृति का आधार है ।मोहनजोदड़ो में ऐसी विशेषताएं दृष्टिगोचर होती है ऐतिहासिक भारत में सदा विद्दमान रहीं हैं।……….प्रो० गार्डन चाइल्ड इयं में गंगे यमुने … Read more

सिंधु घाटी सभ्यता (3300–1300 ई.पू)

UPSC Study Material in Hindi & English medium

सिंधु घाटी सभ्यता (3300–1300 ई.पू) सिंधु घाटी सभ्यता (3300–1300 ई.पू) सन् 1924 में सिंधु नदी पर मोहनजोदड़ो और पंजाब में हड़प्पा के खंडहरों में किए गए उत्खनन में एक अत्यं‍त विकसित शहरी सभ्यता के अवशेष मिले जिसे सिंधु घाटी या हड़प्पा सभ्यता का नाम दिया गया। 7वीं शताब्दी में पहली बार जब लोगो ने पंजाब … Read more