“सिर्फ जाति के आधार पर राजनीति करके चुनाव जीतना संभव नहीं”। स्पष्ट करें।

“सिर्फ जाति के आधार पर राजनीति करके चुनाव जीतना संभव नहीं”। स्पष्ट करें। उत्तर- लोकतंत्र विभिन्नता से भरा है, कभी भी जनता के बीच एक पार्टी या विचारधारा के ऊपर एक मत होना संभव नहीं हो पाता। ठीक उसी तरह किसी भी क्षेत्र में सिर्फ जाति के आधार पर राजनीति करके कोई चुनाव नहीं जीत सकता। … Read more

साम्प्रदायिकता के किन्हीं चार कारणों को लिखें।

साम्प्रदायिकता के किन्हीं चार कारणों को लिखें। उत्तर- साम्प्रदायवाद भारतीय समाज की एक बहुत बड़ी समस्या है जिसन समाज को न केवल कमजोर किया है, बल्कि अनेक समस्याओं को भी जन्म दिया है। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं – (i) जिन-जिन स्थानों पर विभिन्न समुदायों के आवासीय क्षेत्र एक दूसरे स अलग है, वहाँ सामूहिक तनाव … Read more

सत्तर के दशक से आधुनिक दशक के बीच भारतीय लोकतंत्र का सफर (सामाजिक न्याय के संदर्भ में) का संक्षिप्त वर्णन करें।

सत्तर के दशक से आधुनिक दशक के बीच भारतीय लोकतंत्र का सफर (सामाजिक न्याय के संदर्भ में) का संक्षिप्त वर्णन करें। उत्तर- भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 1970 का दशक कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। सन् 1971 में ,श्रीमती इंदिरा गाँधी के नेतृत्व में काँग्रेस सत्ता में आई। उसके बाद श्रीमती गाँधी ने संविधान के बुनियादी … Read more

“भविष्य में लोकतंत्र के ऊपर जिम्मेवारियाँ और बढ़ती जाएगी स्पष्ट करें।

“भविष्य में लोकतंत्र के ऊपर जिम्मेवारियाँ और बढ़ती जाएगी स्पष्ट करें। उत्तर- लोकतंत्र विभिन्नताओं से भरा है। यहाँ पर प्रत्येक व्यक्ति को अपनी नाम रखने का अधिकार है। परिणामस्वरूप यहाँ पर एक मत नहीं हो पाता और समस्या और भी जटिल हो जाती हैं। जातिवाद, धार्मिक भेदभाव, क्षेत्रवाद इत्यादि धीरे-धीरे और विकराल रूपले रहे हैं। लोकतंत्र … Read more

क्या भारतीय समाज के सामाजिक विभेद समाज में संघर्ष ‘कारण है? व्याख्या करें।

क्या भारतीय समाज के सामाजिक विभेद समाज में संघर्ष ‘कारण है? व्याख्या करें। उत्तर- भारत जैसे विशाल देश में विविधता स्वभाविक है। एक क्षेत्र में वाले विभिन्न जाति, धर्म, भाषा, संप्रदाय के लोगों के बीच विभिन्नताएँ होती सामाजिक विभेद कहलाती है। विभेद, को राष्ट्र की जीवन शक्ति बनाने के विविधता में एकता, सामंजस्य, सहिष्णुता और सहयोग … Read more

सामाजिक विभेदों का लोकतंत्र पर पड़नेवाले प्रभावों का सोदाहरण वर्णन करें।

सामाजिक विभेदों का लोकतंत्र पर पड़नेवाले प्रभावों का सोदाहरण वर्णन करें। उत्तर- सामाजिक विभेदों का प्रभाव लोकतंत्र पर अवश्य पड़ता है। यह प्रभाव प्रायः खतरनाक ही सिद्ध होता है। सामाजिक विभेदों का लोकतंत्र पर दुर्भाग्यपूर्ण प्रभाव यह है कि किसी-किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक विभेद व्यवस्था को इतना प्रभावित कर देता है कि वहाँ सामाजिक विभेदों … Read more

सामाजिक विभेदों का लोकतांत्रिक राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

सामाजिक विभेदों का लोकतांत्रिक राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है ? उत्तर- सामाजिक विभेदों का लोकतांत्रिक राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अंगरेजों ने ‘फूट डालो और शासन करो’ की नीति का सहारा लेकर भारत में सामाजिक विभेद को बढ़ाया और लगभग दो सौ वर्षों तक यहाँ शासन किया। वर्तमान समय में भी राजनीतिज्ञों के लिए … Read more

लोकतांत्रिक व्यवस्था में नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था से आप क्या समझते हैं ?

लोकतांत्रिक व्यवस्था में नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था से आप क्या समझते हैं ? उत्तर- सरकार के कई महत्त्वपूर्ण अंग होते हैं, जो सत्ता के भिन्न-भिन्न रूपों का प्रयोग करते हैं। जैसे न्याय संबंधी कार्य न्यायपालिका, कानूनों के निर्माण संबंधी कार्य विधायिका और कानून का पालन संबंधी कार्य कार्यपालिका। ये त्रिअंगी बँटवारा सरकार के अंगों की … Read more

लोकतंत्र विविधताओं में सामंजस्य कैसे स्थापित करता है ?

लोकतंत्र विविधताओं में सामंजस्य कैसे स्थापित करता है ? उत्तर- लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का सबसे बड़ा गुण है कि इसमें विविधताओं में सामंजस्य स्थापित करने की अभूतपूर्व क्षमता होती है। लोकतांत्रिक समाज में विभिन्न समूहों और वर्गों के लोग निवास करते हैं और उनमें टकराव होता. रहता है। इन टकरावों में सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता … Read more

Topic In Indian polity in Hindi GK

Topic In Indian polity in Hindi GK प्रश्न :- जब राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति का पद खाली हो तो भारत के राष्ट्रपति का पद कौन संभालता है ? उत्तर :- भारत का मुख्य न्यायाधीश प्रश्न :- किस अनुच्छेद के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार मूल अधिकार माना गया … Read more