दुख ही जीवन की कथा रही (जीवन वृत्त )

दुख ही जीवन की कथा रही (जीवन वृत्त ) दुख ही जीवन की कथा रही (जीवन वृत्त ) माघ शुक्ल ।।, संवत् 1955, तद्नुसार 29 फरवरी, 1899 को महिषादल बंगाल में एक ऐसे महाकवि का जन्म हुआ जिसने हिंदी कविता को एक नयी दिशा दी। भव्य. गौर और गठीले शरीर के धनी इस महाकवि का … Read more