मनोविज्ञान क्या है ? संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।

 मनोविज्ञान क्या है ? संक्षेप में स्पष्ट कीजिए। 

                             अथवा
मनोविज्ञान शब्द के निहितार्थ को स्पष्ट कीजिये।
                            अथवा
मनोविज्ञान का अर्थ स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर— मनोविज्ञान (Psychology) – मनुष्य की बाह्य संरचना का अध्ययन उसकी भाषा में प्रयुक्त शब्दों एवं शारीरिक हाव-भाव से किया जा सकता है किन्तु उसकी आंतरिक संरचना का अध्ययन करना जटिल होता है क्योंकि इसका सीधा सम्बन्ध मनुष्य की मानसिक प्रक्रिया से होता है। मनुष्य की मनःस्थिति का अध्ययन मनोविज्ञान के अन्तर्गत किया जाता है। मनोविज्ञान हमारे मानस एवं मानसिक क्रियाओं का अध्ययन तथा विश्लेषण करता है ।
मनोविज्ञान शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘मन का विज्ञान’ है अर्थात् अध्ययन की यह शाखा मन (मानसिक प्रक्रियाओं) का अध्ययन करती है। मनोविज्ञान शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘साइकोलॉजी’ (Psychology) से हुई है जो लैटिन भाषा के दो शब्दों “Psyche” तथा “Logos” से मिलकर बना है। “Psyche” शब्द का अर्थ होता है ‘आत्मा’ तथा “Logos” शब्द का अर्थ होता है ‘अध्ययन’ करना । अतः मनोविज्ञान का शाब्दिक अर्थ है ‘आत्मा का अध्ययन’ ।
मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो मानव के व्यवहार एवं उसके मस्तिष्क के क्रिया-कलापों का क्रमबद्ध रूप से अध्ययन करता है । यह शैक्षिक व अनुप्रयोगात्मक विज्ञान की वह शाखा है जो प्राणी की मानसिक प्रक्रियाओं (mental processes) एवं वातावरण की घटनाओं के साथ उसके प्रेक्षणीय व्यवहार (observable behaviour) का अध्ययन करती है।
परिभाषाएँ—
(i) क्रो एण्ड क्रो के अनुसार, “मनोविज्ञान मानवीय व्यवहार और मानव सम्बन्धों का अध्ययन है।”
(ii) गार्डनर मर्फी ने, जीवित व्यक्तियों का उनके वातावरण के प्रति अनुक्रियाओं का अध्ययन करने वाले विज्ञान को मनोविज्ञान माना
(iii) जॉन बी. वाटसन के अनुसार, “मनोविज्ञान, व्यवहार का निश्चयात्मक विज्ञान है।” व्यवहारवादी अर्जित तथा अनर्जित कथनी व करनी को मनोविज्ञान की विषय-वस्तु मानते हैं ।
(iv) पिल्सबरी के अनुसार, “मनोविज्ञान को सबसे सही प्रकार से मानव के व्यवहार के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।” उन्होंने मनोविज्ञान को मानव व्यवहार का विज्ञान बताया ।
(v) वारेन के अनुसार, “प्राणी एवं वातावरण के मध्य गहरा सम्बन्ध पाया जाता है। मनोविज्ञान इन दोनों के मध्य पाये जाने वाले पारस्परिक सम्बन्धों का अध्ययन करता है । “
(vi) विलियम मैक्डूगल के अनुसार, “मनोविज्ञान, आचरण एवं व्यवहार का यथार्थ विज्ञान है।” उन्होंने व्यवहारवाद के जन्म के पश्चात् मनोविज्ञान तथा शरीर विज्ञान में भेद स्थापित कर बताया कि मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो सम्पूर्ण शरीर के व्यवहार का बोध कराता है।
(vii) ऐडविन बोरिंग, लैगफील्ड एवं वेल्ड के अनुसार, “मनोविज्ञान मानव प्रकृति का अध्ययन है । “
(viii) चार्ल्स ई. स्किनर ने, “मनोविज्ञान को व्यवहार और अनुभव का अध्ययन करने वाला विज्ञान माना है।” मनोविज्ञान, जीवन की विविध परिस्थितियों में प्राणी की प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है ।
(ix) सी. डब्ल्यू. वैलन्टाइन के अनुसार, “मनोविज्ञान मन का वैज्ञानिक अध्ययन करता है जिसमें बौद्धिक व संवेगात्मक अनुभूतियों के साथ-साथ उत्प्रेरक शक्तियों और सामाजिक व्यवहार को भी सम्मिलित किया जाता है। “
हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे ..
  • Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Facebook पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Google News ज्वाइन करे – Click Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *