‘फड़’ का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

‘फड़’ का संक्षिप्त परिचय दीजिए। उत्तर— फड़ भोपों द्वारा खेली जाती हैं। ये भोपे जल्दी-जल्दी एक स्थान से दूसरे स्थान तक चले जाते हैं । चित्रित फड़ को दर्शकों के सामने खड़ा तान दिया जाता है। भोपा गायक की पत्नी या सहयोगिनी, लालटेन लेकर फड़ के पास नाचती और गाती हुई पहुँचती हैं और वह … Read more

सौन्दर्यशास्त्र के अर्थ एवं अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। ‘पाश्चात्य एवं भारतीय विचारकों के अनुसार सौन्दर्यशास्त्र एवं सौन्दर्य को परिभाषित कीजिए।

सौन्दर्यशास्त्र के अर्थ एवं अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। ‘पाश्चात्य एवं भारतीय विचारकों के अनुसार सौन्दर्यशास्त्र एवं सौन्दर्य को परिभाषित कीजिए। उत्तर— सौन्दर्यशास्त्र का अर्थ–’एस्थेटिक’ शब्द यूनानी भाषा से लिया गया है जिसका मूल रूप ‘Atoantikos ‘ है । यही यूनानी शब्द बाद में ‘ऐस्थेसिस’ हुआ जिसका अर्थ है’ ऐन्द्रिय सुख की चेतना’, इसी ‘एस्थेसिस’ शब्द … Read more

सृजनात्मक लेखन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।

सृजनात्मक लेखन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।  उत्तर— सृजनात्मक लेखन–अपने मन के अनुसार सृष्टि करना मानव स्वभाव का अंग है और रचनात्मकता सबसे पहले आत्माभिव्यक्ति है। इस अभिव्यक्ति के माध्यम के कई रूप हो सकते हैं। कोई शब्दों में, कोई रंगों और रेखाओं में, तो कोई शरीर की भाषा में अपनी बात अभिव्यक्त करने उचित … Read more

सौन्दर्य – बोध से आप क्या समझते हैं? शिक्षा के माध्यम से कला व सौन्दर्य – बोध को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है?

सौन्दर्य – बोध से आप क्या समझते हैं? शिक्षा के माध्यम से कला व सौन्दर्य – बोध को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है?   उत्तर— शिक्षा के द्वारा रूपान्तरित कला एवं सौन्दर्य का बोध–शिक्षा की योजना बहुत समझ-बूझकर बनानी पड़ती है। उसका आधार मुख्यत: दो बातों पर रहना चाहिए । मानव समाज के जो आदर्श … Read more

सृजनात्मकता को परिभाषित करें। सृजनात्मकता की अवधारणा को विस्तार से समझाइए ।

सृजनात्मकता को परिभाषित करें। सृजनात्मकता की अवधारणा को विस्तार से समझाइए ।  उत्तर— सृजनात्मकता–’सृजन’ करना अर्थात् नवीन निर्माण करना । सृजनात्मकता एक कल्पना शक्ति का परिणाम है। जब कोई व्यक्ति कोई मौलिक कृति बनाता है या कहीं देखकर उस आधार पर कोई निर्माण करता है तो वह किसी प्रकार का ‘सृजन’ करता है। अनेक कलाओं … Read more

‘संगीत’ से आप क्या समझते हैं? सांगीतिक वाद्य यंत्रों के विविध प्रकारों को विस्तार से लिखिये ।

‘संगीत’ से आप क्या समझते हैं? सांगीतिक वाद्य यंत्रों के विविध प्रकारों को विस्तार से लिखिये । उत्तर— सांगीतिक वाद्य यंत्रों के विविध प्रकार–वादन क्रिया एवं वाद्यों की संरचना के आधार पर वाद्यों को चार वर्गों में विभाजित किया गया है। वाद्यों के प्रमुख चार प्रकार निम्नलिखित हैं— (1) तंतु वाद्य–तन्तु वाद्य श्रेणी में वे … Read more

संगीत वाद्य तथा उनके प्रकारों का उल्लेख कीजिए।

संगीत वाद्य तथा उनके प्रकारों का उल्लेख कीजिए। उत्तर— वाद्य ‘वाद्य’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है ‘वादनीय’ या ‘बजाने योग्य यंत्र विशेष’ यह शब्द ‘वद्’ धातु से उत्पन्न हुआ है।’ वदतीति वाद्यम्’ जो बोलता है, वही वस्तुतः वाद्य है। ध्यानपूर्वक सुनें तो वाद्य में हमें स्वरों और उसमें बंधे शब्दों का स्पष्ट उच्चारण सुनाई भी … Read more

संगीत से आप क्या समझते हैं? इसकी आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।

संगीत से आप क्या समझते हैं? इसकी आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।  उत्तर— संगीत–संगीत शब्द ‘गीत’ शब्द में ‘सम्’ उपसर्ग लगाकर बना है। ‘सम्’ का अर्थ है ‘सहित’ और ‘गीत’ यानी ‘गान’ । ‘गान के सहित’, अर्थात् अंगभूत क्रियाओं (नृत्य) व वादन के साथ किया हुआ कार्य संगीत कहलाता है। अर्थात् गीत, वाद्य और नृत्य ये … Read more

कला में ‘कल्पना’ की भूमिका समझाइए ।

कला में ‘कल्पना’ की भूमिका समझाइए । उत्तर— कला में कल्पना का बहुत महत्त्व है क्योंकि कल्पना ही वह शक्ति है, जिसके आधार पर कलाकार अपनी नवीन सृष्टि को रूप अथवा आकार प्रदान करता है। इस आधार पर कल्पना कलाकार की सृजनात्मक शक्ति मानी जाती है । भारतीय मत–कलप् + णिय् + युच्’ के संयोग … Read more

कला एवं समाज का सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए ।

कला एवं समाज का सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए ।  उत्तर— कला एवं समाज–क़ोसे (Croce) का मानना है कि कला किसी कलाकार के चेतन मन की क्रिया है । कलाकार अपनी कला से किसी समस्या की अभिव्यक्ति कर अपने दर्शकों, श्रोताओं से सम्बन्ध बनाता है। कलाकार अपने अनुभवों को दूसरों के सामने प्रस्तुत करता है, जिसके लिए … Read more