भारतीय संघीय व्यवस्था में सामयिक दिगों ( Recent trends ) की व्याख्या करें। क्या राज्यों को अधिक क्षमता ( Autonomy ) की आवश्यकता है?

भारतीय संघीय व्यवस्था में सामयिक दिगों ( Recent trends ) की व्याख्या करें। क्या राज्यों को अधिक क्षमता ( Autonomy ) की आवश्यकता है? अथवा भारतीय संघवाद (Indian Federalism) में विगत कुछ वर्षों में उत्पन्न विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उनका विश्लेषण (Anlysis) करें। प्रश्न के दूसरे भाग के लिए राज्यों के अधिक क्षमता देने … Read more

मिली-जुली राजनीति भारतीय संदर्भ का प्रमुख लक्षण हो गया है। परंतु यह व्यवस्था अभी एक स्थायी सरकार प्रदान करने में असफल रही है। अपनी राय लिखें।

मिली-जुली राजनीति भारतीय संदर्भ का प्रमुख लक्षण हो गया है। परंतु यह व्यवस्था अभी एक स्थायी सरकार प्रदान करने में असफल रही है। अपनी राय लिखें। उत्तर – आजादी के बाद सर्वप्रथम केन्द्र में 1977 ई. में मिली-जुली सरकार बनी जो 1974 ई. के जे. पी. आंदोलन और उसके बाद 1975 ई. के आपातकाल तथा … Read more

बिहार के संदर्भ में ग्राम्य स्थानीय सरकार की कार्यों की 1994 से आज तक की व्याख्या करें।

बिहार के संदर्भ में ग्राम्य स्थानीय सरकार की कार्यों की 1994 से आज तक की व्याख्या करें। अथवा 73वां संविधान संशोधन (1993) के बाद बिहार में भी पंचायती राज अधिनियम, 1993 पारित हुआ, जिसने ग्रामीण सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उत्तर- 1993 के पहले भारत में ग्राम्य स्थानीय सरकार ( पंचायती राज … Read more

जाति एवं वर्ग भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस उक्ति की व्याख्या बिहार के संदर्भ में करें।

जाति एवं वर्ग भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस उक्ति की व्याख्या बिहार के संदर्भ में करें। अथवा बिहार में कुछ दल पूर्णत: जाति आधारित राजनीति के आधार पर ही चुनाव जीतते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति विकास की मांग है की व्याख्या करते हुए उत्तर दीजिए। उत्तर – भारतीय राजनीति में जाति समूहों … Read more

विभिन्न ‘नीति-निर्देशक सिद्धांतों का वर्णन कीजिए। 1950 के बाद बिहार में इन्हें किस तरह से क्रियान्वित किया गया है ?

विभिन्न ‘नीति-निर्देशक सिद्धांतों का वर्णन कीजिए। 1950 के बाद बिहार में इन्हें किस तरह से क्रियान्वित किया गया है ? उत्तर- संविधान के भाग 4 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्व हैं। निर्देशक तत्वों का उद्देश्य राज्य के कल्याणकारी स्वरूप की स्थापना करना है। यद्यपि संविधान में निर्देशक तत्वों का वर्गीकरण नहीं किया गया है परंतु … Read more

भारत के निर्वाचन आयोग की शक्ति और कार्यप्रणाली एवं स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में इनकी भूमिका का परीक्षण कीजिए ।

भारत के निर्वाचन आयोग की शक्ति और कार्यप्रणाली एवं स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में इनकी भूमिका का परीक्षण कीजिए । अथवा निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्थिति, कार्य, अधिकार आदि की भी चर्चा करें। उत्तर – भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 निर्वाचनों के लिए मतदाता सूची तैयार कराने और चुनाव के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और … Read more

राज्यपाल की शक्ति और कार्यों तथा इनकी बिहार में भूमिका का वर्णन कीजिए ।

राज्यपाल की शक्ति और कार्यों तथा इनकी बिहार में भूमिका का वर्णन कीजिए । अथवा राज्यपाल की मूल शक्ति तथा उसकी संवैधानिक एवं व्यावहारिक स्थिति के आलोक में परीक्षण करें। प्रश्न का दूसरा भाग सामयिक घटना पर आधारित है। उत्तर – राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रधान होता है। राज्य की संपूर्ण कार्यकारिणी शक्तियां उसमें निहित … Read more

भारतीय संघीय व्यवस्था और केन्द्र राज्य के प्रशासनिक संबंध का राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी परिषद् (NCTC-National Counter Terrorism Centre) के विशेष संदर्भ में वर्णन कीजिए।

भारतीय संघीय व्यवस्था और केन्द्र राज्य के प्रशासनिक संबंध का राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी परिषद् (NCTC-National Counter Terrorism Centre) के विशेष संदर्भ में वर्णन कीजिए। उत्तर- संघीय व्यवस्था में दो स्तर की सरकारें होती हैं। एक केन्द्र के स्तर पर केन्द्र सरकार तथा दूसरी, राज्य के स्तर पर राज्य सरकार । राष्ट्रीय महत्व के विषयों यथा … Read more

न्यायिक पुनरीक्षण से आपका क्या अभिप्राय है? भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ‘मूल ढांचे’ के सिद्धांत का आलोचनात्मक वर्णन कीजिए।

न्यायिक पुनरीक्षण से आपका क्या अभिप्राय है? भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ‘मूल ढांचे’ के सिद्धांत का आलोचनात्मक वर्णन कीजिए। अथवा न्यायिक पुनरीक्षण के आशय को समझाएं एवं संविधान के मूल ढांचे को सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न वादों को ध्यान में रखते हुए आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। उत्तर- न्यायिक पुनरीक्षण का आशय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा … Read more

भारतीय संघात्मक व्यवस्था में केन्द्र तथा राज्यों के मध्य तनाव के क्षेत्रों का विश्लेषण कीजिए। वर्तमान समय में संघीय सरकार तथा बिहार राज्य के मध्य संबंधों का वर्णन कीजिए।

भारतीय संघात्मक व्यवस्था में केन्द्र तथा राज्यों के मध्य तनाव के क्षेत्रों का विश्लेषण कीजिए। वर्तमान समय में संघीय सरकार तथा बिहार राज्य के मध्य संबंधों का वर्णन कीजिए। अथवा केन्द्र-राज्य संबंधों की विवेचना कीजिए तथा उन बिन्दुओं की चर्चा करें जिनसे बिहार राज्य एवं केन्द्र सरकार के संबंध प्रभावित हुए।  उत्तर – संघात्मक व्यवस्था … Read more