जनजातीय नृत्य का वर्णन कीजिए।

जनजातीय नृत्य का वर्णन कीजिए।  उत्तर— जनजातीय नृत्य — ” वनवासियों के लोकनृत्य– भारत का विशाल प्रदेश ‘राजस्थान’ अनेक जातियों की सांस्कृतिक भिन्नता के लिए प्रसिद्ध है। किसी भी देश की आदिम जाति उस देश के अतीत काल की संस्कृति, कला, सामाजिक व्यवस्था तथा इतिहास पर तथा एक लम्बे समय तक चलते जा रहे संघर्षों … Read more

संक्षेप में ‘साहित्य’ का वर्णन कीजिए।

संक्षेप में ‘साहित्य’ का वर्णन कीजिए।  उत्तर— साहित्य – कला को किसी भी भाषा की लिपि का जनक कहा जा सकता है, क्योंकि वर्णों का निर्माण कला पर आधारित है, जिन्हें पिक्टोग्राफ कहा जाता है। कला एवं साहित्य का उद्गम स्थान एक ही है, दोनों हमारे मनोभावों और अनुभूतियों में जन्म लेते हैं। साहित्यकार जिन … Read more

आत्म विकास क्या है ?

आत्म विकास क्या है ? उत्तर— आत्म विकास — यह एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है क्योंकि यह व्यक्तियों को उनके जीवन के बारे में कुछ परिप्रेक्ष्य हासिल करने का अवसर प्रदान करता है, ताकि वे अपने वापदा के लिए योजना बनाना शुरू कर सकें। बहुत बार, जब हम कोई निर्णय लेते हैं तो हम उस … Read more

‘मूल्यों’ से आपका क्या अभिप्राय है ?

‘मूल्यों’ से आपका क्या अभिप्राय है ? उत्तर— मूल्यों का अर्थ — मूल्य सहित जीवन ही अर्थपूर्ण है, मूल्य रहित जीवन कुछ भी नहीं। जो मनुष्य मूल्यों को महत्त्व देता है, वो समाज में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसा व्यक्ति समय को महत्त्व देता है, वह प्रत्येक पल का भरपूर आनन्द लेता है एवं उसका … Read more

किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए

किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए (अ) राजस्थान का लोकनाट्य (ब) रंगोली (स) वाद्य यंत्रों के प्रकार (द) भारतीय शास्त्रीय नृत्य उत्तर— (अ) राजस्थान का लोकनाट्य-नाट्य की परम्परा बड़ी प्राचीन है जिसको हम ख्याल, स्वांग और लीला के रूप में प्रचलित पाते हैं। विशेष प्रकार के आयोजन तथा धुनों से सम्बद्ध ख्यात, लीलाएँ और स्वांग … Read more

‘नाटक’ का विस्तृत परिचय लिखिए। इसका अर्थ एवं परिभाषा देते हुए इसके विभिन्न प्रकारों को समझाइये ।

‘नाटक’ का विस्तृत परिचय लिखिए। इसका अर्थ एवं परिभाषा देते हुए इसके विभिन्न प्रकारों को समझाइये । उत्तर— नाटक दृश्य काव्य है जिसका प्रदर्शन अभिनय द्वारा होता है। इसलिए इसका प्रभाव साहित्य की अन्य विधाओं से अधिक पड़ता हैं। इसके साथ वे नाटक जनसाधारण सम्बन्ध विद्या है। इनमें लोकरंजन एवं लोकहित की भावना निहित है। … Read more

“कला समाज का दर्पण है ?” इस कंथन को स्पष्ट करते हुए कला का राष्ट्रीय एकता एवं संस्कृति को सूत्र में क्या भूमिका है ?

“कला समाज का दर्पण है ?” इस कंथन को स्पष्ट करते हुए कला का राष्ट्रीय एकता एवं संस्कृति को सूत्र में क्या भूमिका है ? उत्तर— कला एवं समाज – क्रोसे (Croce) का मानना है कि कला किसी कलाकार के चेतन मन की क्रिया है। कलाकार अपनी कला से किसी समस्या को अभिव्यक्ति कर अपने … Read more

सौन्दर्य बोध को परिभाषित करें। मानव जीवन के सौन्दर्यानुभूति का क्या महत्त्व है ?

सौन्दर्य बोध को परिभाषित करें। मानव जीवन के सौन्दर्यानुभूति का क्या महत्त्व है ? उत्तर— सौन्दर्य – बोध– सौन्दर्य बोध मूल प्रवृत्ति है जो समस्त उन्नत कोटि के जीवधारियों में पाई जाती है। अतः सौन्दर्य अनुभूति में प्रवृत्त कराने वाली वृत्ति का नाम सौन्दर्य – बोध है । वस्तु की आकारिक संरचना से प्राप्त रूप … Read more

बालकों के लिए जीवन में संचार-साधन एवं इलेक्ट्रानिक कला की भूमिका को समझाइये ।

बालकों के लिए जीवन में संचार-साधन एवं इलेक्ट्रानिक कला की भूमिका को समझाइये । उत्तर— बालकों के लिए जीवन में संचार – साधन एवं इलेक्ट्रानिक कला की भूमिका— (1) ICT के प्रयोग से विद्यार्थियों को उत्प्रेरणा प्राप्त होती है, उनकी पाठ में रुचि बढ़ जाती है तथा अधिगम क्रिया सरल हो जाती है । (2) … Read more

“मानवीय दक्षताओं का विकास रचनात्मक कलाओं के बिना असम्भव है ।” उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

“मानवीय दक्षताओं का विकास रचनात्मक कलाओं के बिना असम्भव है ।” उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। उत्तर— कला हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का महत्त्वपूर्ण कार्य करती है, इसके लिए वह विद्यार्थियों के वैयक्तिक और सामाजिक विकास का दायित्व निभाती है। कला के शैक्षिक मूल्यों को विद्यार्थी के बहुपक्षीय विकास के संदर्भ में व्याख्यायित किया … Read more