बिहार में 1857 के विद्रोह के उद्भव के कारणों की विवेचना करें तथा उसकी असफलता का उल्लेख करें।

बिहार में 1857 के विद्रोह के उद्भव के कारणों की विवेचना करें तथा उसकी असफलता का उल्लेख करें। (47वीं BPSC/2007) अथवा विद्रोह के विभिन्न कारणों का वर्णन करते हुए उनकी असफलता को लिखें। उत्तर- 1857 का विद्रोह अंग्रेजों के खिलाफ प्रथम व्यापक विद्रोह था जो काफी बड़े क्षेत्र में फैला एवं इसका नेतृत्व भी अनेक … Read more

रवीन्द्रनाथ टैगोर के सामाजिक और सांस्कृतिक विचारों की महत्ता का वर्णन कीजिए।

रवीन्द्रनाथ टैगोर के सामाजिक और सांस्कृतिक विचारों की महत्ता का वर्णन कीजिए। (48वीं-52वीं BPSC/2009 ) अथवा टैगोर एक महान विचारक एवं साहित्यकार थे, अतः उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक विचार महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उनके मूल विचारों एवं उसके महत्त्वों का वर्णन करें। उत्तर– टैगोर के सामाजिक विचार काफी उत्कृष्ट, समानता, मानवता एवं विश्वबंधुत्व की भावना … Read more

1942 के QIM में बिहार के योगदान का वर्णन करें।

1942 के QIM में बिहार के योगदान का वर्णन करें। (48वीं-52वीं BPSC/2009) अथवा QIM का स्वरूप लगभग नेतृत्वहीन, हिंसात्मक एवं तोड़-फोड़ वाला था एवं इसका विस्तार लगभग पूरे बिहार में छात्रों, किसानों, मध्यम वर्गों द्वारा हुआ, बताते हुए लिखें। उत्तर– क्रिप्स की असफलता ने गांधी जी के विचारों में बड़ा परिवर्तन ला दिया एवं जुलाई … Read more

1940-41 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में बिहार के योगदान का वर्णन कीजिए।

1940-41 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में बिहार के योगदान का वर्णन कीजिए। (53-55वीं BPSC/2012 ) उत्तर– बिहार में देश और समाज के प्रति राजनीतिक चेतना प्रारंभ से ही रही है। आधुनिक काल में भी राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रत्येक चरण में बिहार ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 1940-41 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में भी बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका … Read more

1857 की क्रांति में कुंवर सिंह के योगदान का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

1857 की क्रांति में कुंवर सिंह के योगदान का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (53-55वीं BPSC/2012) अथवा 1857 के विद्रोह में कुंवर सिंह के बिहार तथा अन्य क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका का मूल्यांकन करें। > दानापुर से सैनिकों के आरा पहुंचने पर कुंवर सिंह ने नेतृत्व स्वीकार करते हुए विद्रोह प्रारंभ किया। > स्वयं को आरा का … Read more

बिहार के विशेष संदर्भ में 1857 की क्रांति के महत्व की आलोचनात्मक विवेचना कीजिए |

बिहार के विशेष संदर्भ में 1857 की क्रांति के महत्व की आलोचनात्मक विवेचना कीजिए |  (56-59वीं BPSC/2016) अथवा 1857 की क्रांति का बिहार राज्य पर प्रभाव के सकरात्मक-नकारात्मक पहलुओं की चर्चा कीजिए। उत्तर – अंग्रेजी सत्ता को बिहार में सबसे सशक्त विरोध का सामना 1857 में करना पड़ा। राष्ट्रीय भावना के जागरण के पूर्व, ब्रिटिश … Read more

आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू की भूमिका की समीक्षा कीजिए |

आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू की भूमिका की समीक्षा कीजिए | (56-59वीं BPSC/2016) अथवा आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू जी के आदर्शों की चर्चा कीजिए। उत्तर – आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू जी की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे कई पाश्चात्य विचारधाराओं से प्रभावित थे, परन्तु उनसे आक्रान्त नहीं थे। इन विचारधाराओं को … Read more

राष्ट्रवाद को परिभाषित कीजिए । रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे किस प्रकार परिभाषित किया ?

राष्ट्रवाद को परिभाषित कीजिए । रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे किस प्रकार परिभाषित किया ? (56-59वीं BPSC/2016) अथवा राष्ट्रवाद क्या है? रवीन्द्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद संबंधी आदर्शों की चर्चा कीजिए। उत्तर– भारत में राष्ट्रीयता का विकास ब्रिटिश हुकूमत का शोषण के परिणाम था। इस राष्ट्रीयता की भावना ने भारतीय इतिहास की धारा को प्रभावित किया। राष्ट्रीयता … Read more

किसान विद्रोहों के लिए चम्पारण सत्याग्रह के महत्व को स्पष्ट कीजिए |

किसान विद्रोहों के लिए चम्पारण सत्याग्रह के महत्व को स्पष्ट कीजिए | (56-59वीं BPSC/2016) अथवा चम्पारण सत्याग्रह अन्य किसान आंदोलनों का पथ-प्रदर्शक था। इसे स्पष्ट करते हुए उन बिन्दुओं की चर्चा करें। उत्तर– 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध और 20वीं शताब्दी के पूवार्द्ध में अपनी दयनीय स्थिति से क्षुब्ध होकर किसानों ने अनेकों बार विद्रोह एवं … Read more

जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति के प्रमुख लक्षणों का परीक्षण कीजिए ।

जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति के प्रमुख लक्षणों का परीक्षण कीजिए । (60-62वीं BPSC/2018) अथवा जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति गुट निरपेक्षता एवं पंचशील पर आधारित थी। इसके प्रमुख लक्षणों का वर्णन करें।  उत्तर– 1946 में जब पहली बार भारतीयों को अपनी विदेश नीति स्वतंत्र रूप से निर्धारण करने का अवसर मिला तो उस समय … Read more