डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और राष्ट्रीय आन्दोलन

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और राष्ट्रीय आन्दोलन उत्तर– डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति थे। राष्ट्र के लिए उनका योगदान बहुत गहरा है । वह जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और लाल बहादुर शास्त्री के साथ भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वह उन भावुक व्यक्तियों में से एक थे जिन्होंने … Read more

राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के सामाजिक और आर्थिक चिन्तन की व्याख्या कीजिए।

राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के सामाजिक और आर्थिक चिन्तन की व्याख्या कीजिए। (65वीं BPSC/2020 ) लोहिया एवं जयप्रकाश के सामाजिक, आर्थिक स्तर पर उनके बुनियादी सोच को उद्घाटित करें। अथवा लोहिया के सामाजिक और आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए उनके द्वारा सुझाए गए उपायों का उल्लेख करें। उत्तर – राम मनोहर … Read more

स्वामी सहजानन्द और किसान सभा आन्दोलन पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्वामी सहजानन्द और किसान सभा आन्दोलन पर एक टिप्पणी लिखिए।  ( 65वीं BPSC/2020 ) उत्तर- बिहार में किसानों की समस्याओं के समाधान एवं उनके संगठित करने के उद्देश्य से 1923 में मुंगेर में किसान सभा का गठन किया गया। इस सभा का गठन मो. जुबैर एवं श्रीकृष्ण सिंह ने किया था। परंतु किसान आंदोलन को … Read more

1857 के विद्रोह के क्या कारण थे? बिहार में उसका प्रभाव क्या था ?

1857 के विद्रोह के क्या कारण थे? बिहार में उसका प्रभाव क्या था ? ( 65वीं BPSC / 2020 ) अथवा विद्रोह के कारणों का उल्लेख करते हुए विद्रोह के परिणाम अथवा प्रभाव को बताएं। उत्तर -1857 का विद्रोह अंग्रेजों के खिलाफ प्रथम व्यापक विद्रोह था जो काफी बड़े क्षेत्र में फैला एवं इसका नेतृत्व … Read more

सुभाषचन्द्र बोस और आइ.एन.ए.

सुभाषचन्द्र बोस और आइ.एन.ए. उत्तर- भारत की आजादी के आंदोलन में ऐसे अनेक क्रांतिकारी महानायक उभरे जिन्होंने मुल्क को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और हमेशा के लिए अपने देशवासियों के दिलों पर छा गए। ऐसे ही क्रांतिकारी थे- नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिन्होंने देश की आजादी के लिए … Read more

जयप्रकाश नारायण और भारत छोड़ो आन्दोलन

जयप्रकाश नारायण और भारत छोड़ो आन्दोलन उत्तर– भारत छोड़ो आंदोलन द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 8 अगस्त, 1942 को आरम्भ किया गया था। भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज महात्मा गांधी ने किया था। आंदोलन का मकसद भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराना था। यह आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्वान … Read more

सत्याग्रह पर गांधीजी के विचार

सत्याग्रह पर गांधीजी के विचार (66वीं BPSC/2021 ) उत्तर– “यदि मैं बिल्कुल अकेला भी होउं तो भी सत्य और अहिंसा पर दृढ़ रहूंगा, क्योंकि यही मेरा सबसे आला दर्जे का साहस है जिसके सामने ‘एटम बम’ भी निष्क्रिय हो जाता है।’ –  महात्मा गांधी एक आंदोलन के दौरान गांधीजी ने लार्ड हंटर के सामने सत्याग्रह … Read more

साम्प्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता पर नेहरू के विचार की विवेचना कीजिए |

साम्प्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता पर नेहरू के विचार की विवेचना कीजिए | (66वीं BPSC/2021 ) अथवा धर्म और साम्प्रदाय के प्रति नेहरू के निजी विचारों को संदर्भ सहित उद्घाटित करें। अथवा साम्प्रदायिकता को नेहरू एक राजनीतिक उपज मानते थे, इसका उल्लेख करें । अथवा प्रधानमंत्रीत्व काल में साम्प्रदायिकता और धार्मिक कट्टरता को लेकर दिए गए नेहरू … Read more

“चम्पारणं सत्याग्रह स्वाधीनता संघर्ष का एक निर्णायक मोड़ था । ” स्पष्ट कीजिए।

“चम्पारणं सत्याग्रह स्वाधीनता संघर्ष का एक निर्णायक मोड़ था । ” स्पष्ट कीजिए। (66वीं BPSC/2021 ) अथवा नील की खेती की तिनकठिया प्रथा और किसानों की खराब माली हालत को उद्घाटित करें। अथवा किसानों की दुर्दशा से आहत गांधीजी का चंपारण दौरा और उनके सत्याग्रह के साथ अपार जनभागीदारी की चर्चा करें। अथवा इस प्रथम … Read more

बिरसा आंदोलन के स्वरूप की व्याख्या करते हुए जनजाति शासन पर इसके प्रभावों की चर्चा करें।

बिरसा आंदोलन के स्वरूप की व्याख्या करते हुए जनजाति शासन पर इसके प्रभावों की चर्चा करें।  ( 42वीं BPSC/1999 ) अथवा आंदोलन के स्वरूप का वर्णन करते हुए आंदोलन के बाद के प्रभाव की चर्चा करें । उत्तर- बिरसा मुंडा के नेतृत्व में मुंडा जनजाति ने एक तीव्र विद्रोह 1899-1900 में किया। अन्य जनजातीय विद्रोहों … Read more