उपन्यास किसे कहते है? उपन्यास का विकास क्रम

उपन्यास किसे कहते है? उपन्यास का विकास क्रम उपन्यास किसे कहते हैं? उपन्यास का क्या अर्थ हैं  Upanyan arth paribhasha visheshta vikas;उपन्यास शब्द ‘उप’ उपसर्ग और ‘न्यास’ पद के योग से बना है। जिसका अर्थ है उप= समीप, न्याय रखना स्थापित रखना (निकट रखी हुई वस्तु)। अर्थात् वह वस्तु या कृति जिसको पढ़कर पाठक को … Read more

नाटक किसे कहते है? परिभाषा, विकास क्रम और तत्व

नाटक किसे कहते है? परिभाषा, विकास क्रम और तत्व नाटक किसे कहते है? नाटक का क्या अर्थ हैं {natak kise kahate hain} नाटक “नट” शब्द से निर्मित है जिसका आशय हैं— सात्त्विक भावों का अभिनय। नाटक दृश्य काव्य के अंतर्गत आता है  । इसका प्रदर्शन रंगमंच पर होता हैं। भारतेंदु हरिशचन्द्र ने नाटक के लक्षण … Read more

रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय

रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय (ramchandra shukla ka jivan parichay) आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म बस्ती जिले के आगोन नामक एक गांव मे सन् 1884 मे हुआ था। आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य के कालजयी समीक्षक, इतिहासकार एवं साहित्यकार थे। शुक्ल जी के पिता का नाम चंद्रबली था। जब यह … Read more

छायावाद किसे कहते हैं? छायावादी काव्य की मुख्य विशेषताएं

छायावाद किसे कहते हैं? छायावादी काव्य की मुख्य विशेषताएं हिन्दी साहित्य के आधुनिक चरण मे द्विवेदी युग के पश्चात हिन्दी काव्य की जो धारा विषय वस्तु की दृष्टि से स्वच्छंद प्रेमभावना, पकृति मे मानवीय क्रिया कलापों तथा भाव-व्यापारों के आरोपण और कला की दृष्टि से लाक्षणिकता प्रधान नवीन अभिव्यंजना-पद्धति को लेकर चली, उसे छायावाद कहा … Read more

प्रगतिवाद किसे कहते हैं? प्रगतिवाद की विशेषताएं

प्रगतिवाद किसे कहते हैं? प्रगतिवाद की विशेषताएं प्रगतिवाद किसे कहते हैं? (pragativad kise kahte  hai) प्रगतिवाद क्या हैं प्रगतिवाद भौतिक जीवन से उदासीन आत्मनिर्भर, सूक्ष्म, अन्तर्मुखी प्रवृति के विरूद्ध प्रतिक्रिया के रूप मे, लोक विरूद्ध जगत की तार्किक प्रतिक्रिया है। प्रगतिवाद का प्रेरणा स्रोत कार्ल मार्क्स का द्वंद्वात्मक भौतिकवादी है। सामाजिक चेतना और भावबोध काव्य … Read more

प्रयोगवाद किसे कहते हैं? प्रयोगवाद की विशेषताएं

प्रयोगवाद किसे कहते हैं? प्रयोगवाद की विशेषताएं हिन्दी मे प्रयोगवाद का प्रारंभ सन् 1943 मे अज्ञेय के सम्पादन मे प्रकाशित तारसप्तक से माना जा सकता है। इसकी भूमिका मे अज्ञेय ने लिखा है-कि कवि नवीन राहों के अन्वेषी हैं।” स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात अज्ञेय के सम्पादक मे प्रतीक पत्रिका प्रकाशन हुआ। उसमे प्रयोगवाद का स्वरूप … Read more

रहस्यवाद किसे कहते हैं? रहस्यवाद की विशेषताएं

रहस्यवाद किसे कहते हैं? रहस्यवाद की विशेषताएं हिन्दी कविता  मे रहस्यवाद का काल निर्धारण करना कठिन हैं क्योंकि रहस्यवाद सृष्टि के आरम्भ से ही कवितायों को प्रिय रहा है। वेदों मे ऊषा, मेघ सरिता आदि के वर्णन मे अव्यक्त परमात्मा के स्परूप को लक्ष्य किया गया है। यह प्रकृति और जगत ही रहस्यमय है। कण-कण … Read more

नई कविता किसे कहते हैं? नई कविता की विशेषताएं

नई कविता किसे कहते हैं? नई कविता की विशेषताएं नई कविता सन् 1950 ई. के बाद नई कविता का नया रूप शुरू हुआ। प्रयोगवादी कविता ही विकसित होकर नई कविता कहलायी। यह कविता किसी भी प्रकार के वाद के बन्धन मे न बँधकर वाद मुक्त होकर रची गयी।  नई कविता की विषय वस्तु मात्र चमत्कार … Read more

डायरी किसे कहते है? (dayri kise kahate hain)

डायरी किसे कहते है? (dayri kise kahate hain) डायरी पत्र से भी अधिक निजी रहस्यों का उद्घाटन करती है। डायरी मे लेखक अपनी शक्ति और दुर्बलता, क्रिया-प्रतिक्रिया, सम्पर्क-संबंध, शत्रुता-मित्रता आदि का लेखा-जोखा तथा विश्लेषण भी करता है। लेख की निजी वस्तु होती है। इसमें लेखक तिथि वेशेष में घटित घटनाक्रम को यथा तथ्य अपनी संक्षिप्त … Read more

बैल की बिक्री, हिन्दी कहानी

बैल की बिक्री, हिन्दी कहानी लेखक का संक्षिप्त परिचय; हिन्दी के विनम्र सेवक और संत साहित्यकार सियाराम शरण गुप्त का जन्म सन् 1895 ई. मे झाँसी जिले के चिरगाँव नामक स्थान मे हुआ था। वे राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त के छोटे भाई थे। गुप्त जी की प्रारंभिक शिक्षा ग्राम की पाठशाल मे ही सम्पन्न हुई, … Read more