बिहार के लोक नाट्य

बिहार के लोक नाट्य बिहार के लोक नाट्य (Folk Drama of Bihar) जट-जाटिन – प्रत्येक वर्ष सावन से लगभग कार्तिक माह की पूर्णिमा तक केवल अविवाहितों द्वारा अभिनीत इस लोकनाट्य में जट-जाटिन के वैवाहिक जीवन को प्रदर्शित किया जाता है। सामा-चकेवा – प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी से पूर्णमासी तक अभिनीत इस लोक … Read more

बिहार का लोक नृत्य (Folk Dance of Bihar)

बिहार का लोक नृत्य (Folk Dance of Bihar) बिहार का लोक नृत्य (Folk Dance of Bihar) छऊ नृत्य – यह लोकनृत्य युद्ध भूमि से संबंधित है, जिसमें नृत्य शारीरिक भाव भंगिमाओं, ओजस्वी स्वरों तथा पगों का धीमी-तीव्र गति द्वारा संचालन होता है। इस नृत्य की दो श्रेणियां हैं – प्रथम ‘हतियार श्रेणी’ जिसमें वीर रस की … Read more

बिहार का लोक संगीत

बिहार का लोक संगीत बिहार का लोक संगीत (Folk Music of Bihar) बिहार में संगीत का प्रारंभ वैदिक युग में हुआ। भृगु, गौतम, याज्ञवलक्य आदि जैसे श्रेष्ठ ऋषि-मुनियों का संगीत साधना में प्रमुख स्थान था, जिनके आश्रम बिहार की भूमि पर अवस्थित थे। उत्तर बिहार के मिथिलांचल में 13वीं शताब्दी के आरंभ में ही नयदेव द्वारा संगीत … Read more

बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थल

बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थल बिहार राज्य सभी धर्मों के एक विशेष केंद्र था, आज भी बिहार में अनेकता में एकता के लिए प्रसिद्ध है। बिहार राज्य भारत के कुछ महान साम्राज्यों और महान महापुरुषों जी जन्म व कर्म भूमि रही है। बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थल इस प्रकार है – मंदिर (Temple) आरण्य देवी … Read more

स्वयं सहायता समूह क्या है? इसमें महिलाएँ अपनी भूमिका किस प्रकार निभाती है ?

स्वयं सहायता समूह क्या है? इसमें महिलाएँ अपनी भूमिका किस प्रकार निभाती है ? उत्तर- स्वयं सहायता समूह वास्तव में ग्रामीण क्षेत्र में 15-20 व्यक्तियों (खासकर महिलाओं) का एक अनौपचारिक समूह होता है। जो अपनी बचत तथा बैंकों से लघु ऋण लेकर अपने सदस्यों के पारिवारिक जरूरतों को पूरा करते हैं। स्वयं सहायता समूह में … Read more

सूक्ष्मवित्त योजना से महिलाएँ किस प्रकार लाभांवित हुई हैं ?

सूक्ष्मवित्त योजना से महिलाएँ किस प्रकार लाभांवित हुई हैं ? उत्तर-भारत में ऋण के औपचारिक श्रोत जैसे बैंक से ऋण प्राप्त करने के लिए ऋणाधार की आवश्यकता पड़ती है। गरीब महिला के पास प्रायः यह नहीं होता। कर्जदार बही-खाते में गड़बड़ी कर वे उनका शोषण करते हैं। महिलाएँ स्वयं सहायता समूह में अपने आपको संगठित … Read more

भारत में सहकारिता की शुरुआत किस प्रकार हुई ? संक्षिप्त वर्णन करें।

भारत में सहकारिता की शुरुआत किस प्रकार हुई ? संक्षिप्त वर्णन करें। उत्तर-भारत में सर्वप्रथम 1904 में एक “सहकारिता साख समिति विधान” पारित हुआ जिसके अनुसार कोई भी दस व्यक्ति मिलकर सहकारी साख समिति की स्थापना कर सकते थे। सन् 1912 में एक और अधिनियम आया जिसके अंतर्गत ऋण के अतिरिक्त अन्य उद्देश्यों के लिए … Read more

भारत में सहकारिता के विकास का वर्णन करें।

भारत में सहकारिता के विकास का वर्णन करें। उत्तर- भारत में सहकारिता की शुरुआत विधिवत रूप से सहकारी साख अधिनियम, 1904 के पारित होने के बाद ही हुई। इसके अनुसार गाँव या नगर में कोई भी दस व्यक्ति मिलकर सहकारी साख समिति की स्थापना कर सकते हैं। लेकिन 1904 में जो अधिनियम पारित हुआ, उसके … Read more

सहकारिता के मूल तत्व क्या हैं? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का वर्णन करें।

सहकारिता के मूल तत्व क्या हैं? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का वर्णन करें। उत्तर-सहकारिता एक ऐच्छिक संगठन है। इसमें व्यक्ति स्वेच्छा से अपनी आर्थिक उन्नति के लिए सम्मिलित होते हैं। सहकारिता के मूल तत्त्व इस प्रकार हैं (i) सहकारिता एक ऐच्छिक संगठन है। (ii) इसमें सभी सदस्यों को समान अधिकार प्राप्त होते हैं। … Read more

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के विभिन्न कार्यों की विवेचना कीजिए।

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के विभिन्न कार्यों की विवेचना कीजिए। उत्तर-रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं (i) रिजर्व बैंक को नोट निर्गमन का एकाधिकार प्राप्त है। (ii) रिजर्व बैंक केन्द्रीय तथा राज्य सरकारों के बैंकिंग सम्बन्धी समस्त कार्य करता है। (iii) रिजर्व बैंक बैंकों का बैंक है। यह आवश्यकता के समय उनकी … Read more