किम्बाल यंग के अनुसार नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं?

किम्बाल यंग के अनुसार नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं? प्रश्न – किम्बाल यंग के अनुसार नेतृत्व की विभिन्न शैलियाँ कौन-कौन सी हैं? उत्तर- नेतृत्व की शैलियाँ – एक नेता का जो आचरण तथा काम का ढंग होता है उसे ही नेतृत्व की शैली कहा जाता है। किम्बाल यंग के अनुसार नेतृत्व की निम्नलिखित … Read more

विद्यार्थियों को अधिगम हेतु किस प्रकार अभिप्रेरित किया जा सकता है?

विद्यार्थियों को अधिगम हेतु किस प्रकार अभिप्रेरित किया जा सकता है? प्रश्न – विद्यार्थियों को अधिगम हेतु किस प्रकार अभिप्रेरित किया जा सकता है?  उत्तर– विद्यार्थियों को अधिगम हेतु अभिप्रेरित करने की विधियाँ – विद्यार्थियों को अधिगम हेतु अभिप्रेरित करने के लिए विभिन्न प्रकार की प्रविधियाँ का चयन किया गया है जिनका वर्णन निम्नलिखित प्रकार … Read more

अच्छी स्मृति के लक्षणों को स्पष्ट कीजिए ।

अच्छी स्मृति के लक्षणों को स्पष्ट कीजिए । प्रश्न – अच्छी स्मृति के लक्षणों को स्पष्ट कीजिए । उत्तर – अच्छी स्मृति के लक्षण जीवन में वही व्यक्ति सफलता के शिखर पर शीघ्र पहुँचता है जिसकी स्मृति अच्छी होती है। ऐसा व्यक्ति भूतकाल की घटनाओं का स्मरण कर, वर्तमान में उसका लाभ उठाकर, भविष्य को … Read more

बुद्धि के प्रकारों के चर्चा कीजिए ।

बुद्धि के प्रकारों के चर्चा कीजिए । प्रश्न- बुद्धि के प्रकारों के चर्चा कीजिए ।  उत्तर – बुद्धि के प्रकार – साधारण जीवन में यह देखा गया है कि कोई भी व्यक्ति सभी क्षेत्रों में एक सा निपुण नहीं होता। उच्च अमूर्त चिन्तन योग्यता वाला व्यक्ति सम्भवतः सामाजिक जीवन की क्रियाओं में परेशानी अनुभव करे … Read more

व्यक्तित्व निर्धारण हेतु कौन से कारक जिम्मेदार हैं?

व्यक्तित्व निर्धारण हेतु कौन से कारक जिम्मेदार हैं? प्रश्न – व्यक्तित्व निर्धारण हेतु कौन से कारक जिम्मेदार हैं? उत्तर– व्यक्तित्व निर्धारण हेतु निर्धारक तत्व- व्यक्तित्व के विकास में वंशानुगत प्रभावों में शरीर व ग्रन्थि रचना दोनों ही आते हैं। शारीरिक रचना का अस्पष्ट रूप से प्रभाव पड़ता ही है। व्यक्ति के साथ उसके साथियों द्वारा … Read more

गैस्टाल्टवाद के अधिगम सिद्धान्त का कीजिए ।

गैस्टाल्टवाद के अधिगम सिद्धान्त का कीजिए । प्रश्न – गैस्टाल्टवाद के अधिगम सिद्धान्त का कीजिए । उत्तर– गैस्टाल्टवाद का अधिगम सिद्धान्त- गेस्टाल्ट सिद्धान्त ने अधिगम को बहुत प्रभावित किया है। गेस्टाल्ट शब्द से किसी वस्तु या अनुभव में निहित समग्रता का पता चलता है। इसके प्रमुख सिद्धान्त इस प्रकार हैं –  (1) मनोवैज्ञानिक – क्षेत्र … Read more

लोथल सभ्यता (2400 ई.पू.)

लोथल सभ्यता (2400 ई.पू.) लोथल (गुजराती: લોથલ), प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के शहरों में से एक बहुत ही महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है। लगभग 2400 ईसापूर्व पुराना यह शहर भारत के राज्य गुजरात के भाल क्षेत्र में स्थित है और इसकी खोज सन 1954 में हुई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस शहर की खुदाई 13 फ़रवरी 1955 से लेकर 19 मई 1956 के मध्य की थी। … Read more

मोहन जोदड़ो सभ्यता (2700 ई. पू. से 1900 ई.)

मोहन जोदड़ो सभ्यता (2700 ई. पू. से 1900 ई.) मोहनजोदड़ो प्राचीन समय का एक विकसित शहर भी था जहाँ के लोगों का मुख्य पेशा व्यवसाय था| इतिहासकरों का यह मन्ना है कि इस समय के लोग विकसित थे| और प्राचीन समय का यह एक शहर था| वैसे तो सिन्धु घाटी सभ्यता का क्षेत्र काफी विशाल … Read more

हड़प्पा सभ्यता (2300 – 1750 ई. पू.)

हड़प्पा सभ्यता (2300 – 1750 ई. पू.) सिन्धु सभ्यता (indus valley civilization) वास्तव में भारतीय ही है। यह भवन निर्माण और उद्योग के साथ – साथ वेश भूषा तथा धर्म में आधुनिक भारतीय संस्कृति का आधार है ।मोहनजोदड़ो में ऐसी विशेषताएं दृष्टिगोचर होती है ऐतिहासिक भारत में सदा विद्दमान रहीं हैं।……….प्रो० गार्डन चाइल्ड इयं में गंगे यमुने … Read more

बिहार पर तुर्क आक्रमण (Turkish attacks on Bihar)

बिहार पर तुर्क आक्रमण (Turkish attacks on Bihar) बिहार में तुर्क शासन – बिहार इतिहास 12वी और तेरहवीं सर्दियों के मोड़ पर तुर्क आक्रमण के समय बिहार का क्षेत्र एक संगठित राजनीतिक इकाई नहीं बना था. उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच गंगा नदी एक भौगोलिक विभाजन रेखा के साथ साथ राजनीतिक सीमा रेखा भी … Read more