वन को ‘अनुपम संसाधन’ क्यों कहा गया है?

वन को ‘अनुपम संसाधन’ क्यों कहा गया है? उत्तर ⇒ वन राष्ट्रीय संपत्ति है। एक महत्त्वपूर्ण नवीकरणीय संसाधन है। इससे तापमान में कमी और वर्षा की मात्रा में वृद्धि होती है। जिससे जलवायु अनुकूल बनीं रहती है। वनों से भूमि कटाव कम होता है और नदियों में जल प्रवाह सामान्य बना रहता है। पशु पक्षियों के … Read more

ऊर्जा संसाधन के महत्त्व पर प्रकाश डालें।

ऊर्जा संसाधन के महत्त्व पर प्रकाश डालें। उत्तर ⇒ शक्ति के साधन को ऊर्जा संसाधन भी कहा जाता है। ऊर्जा आधुनिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। ये आर्थिक क्रियाओं के लिए अनिवार्य हो गई है। किसी भी देश के औद्योगिक, कृषि, यातायात के विकास के लिए ऊजो अथ शक्ति के साधनों की आवश्यकता होती है। शक्ति … Read more

संसाधन के नियोजन से आप क्या समझते हैं? इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालें।

संसाधन के नियोजन से आप क्या समझते हैं? इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालें। उत्तर ⇒ संसार में संसाधनों का वितरण असमान रूप से फैला हुआ है। किसी। क्षेत्र में यह आवश्यकता से अधिक तो किसी क्षेत्र में आवश्यकता से कम मात्रा में। पाई जाती है। – भारत में तो यह क्षेत्रीय विविधता और भी अधिक है। … Read more

शक्ति संसाधनों के संरक्षण हेतु कौन-कौन से उपाय किये जा सकते हैं ? आप इसमें कैसे मदद पहुँचा सकते हैं ?

शक्ति संसाधनों के संरक्षण हेतु कौन-कौन से उपाय किये जा सकते हैं ? आप इसमें कैसे मदद पहुँचा सकते हैं ? उत्तर ⇒  शक्ति संसाधन के संरक्षण के लिए निम्न उपाय किए जा सकते हैं – (i) ऊर्जा के उपयोग में मितव्ययिता- ऊर्जा का उचित एवं आदर्शतम उपयोग होने से ऊर्जा का दुरुपयोग नहीं होता है। (ii) … Read more

संसाधनों के संरक्षण से क्या तात्पर्य है? यह संरक्षण किस प्रकार किया जा सकता है ?

संसाधनों के संरक्षण से क्या तात्पर्य है? यह संरक्षण किस प्रकार किया जा सकता है ? उत्तर ⇒ मानव प्राकृतिक संसाधनों का सृष्टिकर्ता नहीं है इसलिए मानव प्राकृतिक संसाधन को पूँजी समझकर उपयोग करे। इसका तात्पर्य यह है कि संसाधनों के उपयोग में कम-से-कम दुरुपयोग हो, उनकी कम-से-कम बर्बादी हो। मिट्टी जैसी संपदा की उर्वरता बनी … Read more

संसाधन से क्या समझते हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट करें।

संसाधन से क्या समझते हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट करें। उत्तर ⇒ वातावरण में पाये जाने वाले वे सभी पदार्थ जो हमें उपलब्ध है और हमारे जीवन की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरी करे संसाधन कहलाते हैं। परंतु संसाधन तभी कहे जायेंगे जब हमें उन तक पहुँचने की तकनीक की जानकारी हो साथ ही उनके प्राप्त करने, उपयोग … Read more

“संसाधन हुआ नहीं करते, बना करते हैं। इस कथन की व्याख्या करें।

“संसाधन हुआ नहीं करते, बना करते हैं। इस कथन की व्याख्या करें। उत्तर ⇒ संसार में अनकों प्राकृतिक पदार्थ बिखरे पड़े हैं जब तक उनका उपयोग नहीं किया जाता है वे संसाधन नहीं बन पाते। मनुष्य उन्हें पता लगाता है, फिर अपनी बुद्धि, विवेक, क्षमता, तकनीक और कुशलता का प्रयोग कर अपनी आवश्यकता की पूर्ति के … Read more

स्वामित्व के आधार पर संसाधन के विविध स्वरूपों का वर्णन कीजिए।

स्वामित्व के आधार पर संसाधन के विविध स्वरूपों का वर्णन कीजिए। उत्तर ⇒ स्वामित्व के आधार पर संसाधन के चार प्रकार होते हैं – (i). व्यक्तिगत संसाधन- ऐसे संसाधन किसी खास व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र में होता है। जिसके बदले में वह व्यक्ति सरकार को लगान भी चुकाते हैं, जैसे खेती की जमीन, घर, बाग-बगीचा, तालाब आदि … Read more

संसाधनों के विकास में ‘सतत् विकास’ की अवधारणा की व्याख्या करें।

संसाधनों के विकास में ‘सतत् विकास’ की अवधारणा की व्याख्या करें। उत्तर ⇒ संसाधन मनुष्य की जीविका का आधार है। जीवन की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए संसाधनों के सतत विकास की अवधारणा आवश्यक है। संसाधन का प्रकृति का उपहार मानकर मानव ने इसका अंधा-धुंध उपयोग करना शरू किया, जिसके कारण पर्यावरणीय समस्याएँ भी उत्पन्न … Read more

मेघ-स्फोट क्यों और कहाँ होता है ?

मेघ-स्फोट क्यों और कहाँ होता है ? उत्तर – गरम एवं आर्द्र पवन पर्वतीय ढालों से टकराकर तेजी से मेघ के रूप में घनीभत होकर तीव्र झंझावात का निर्माण करते हैं। इनमें मौजूद जलवाष्प तेजी स संघनित होकर मोटी धार के रूप में नीचे गिरता है। इसे ही मेघ-स्फोट (Cloudburst)कहते हैं। कभी-कभी तो यह वर्षा … Read more