भारत में लिंग असमानता के विभिन्न कारणों का उल्लेख कीजिए।

भारत में लिंग असमानता के विभिन्न कारणों का उल्लेख कीजिए।

                                अथवा
भारत में लैंगिक विषमताओं के मुख्य कारण कौन-कौनसे हैं?
उत्तर— भारत में लैंगिक असमानता के विभिन्न कारण– लिंगीय पक्षपात प्राचीन काल से चली आ रही एक कुरीति है जो सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। यद्यपि स्त्री जाति के विकास हेतु सरकारी गैरसरकारी संस्थाएँ एवं महिला आयोग द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं, परन्तु फिर भी महिलाओं की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं दिखाई देता है । इसके लिए हमारी संकीर्ण विचारधारा उत्तरदायी है इसे बदलने की आवश्यकता है। यहाँ हम कुछ लिंगीय पक्षपात के उत्तरदायी कारकों का उल्लेख करेंगे—
(1) पुरुष प्रधान समाज– हमारा समाज पुरुष प्रधान समाज है पुरुषों को महिलाओं की तुलना में श्रेष्ठ माना गया है। इसी सोच के कारण लिंगीय पक्षपात हमारे देश में बढ़ रहा है।
(2) अनपढ़ता– अनपढ़ व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हो पाते हैं इसलिए उससे महिला विकास के विषय में आशा नहीं की जा सकती है। हमें पता है अशिक्षा के कारण समाज में विकास नहीं हो पा रहा है। महिलाएँ पुरुषों के साथ कंधे से कंधा नहीं चल पा रही है।
(3) रीति-रिवाज– समाज में अनेक कुरीतियाँ इस प्रकार की है जिन्हें मान्यता प्राप्त है और लोग इनका विरोध करना ही नहीं चाहते। जैसे- दहेज प्रथा, एक लड़की के जन्म पर शोक मनाया जाना ।
(4) शैक्षिक ढाँचे में कमी– हमारे समाज में शैक्षिक ढाँचे की भी कमी है। यहाँ सदैव पुरुषों का ही गुणगान किया जाता है तथा महिलाओं को उचित स्थान नहीं दिया गया है। औरत की वीरता को भी मरदानगी कहकर ही प्रशंसा की गई है यदि आरम्भ से ही लिंगीय पक्षपात के विरुद्ध बच्चों को शिक्षित किया जाए तथा महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध उन्हें जागरूक किया जाए तो शीघ्र ही समाज में से लिंगीय पक्षपात को दूर किया जा सकता है।
(5) अन्य कारक– कानून / नीतियाँ लागू करने में कमी, सामाजिक चेतना की कमी, असुरक्षा की भावना एवं अंध विश्वास आदि।
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