व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का क्या महत्त्व है?

व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का क्या महत्त्व है?

उत्तर– व्यक्तित्व मापन में प्रेक्षण परीक्षणों का महत्त्व – प्रक्षेपीय परीक्षणों के महत्त्व को निम्नलिखित बिन्दुओं में स्पष्ट किया जा सकता है—
(1) अचेतन मन का अध्ययन – व्यक्ति की जो इच्छाएँ पूरी नहीं हो पाती हैं वे उसके अचेतन मन में इकट्ठी होती रहती हैं जिनके कारण व्यक्ति का व्यवहार असामान्य हो जाता है। प्रक्षेपीय विधियों के माध्यम से व्यक्ति के अचेतन मन का अध्ययन कर उसकी दमित, इच्छाओं, भावनाओं एवं विचारों का पता लगाकर उनको उपचार के द्वारा, उसके व्यवहार को सामान्य बनाया जा सकता है। इसके अन्तर्गत व्यक्ति को इस बात का ज्ञान भी नहीं हो पाता है कि उसके अचेतन मन का अध्ययन किया जा रहा है ।
(2) मानसिक रोगों का अध्ययन – दमित इच्छाओं के कारण व्यक्ति कई बार कई प्रकार के मानसिक रोगों से ग्रसित हो जाता है। प्रक्षेपीय परीक्षणों के द्वारा इस प्रकार की दमित इच्छाओं का अध्ययन कर व्यक्ति के मानसिक रोगों का कारण जा सकता है।
(3) मानसिक चिकित्सा में लाभ – प्रक्षेपीय परीक्षणों के माध्यम से व्यक्ति की दमित इच्छाओं को बाहर निकालकर उसके मानसिक विकारों को दूर किया जा सकता है। इन परीक्षणों के द्वारा मानसिक रोगों के कारणों का पता लगाकर उन्हें दूर कर उनका उपचार किया जा सकता है।
(4) मार्ग-दर्शन – प्रक्षेपीय परीक्षणों के माध्यम से व्यक्तित्व का मापन करके हम व्यक्ति को भविष्य के लिए मार्ग-प्रदर्शन कर सकते हैं। इन परीक्षणों के द्वारा व्यक्ति की रुचि, योग्यता एवं अभिवृत्ति का पता लगाया जा सकता है और इनके आधार पर उसे निर्देशन प्रदान किया जा सकता है।
(5) बुद्धि का आभास – कुछ प्रक्षेपीय परीक्षण इस प्रकार के होते हैं जिनके द्वारा हम व्यक्ति की बुद्धि का पता लगा सकते हैं और उसके आधार पर शिक्षण अधिगम की व्यवस्था की जा सकती है ।
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Ajit kumar

Sub Editor-in-Chief at Jaankari Rakho Web Portal

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