राष्ट्रवाद को परिभाषित कीजिए । रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे किस प्रकार परिभाषित किया ?

राष्ट्रवाद को परिभाषित कीजिए । रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे किस प्रकार परिभाषित किया ? (56-59वीं BPSC/2016) अथवा राष्ट्रवाद क्या है? रवीन्द्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद संबंधी आदर्शों की चर्चा कीजिए। उत्तर– भारत में राष्ट्रीयता का विकास ब्रिटिश हुकूमत का शोषण के परिणाम था। इस राष्ट्रीयता की भावना ने भारतीय इतिहास की धारा को प्रभावित किया। राष्ट्रीयता … Read more

किसान विद्रोहों के लिए चम्पारण सत्याग्रह के महत्व को स्पष्ट कीजिए |

किसान विद्रोहों के लिए चम्पारण सत्याग्रह के महत्व को स्पष्ट कीजिए | (56-59वीं BPSC/2016) अथवा चम्पारण सत्याग्रह अन्य किसान आंदोलनों का पथ-प्रदर्शक था। इसे स्पष्ट करते हुए उन बिन्दुओं की चर्चा करें। उत्तर– 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध और 20वीं शताब्दी के पूवार्द्ध में अपनी दयनीय स्थिति से क्षुब्ध होकर किसानों ने अनेकों बार विद्रोह एवं … Read more

जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति के प्रमुख लक्षणों का परीक्षण कीजिए ।

जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति के प्रमुख लक्षणों का परीक्षण कीजिए । (60-62वीं BPSC/2018) अथवा जवाहरलाल नेहरू की विदेश नीति गुट निरपेक्षता एवं पंचशील पर आधारित थी। इसके प्रमुख लक्षणों का वर्णन करें।  उत्तर– 1946 में जब पहली बार भारतीयों को अपनी विदेश नीति स्वतंत्र रूप से निर्धारण करने का अवसर मिला तो उस समय … Read more

बंगाल साहित्य तथा संगीत में रवीन्द्रनाथ टैगोर के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।

बंगाल साहित्य तथा संगीत में रवीन्द्रनाथ टैगोर के योगदान का मूल्यांकन कीजिए। (60-62वीं BPSC/2018) अथवा रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने साहित्य, संगीत व विचारों के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन एवं आमजन को प्रभावित किया। इसी परिप्रेक्ष्य में रवीन्द्रनाथ टैगोर के योगदान पर चर्चा करें। उत्तर – रवीन्द्रनाथ टैगोर एक महान कवि, उपन्यासकार, शिक्षाविद, चित्रकार एवं … Read more

गांधी की रहस्यात्मकता में मौलिक विचारों का दांव-पेंचों की सहज प्रवृत्ति और लोक चेतना में अनोखी पैठ के साथ अनोखा मेल शामिल है। ” व्याख्या कीजिए।

गांधी की रहस्यात्मकता में मौलिक विचारों का दांव-पेंचों की सहज प्रवृत्ति और लोक चेतना में अनोखी पैठ के साथ अनोखा मेल शामिल है। ” व्याख्या कीजिए। (60-62वीं BPSC / 2018 ) अथवा गांधी जी के दर्शन में छुपे मौलिकता, सामाजिकता तथा लोक कल्याण की भावना को स्पष्ट करते हुए उनकी लोक प्रसिद्धि का वर्णन करें। … Read more

1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान बिहार में जनभागीदारी का वर्णन कीजिए ।

1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान बिहार में जनभागीदारी का वर्णन कीजिए । (60-62वीं BPSC/2018) अथवा 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की भूमिका तैयार करने में उत्पन्न परिस्थितियों का वर्णन करते हुए बिहार की महत्वपूर्ण भागीदारी का वर्णन करें। उत्तर – विभिन्न प्रांतों में 28 माह की सरकार चलाने के उपरांत कांग्रेस ने 1939 … Read more

बिहार में चम्पारण सत्याग्रह (1917 ) के कारणों एवं परिणामों का वर्णन कीजिए ।

बिहार में चम्पारण सत्याग्रह (1917 ) के कारणों एवं परिणामों का वर्णन कीजिए । (63वीं BPSC / 2019 ) अथवा संघर्ष की प्रवृत्ति के दृष्टिकोण से चंपारण सत्याग्रह पहले के आंदोलनों से अलग था जिसे गांधी ने प्रयोग किया था। इसकी सफलता से भावी किसान आंदोलनों के प्रवेश द्वार खुल गए। उत्तर– पूरे देश की … Read more

सन् 1857 के विद्रोह में बिहार के योगदान की विवेचना कीजिए।

सन् 1857 के विद्रोह में बिहार के योगदान की विवेचना कीजिए। ( 63वीं BPSC / 2019 ) अथवा 1857 के विद्रोह के कारणों को उद्घाटित करते हुए बिहार में बाबू कुंवर सिंह का नेतृत्व और विभिन्न क्षेत्रों में अनेक स्वतंत्रता सेनायििों द्वारा चलाए गए आंदोलनों की चर्चा करते हुए उनके योगदान का उल्लेख कीजिए । … Read more

गांधीजी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विचारों की महत्ता का वर्णन कीजिए।

गांधीजी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विचारों की महत्ता का वर्णन कीजिए। (63वीं BPSC / 2019 ) अथवा गाँधीजी के शांति और अहिंसा के मूल सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उनके सामाजिक और सांस्कृतिक विचारों का उद्घाटन कीजिए, साथ ही इस दिशा में उनके द्वारा चलाए गए प्रमुख कार्यक्रमों अथवा अभियानों की चर्चा करें। उत्तर – … Read more

नेहरू और धर्मनिरपेक्षता

नेहरू और धर्मनिरपेक्षता उत्तर- धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है सभी धार्मिक समुदायों के प्रति राज्यों द्वारा अलग-अलग विश्वास और पूर्ण तटस्थता और समानता की नीति से संबंधित नागरिकों की ओर से सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का दृष्टिकोण। स्वतंत्र भारत में, नेहरू को भारतीय धर्मनिरपेक्षता के शिल्पीकार के रूप में जाना जाता है। भारतीय धर्मनिरपेक्षता, जैसा कि … Read more