सुभाषचन्द्र बोस और आइ.एन.ए.

सुभाषचन्द्र बोस और आइ.एन.ए. उत्तर- भारत की आजादी के आंदोलन में ऐसे अनेक क्रांतिकारी महानायक उभरे जिन्होंने मुल्क को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और हमेशा के लिए अपने देशवासियों के दिलों पर छा गए। ऐसे ही क्रांतिकारी थे- नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिन्होंने देश की आजादी के लिए … Read more

जयप्रकाश नारायण और भारत छोड़ो आन्दोलन

जयप्रकाश नारायण और भारत छोड़ो आन्दोलन उत्तर– भारत छोड़ो आंदोलन द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 8 अगस्त, 1942 को आरम्भ किया गया था। भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज महात्मा गांधी ने किया था। आंदोलन का मकसद भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराना था। यह आंदोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्वान … Read more

सत्याग्रह पर गांधीजी के विचार

सत्याग्रह पर गांधीजी के विचार (66वीं BPSC/2021 ) उत्तर– “यदि मैं बिल्कुल अकेला भी होउं तो भी सत्य और अहिंसा पर दृढ़ रहूंगा, क्योंकि यही मेरा सबसे आला दर्जे का साहस है जिसके सामने ‘एटम बम’ भी निष्क्रिय हो जाता है।’ –  महात्मा गांधी एक आंदोलन के दौरान गांधीजी ने लार्ड हंटर के सामने सत्याग्रह … Read more

साम्प्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता पर नेहरू के विचार की विवेचना कीजिए |

साम्प्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता पर नेहरू के विचार की विवेचना कीजिए | (66वीं BPSC/2021 ) अथवा धर्म और साम्प्रदाय के प्रति नेहरू के निजी विचारों को संदर्भ सहित उद्घाटित करें। अथवा साम्प्रदायिकता को नेहरू एक राजनीतिक उपज मानते थे, इसका उल्लेख करें । अथवा प्रधानमंत्रीत्व काल में साम्प्रदायिकता और धार्मिक कट्टरता को लेकर दिए गए नेहरू … Read more

“चम्पारणं सत्याग्रह स्वाधीनता संघर्ष का एक निर्णायक मोड़ था । ” स्पष्ट कीजिए।

“चम्पारणं सत्याग्रह स्वाधीनता संघर्ष का एक निर्णायक मोड़ था । ” स्पष्ट कीजिए। (66वीं BPSC/2021 ) अथवा नील की खेती की तिनकठिया प्रथा और किसानों की खराब माली हालत को उद्घाटित करें। अथवा किसानों की दुर्दशा से आहत गांधीजी का चंपारण दौरा और उनके सत्याग्रह के साथ अपार जनभागीदारी की चर्चा करें। अथवा इस प्रथम … Read more

बिरसा आंदोलन के स्वरूप की व्याख्या करते हुए जनजाति शासन पर इसके प्रभावों की चर्चा करें।

बिरसा आंदोलन के स्वरूप की व्याख्या करते हुए जनजाति शासन पर इसके प्रभावों की चर्चा करें।  ( 42वीं BPSC/1999 ) अथवा आंदोलन के स्वरूप का वर्णन करते हुए आंदोलन के बाद के प्रभाव की चर्चा करें । उत्तर- बिरसा मुंडा के नेतृत्व में मुंडा जनजाति ने एक तीव्र विद्रोह 1899-1900 में किया। अन्य जनजातीय विद्रोहों … Read more

संथाल विद्रोह भारत में औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रथम तीव्र प्रतिक्रिया थी | व्याख्या किजिए।

संथाल विद्रोह भारत में औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रथम तीव्र प्रतिक्रिया थी | व्याख्या किजिए। (43वीं BPSC/2001 ) अथवा अंग्रेजों को पहली बार इतने बड़े स्तर पर इतने भारी विद्रोह का सामना करना पड़ा था- को सिद्ध करते हुए संथाल विद्रोह का सामान्य वर्णन करें। संथाल विद्रोह ( 1855-56) > नेता– सिद्धू एवं कान्हू > … Read more

संथाल विद्रोह भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विरूद्ध सशस्त्र जन प्रतिरोध का आदर्श प्रस्तुत करता है। स्पष्ट करें।

संथाल विद्रोह भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विरूद्ध सशस्त्र जन प्रतिरोध का आदर्श प्रस्तुत करता है। स्पष्ट करें। ( 45वीं BPSC / 2002 ) अथवा संथालों के इतने बड़े पैमाने पर सशस्त्र विद्रोह करने के मूल कारणों एवं परिणामों की चर्चा करते हुए प्रश्न में प्रयुक्त वाक्य के आधार पर निष्कर्ष लिखें संथाल विद्रोह ( … Read more

बिरसा आंदोलन का आधारभूत उद्देश्य था आंतरिक शुद्धिकरण तथा विदेशी शासन की समाप्ति की इच्छा । स्पष्ट कीजिए ।

बिरसा आंदोलन का आधारभूत उद्देश्य था आंतरिक शुद्धिकरण तथा विदेशी शासन की समाप्ति की इच्छा । स्पष्ट कीजिए । (53-55वीं BPSC/2012) अथवा बिरसा आंदोलन के स्वरूप का वर्णन करते हुए आंदोलन के बाद के प्रभाव की चर्चा करें । उत्तर – बिरसा मुंडा के नेतृत्व में मुंडा जनजाति ने एक तीव्र विद्रोह 1899-1900 में किया। … Read more

सन्थाल विद्रोह के मुख्य कारणों का विवरण दीजिए। उनके क्या प्रभाव हुए ?

सन्थाल विद्रोह के मुख्य कारणों का विवरण दीजिए। उनके क्या प्रभाव हुए ? (56-59वीं BPSC/2016) अथवा संथाल विद्रोह के कारण एवं प्रभाव की चर्चा कीजिए | उत्तर– संथाल विद्रोह औपनिवेशिक सरकार के विरुद्ध प्रथम सशक्त जनजातीय विद्रोह था। संथाल लोग तत्कालीन बिहार से लेकर बंगाल तक फैले हुए थे, किन्तु विद्रोह का केन्द्र संथालपरगना था। … Read more