Bihar Secondary School Sample Paper Solved | BSEB Class 10th Sample Sets with Answers | Bihar Board class 10th Sample Paper Solved | Bihar Board Class 10th social science Sample set – 1
1. ‘जालवेरिन’ एक संस्था थी
(A) क्रांतिकारियों की
(B) व्यापारियों की
(C) पादरी सामंत की
(D) विद्वानों की
2. ‘यूरोप का मरीज’ किस देश को कहा जाता था ?
(A) इटली को
(B) फ्रांस को
(C) ब्रिटेन को
(D) तुर्की को
3. ‘कॉमरेड’ का प्रकाशन किसने किया
(A) अबुल कलाम आजाद
(B) मोहम्मद अली
(C) लाला हरदयाल
(D) वारेन हेस्टिंग्स
4. औद्योगिक क्रांति सर्वप्रथम किस देश में हुई थी ?
(A) इंग्लैंड में
(B) जर्मनी में
(C) फ्रांस में
(D) अमेरिका में
5. ‘अंकोरवाट का मंदिर’ किस देश में अवस्थित है ?
(A) कम्बोडिया में
(B) लाओस में
(C) वियतनाम में
(D) थाइलैंड में
6. पूना समझौता कब हुआ था ?
(A) 23 सितम्बर, 1932
(B) 24 सितम्बर, 1932
(C) 24 अक्टूबर, 1932
(D) 26 सितम्बर, 1932
7. भारत में वित्तीय वर्ष कहा जाता है
(A) 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक
(B) 1 जुलाई से 30 जून तक
(C) 1 अप्रैल से 31 मार्च तक
(D) 1 सितंबर से 31 अगस्त तक
8. ‘गिरमिटिया’ किन्हें कहा जाता था ?
(A) अनुबंधित मजदूर को
(B) रोगियों को
(C) छिपकली को
(D) अंग्रेजों को
9. विश्व में सर्वप्रथम मुद्रण की शुरुआत कहाँ हुई ?
(A) भारत
(B) जापान
(C) चीन
(D) अमेरिका
10. छापाखाना (प्रिंटिंग प्रेस) का आविष्कार किसने किया ?
(A) पि-शेंग ने
(B) गुटेनबर्ग ने
(C) कैक्सटन ने
(D) आर्कराइट ने
11. ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है ?
(A) कोयला
(B) पेट्रोलियम
(C) विद्युत
(D) इनमें सभी
12. विहार राज्य की कितनी प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है ?
(A) 80%
(B) 75%
(C) 65%
(D) 86%
13. विनिमय का सर्वोत्तम माध्यम क्या है ?
(A) वस्तु
(B) चेक
(C) प्रतिज्ञा पत्र
(D) मुद्रा
14. प्रथम पृथ्वी सम्मेलन कब हुआ था ?
(A) 1990 ई० में
(B) 1991 ई० में
(C) 1992 ई० में
(D) 1995 ई० में
15. कौन-सा वन आर्थिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक उपयोगी होता है ?
(A) पंतझड़ वन
(B) डेल्टाई वन
(C) कँटीले वन
(D) सदाबहार वन
16. भारत के पड़ोसी देशों में किस देश की प्रतिव्यक्ति आय सबसे अधिक है ?
(A) पाकिस्तान की
(B) बांग्लादेश की
(C) श्रीलंका की
(D) नेपाल की
17. द्वितीयक ऊर्जा का उदाहरण है
(A) कोयला
(B) विद्युत
(C) पेट्रोलियम
(D) प्राकृतिक गैस
18. भोपाल गैस त्रासदी कब हुई थी ?
(A) 3 दिसम्बर, 1983 ई० में
(B) 3 दिसम्बर 1984 ई० में
(C) 3 जनवरी, 1974 ई० में
(D) 3 जनवरी, 1984 ई० में
19. भूकंप केन्द्र के उर्ध्वाधर पृथ्वी की सतह पर केन्द्र का क्या नाम है ?
(A) अनुकेन्द्र केन्द्र
(B) अधिकेन्द्र
(C) भूकंप
(D) वाह्य केन्द्र
20. किस देश को ‘बाढ़ का देश’ कहा जाता है ?
(A) भारत को
(B) पाकिस्तान को
(C) जापान को
(D) बांग्लादेश को
21. काँवर झील किस जिला में है ?
(A) पटना में
(B) बेगूसराय में
(C) भागलपुर में
(D) पूर्णियाँ में
22. निम्नलिखित में से किस प्रांत में सीढ़ीदार खेती की जाती है ?
(A) हरियाणा में
(B) पंजाब में
(C) उत्तराखण्ड में
(D) उत्तर प्रदेश में
23. भारत के किस स्थान पर पहला परमाणु ऊर्जा केन्द्र स्थापित किया गया ?
(A) कलपक्कम
(B) नरोरा
(C) राणा प्रताप सागर
(D) तारापुर
24. भाखड़ा नांगल परियोजना किस नदी पर अवस्थित है ?
(A) सतलज
(B) नर्मदा
(C) गंगा
(D) सिंधु
25. बिहार में कितने प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन का फैलाव है ?
(A) 15%
(B) 21%
(C) 30%
(D) 7%
26. इनमें से कौन मानवजनित आपदा नहीं है ?
(A) सांप्रदायिक दंगे
(B) आतंकवाद
(C) महामारी
(D) इनमें से सभी
27. शिक्षा को भारतीय संविधान के किस सूची में रखा गया है ?
(A) संघ सूची
(B) राज्य सूची
(C) समवर्ती सूची
(D) इनमें से कोई नहीं
28. बिहार में पंचायतों राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कितनी प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं
(A) 50%
(B) 25%
(C) 33%
(D) 20%
29. भारत में पंचायती राज की शुरुआत किस राज्य से हुई ?
(A) बिहार
(B) आन्ध्रप्रदेश
(C) राजस्थान
(D) केरल
30. भारत में कौन-सी दलीय व्यवस्था है ?
(A) एकदलीय
(B) द्विदलीय
(C) बहुदलीय
(D) इनमें कोई नहीं
31. राष्ट्रीय आय का सृजन होता है
(A) उपभोग द्वारा
(B) विनिमय द्वारा
(C) उत्पादक क्रियाओं द्वारा
(D) वितरण द्वारा
32. ‘चिपको आंदोलन’ किस उद्देश्य से चलाया गया ?
(A) पर्यावरण की सुरक्षा
(B) नशाबंदी
(C) भंगी मुक्ति
(D) सुशासन
33. भारत में राष्ट्रीय आय की गणना के लिए प्रमाणिक संस्था कौन-सी है ?
(A) केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन
(B) केन्द्रीय सतर्कता आयोग
(C) केन्द्रीय योजना आयोग
(D) भारतीय रिजर्व बैंक
34. आधुनिक युग में प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहाँ है ?
(A) ब्रिटेन में
(B) फ्रांस में
(C) भारत में
(D) स्विट्जरलैंड में
35. हमारे देश का कौन सा शहर सूचना प्रौद्योगिकी का केन्द्र बन गया है ?
(A) बंगलुरु
(B) दिल्ली
(C) मुंबई
(D) चेन्नई
36. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधी नियमों को निर्धारित करनेवाली संस्था है ?
(A) विश्व बैंक
(B) आई.एम.एफ.
(C) यू०एन०ओ०
(D) इनमें से कोई नहीं
37. भारत में ‘मानव अधिकार सुरक्षा अधिनियम’ कब पारित हुआ ?
(A) 1981 ई० में
(B) 1991 ई० में
(C) 1993 ई० में
(D) 1995 ई० में
38. उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने के लिए आवेदन शुल्क कितना है ?
(A) 50 रु०
(B) 10 रु०
(C) 70 रु०
(D) इनमें से कोई नहीं
39. सुनामी किस स्थान पर आता है ?
(A) स्थल
(B) समुद्र
(C) आसमाने
(D) इनमें से कोई नहीं
40. भूपटल के नीचे का वह स्थान जहाँ भूकंप का जन्म होता है, क्या कहा जाता है ?
(A) भूकंप केन्द्र
(B) अधिकेन्द्र
(C) अनुकेन्द्र
(D) इनमें से कोई नहीं
41. ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंण्डिया’ की स्थापना किस वर्ष हुई थी ?
(A) 1930 ई० में
(B) 1935 ई० में
(C) 1945 ई० में
(D) 1949 ई० में
42. काली मृदा का दूसरा नाम क्या है ?
(A) बलुई मृदा
(B) रेगुर मृदा
(C) लाल मृदा
(D) पर्वतीय मृदा
43. ‘ऑपरेशन फ्लड’ का संबंध है
(A) बाढ़ नियंत्रण से
(B) पशुपालन से
(C) दुग्ध उत्पादन से
(D) जल विद्युत – उत्पादन से
44. SHG का विस्तारित रूप है
(A) सेल्फ हेल्प ग्रूप
(B) स्टेट हाइवे गली
(C) स्टेट होमगार्ड
(D) इनमें सभी
45. मनरेगा योजनान्तर्गत कितने दिनों की रोजगार गारंटी दी जाती है ?
(A) 100 दिनों की
(B) 200 दिनों की
(C) 260 दिनों की
(D) 150 दिनों की
46. किस क्षेत्र को ‘तृतीयक क्षेत्र’ कहा जाता है ?
(A) सेवा क्षेत्र को
(B) कृषि क्षेत्र को
(C) औद्योगिक क्षेत्र को
(D) इनमें से सभी
47. मलवे के नीचे दबे हुए लोगों का पता लगाने के लिए किस यंत्र की मदद ली जाती है ?
(A) दूरबीन
(B) हेलीकॉप्टर
(C) इंफ्रारेड कैमरा
(D) टेलीस्कोप
48. भारत की वित्तीय राजधानी है
(A) मुंबई
(B) कोलकाता
(C) दिल्ली
(D) हैदराबाद
प्रश्न- नेप (NEP) का क्या अर्थ है ?
उत्तर– लेनिन ने 1921 में एक नई आर्थिक नीति लागू की। नयी आर्थिक नीति के अनुसार देश की आर्थिक व्यवस्था में घोर परिवर्तन हुआ। इसके अनुसार किसानों और पूँजीपतियों को व्यक्तिगत सम्पत्ति रखने की अनुमति दी गई। पहले किसानों से उनकी आवश्यकता की पूर्ति से बचे हुए अनाजों को सरकार ले लेती थी। यह प्रथा बन्द कर दी गई और उनसे कर लिया जाने लगा। उन्हें बचे हुए अनाज को बाजार में बेचने की अनुमति मिल गई, इससे व्यापार का विकास हुआ।
प्रश्न- ‘तीनकठिया पद्धति’ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– बिहार के चम्पारण जिले में नीलहें गोरों द्वारा तीनकठिया व्यवस्था प्रारंभ की गई थी। इस व्यवस्था के अन्तर्गत किसानों को अपनी जमीन के कम-से-कम 3/2 भाग पर नील की खेती करना तथा नीलहों द्वारा तय दामों पर नील बेचना पड़ता था। अधिकांशतः किसान की भूमि के सबसे उपजाऊ हिस्से पर उसे नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था। नील की खेती से भूमि की उर्वरता कम हो जाती थी। इसलिए किसान नील की खेती नहीं करना चाहते थे। तीनकठिया व्यवस्था में यद्यपि 1908 में कुछ सुधार लाने का प्रयास किया गया परन्तु इससे किसानों की गिरती हुई हालत में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
प्रश्न- स्लम पद्धति की शुरुआत कैसे हुई ?
उत्तर– औद्योगीकरण ने स्लम पद्धति को जन्म दिया। शहरों में स्थित कारखानों में काम करने के लिए श्रमिक गाँव छोड़कर शहर में आकर बसने लगे। श्रमिक लोग कारखानों के समीप रहना पसन्द करते थे। वहाँ उनके रहने की समुचित व्यवस्था नहीं थी। उन्हें छोटे, अस्वास्थ्यकर, अस्थायी निवासों में रहना पड़ा। कारखानों के इर्द-गिर्द श्रमिकों की बस्तियाँ या स्लम बस गए। मजदूर लोग प्रायः गावों से ही आते थे, उनमें साफ रहने की आदत भी नहीं होती थी। वे गन्दगी में रहना ही पसन्द करते थे। पानी की निकासी और कूड़े को डालने के लिए कोई उचित स्थान नहीं था। रोशनी का न होना, कारखानों में धुआँ, शोर, गन्दा एवं रासायनिक से युक्त जल एवं कूड़ा-करकट आदि के कारण उनका जीवन नरक बन गया।
प्रश्न- ‘होआ-हाओ’ आंदोलन से आप क्या समझते है ?
उत्तर– होआ – होआ आन्दोलन एक बौद्धिष्ट धार्मिक क्रांतिकारी आन्दोलन था जो 1939 में वियतनाम में आरंभ हुआ था। इसकी उत्पत्ति उपनिवेशवाद विरोधी विचारों से हुई थी। इसका केन्द्र मेकोंग डेल्टा था। इस आन्दोलन के प्रणेता हुइन्ह फूसो था। उसके समर्थकों की संख्या बहुत बड़ी थी। हुइन्ह फूसो के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सरकार ने कठोर दमनात्मक कार्रवाई की और इस आन्दोलन को दबा दिया। परन्तु वे वियतनाम में राष्ट्रवाद के वेग को रोक न सके।
प्रश्न- औपनिवेशिक सरकार ने भारतीय प्रेस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कौन से महत्त्वपूर्ण कदम उठाएँ ?
उत्तर– 1799 प्रेस को नियंत्रित करने के प्रयास आरंभ कर दिए गए। 1799 में वेलेस्ली ने समाचारपत्र नियंत्रक अधिनियम पारित करवाया। 1823 में अनुज्ञप्ति नियम पारित किया गया। 1867 में पंजीकरण अधिनियम बनाया गया। 1878 में लिटन ने वर्नाक्यूलर प्रेस ऐक्ट पारित कर समाचारपत्रों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। 1908 और 1910 में समाचारपत्र अधिनियम पारित किए गए। 1931 के भारतीय समाचारपत्र (संकटकालीन) अधिनियम के द्वारा प्रेस पर कठोर नियंत्रण स्थापित किया गया।
प्रश्न- सविनय अवज्ञा आन्दोलन में वामपंथियों की भूमिका पर प्रकाश डाले ?
उत्तर– 1917 की रूसी क्रांति से प्रभावित होकर भारत में साम्यवादी अथवा वामपंथी विचारधारा का प्रसार हुआ। वामपंथी विचारधारा का व्यापक प्रभाव किसानों, श्रमिकों और क्रांतिकारियों पर पड़ा। किसानों और मजदूरों की स्थिति में सुधार लाने के लिए उन्हें संघर्ष करने को उत्प्रेरित किया गया एवं उनके संगठन बनाए गए। वामपंथियों ने साम्राज्यवाद और पूँजीवाद का विरोध किया। अतः, इन्हें सरकार का कोपभाजन बनना पड़ा। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान वामपंथियों ने काँग्रेस की नीतियों का विरोध किया। काँग्रेस का युवा वर्ग, जिसका नेतृत्व जवाहरलाल नेहरू और सुभाषचंद्र बोस कर रहे थे, वामपंथी विचारधारा से प्रभावित था। इनलोगों ने अधिक सशक्त नीति अपनाने के लिए काँग्रेस पर दबाव डाला। 1939 में काँग्रेस से अलग होकर सुभाषचंद्र बोस ने फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना कर ली। ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन में भी वामपंथियों ने काँग्रेस का साथ नहीं दिया।
प्रश्न- इटली के एकीकरण में मेजिनी, काबूर और गैरीबाल्डी के योगदानों को बताएँ।
उत्तर– इटली का एकीकरण मेजिनी, कावूर और गैरीबाल्डी के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप हुआ।
मेजिनी—मेजिनी तरुणावस्था से ही गुप्त राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेता था। वह कार्बोनारी का सदस्य बन गया। 1831 में उसने ‘यंग इटली’ और 1834 में ‘यंग यूरोप’ नामक गुप्त क्रांतिकारी संगठन स्थापित किए। मेटरनिक के पतन (1848) के बाद वह इटली के एकीकरण के प्रयास में लग गया, परंतु विफल होकर वह इटली से चला गया।
कावूर—राजा विक्टर इमैनुएल के मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उसने सार्डिनिया की आर्थिक और सैनिक स्थिति सुदृढ़ की। 1859 में फ्रांस की सहायता से ऑस्ट्रिया को पराजित कर कावूर ने लोम्बार्डी पर अधिकार कर लिया। मध्य इटली स्थित अनेक राज्यों को सार्डिनिया में मिला लिया गया। कावूर के प्रयासों से इटली के एकीकरण का महत्त्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।
गैरीबाल्डी—अपनी ‘लाल कुर्ती’ और स्थानीय किसानों की सहायता से उसने 1860 में सिसली पर अधिकार कर लिया। बाद में उसने नेपल्स पर भी अधिकार कर लिया। इन्हें सार्डिनिया में मिला लिया गया। इस प्रकार, इटली के एकीकरण का द्वितीय चरण पूरा हुआ।
प्रश्न- नारी सशक्तिकरण से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– विश्व के अधिकांश देशों में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। बहुत सारे देशों में तो महिलाओं को वोट देने का अधिकार प्राप्त नहीं है। इसका परिणाम यह होता है कि आधी आबादी के बिना लोकतंत्र अधूरा ही रह जाता है। भारत में महिलाओं की दशा सुधारने के केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। फिर भी भारतीय संसद तथा राज्य विधानमण्डलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। भारत सरकार ने महिलाओं के आरक्षण के लिए ( 33%) विधेयक राज्यसभा में 2009 में लाया है।
प्रश्न- सत्ता के विकेन्द्रीकरण से आप क्या समझते है ?
उत्तर– जब केन्द्र और राज्य सरकार से शक्तियाँ लेकर स्थानीय सरकारों को दी जाती है तो इसे सत्ता का विकेंद्रीकरण कहते हैं। सत्ता का विकेन्द्रीकरण आवश्यक है क्योंकि विभिन्न मुद्दों और समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर अच्छे ढंग से किया जा सकता है। स्थानीय जरूरतों का ज्ञान स्थानीय लोगों को ही मालूम इसलिए सत्ता में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोकतांत्रिक सिद्धांतों के उचित कार्यान्वयन के लिए विकेन्द्रीकरण की आवश्यकता है।
प्रश्न- लोकतंत्र एक वैद्य शासन व्यवस्था है, कैसे ?
उत्तर– हम जानते हैं कि लोकतंत्र में शासकों का चयन जनता के द्वारा किया जाता है। जनता का सरकार के ऊपर नियंत्रण रहता है। लोकतंत्र में यह ख्याल रखा जाता है कि सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी रहे और जनता की इच्छाओं एवं आवश्यकताओं का ख्याल रखे। इस शासन व्यवस्था में फैसले काफी बहस के बाद लिया जाता है परन्तु गलत निर्णय लेने से बचा जाता है। यही कारण है कि लोकतंत्र को एक उत्तरदायी शासन व्यवस्था कहा जाता है। लोकतंत्र में कोई भी निर्णय देश के कानून के आधार पर ही लिया जाता है। यदि निर्णय कानून के अनुसार नहीं लिया गया तो जनता इसका विरोध करती है। इसमें जनता के साथ न्याय का अधिक अवसर रहता है। इसका कारण है कि आधुनिक समय में लोगों की आस्था लोकतंत्र में है।
प्रश्न- भारत के संघीय शासन की दो प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर– (i) सत्ता का विभाजन: संघीय शासन व्यवस्था में सर्वोच्च सत्ता केन्द्र सरकार और उसकी विभिन्न आनुसंगिक इकाइयों के बीच बँट जाती है।
(ii) दोहरी सरकार की व्यवस्था संघीय शार, न व्यवस्था में दोहरी सरकार होती है—एक केन्द्रीय सरकार और दूसरी प्रांतीय सरकार ।
प्रश्न- एकदलीय शासन पद्धति क्या है ?
उत्तर– विश्व के वे देश जहाँ एक ही राजनीतिक दल को सरकार बनाने और उनका संचालन करने की व्यवस्था है, उसे एकदलीय पद्धति कहते हैं। वर्तमान चीन में एकदलीय शासन पद्धति कायम है।
प्रश्न- राजनीतिक दल से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– राजनीतिक दल लोगों के ऐसे संगठित समूह हैं जो चुनाव लड़ने और राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से काम करता है। राजनैतिक क्रियाकलापों में दल के सदस्य मतदान करते या कराते हैं। चुनाव लड़ते या लड़ाते हैं, नीतियाँ एवं कार्यक्रम का निर्धारण करते या कराते हैं। यदि विचारों में मूल रूप से भिन्नता आ जाती है तो व्यक्ति को दल छोड़ना पड़ता है।
प्रश्न- परिवारवाद एवं जातिवाद का बिहार की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा उल्लेख करें।
उत्तर– बिहार के लोकतंत्र में जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद जैसी बुराइयाँ हैं। यहाँ यह निर्णायक भूमिका निभाती हैं। परिवारवाद के चलते राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है। ऐसी परिस्थिति में भारतीय लोकतांत्रिक राजनीति को सुदृढ़ बनाने के लिए कुछ लोग कानून का निर्माण कर इसे साफ-सुथरा बनाने की बात करते हैं। परन्तु वास्तविकता यह है कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का समाधान केवल कानून बनाने से नहीं होगा। जैसे हमारा संविधान अस्पृश्यता को नकारता है, फिर भी बिहार में आज भी अस्पृश्यता । कायम है।
प्रश्न- लोकतंत्र की सफलता के प्रमुख शर्तों का उल्लेख करें।
उत्तर– लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक कारकों का भारत में अभाव है। लोकतंत्र के बाधक तत्त्वों का निराकरण किया जाना चाहिए ताकि देश का समग्र विकास हो सके। लोकतंत्र की सफलता की प्रमुख शर्तों का निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत वर्णन किया जा सकता है —
(i) प्रबुद्ध जनमत : लोकतंत्र की सफलता का प्रथम शर्त यह है कि जनमत जागरूक एवं प्रबुद्ध हो। क्योंकि यह विभिन्न सरकारों की गतिविधियों को नियंत्रित करती है। लोकतांत्रिक सरकार जनमत की उपेक्षा नहीं कर सकती है।
(ii) राजनीतिक दलों को मजबूत स्थिति : लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की सफलता के लिए मजबूत राजनीतिक दलों का होना आवश्यक है। हमारे देश सात राष्ट्रीय दल एवं सैकड़ों क्षेत्रीय राजनीतिक दल कार्यरत हैं। में
(iii) सामाजिक सौहार्द : लोकतंत्र की सफलता के लिए यह जरूरी है कि विभिन्न प्रजातियों एवं धर्म के माननेवाले लोगों में सामाजिक सौहार्द कायम रहे। विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक समूहों के बीच सामंजस्य का होना बहुत जरूरी है ।
(iv) आर्थिक समानता : लोकतंत्र की सफलता के लिए यह जरूरी है कि देश भर में आर्थिक समानता की स्थापना हो । भारत सरकार ने आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए पर्याप्त उपाय किये हैं।
प्रश्न- भारत की राष्ट्रीय आय का अनुमान सर्वप्रथम किसके द्वारा, कब और कितना लगाया गया था ?
उत्तर– संभवतः, सर्वप्रथम दादाभाई नौरोजी ने 1868 में भारत की राष्ट्रीय आय 340 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया था।
प्रश्न- क्रेडिट कार्ड क्या है? प्लास्टिक मुद्रा क्या है ? किन्हीं दो के नाम लिखें।
उत्तर– बैंक अपने खाताधारकों को उनकी साख-क्षमता के आधार पर क्रेडिट कार्ड निर्गत करते हैं जिसके द्वारा वे बिना नगद भुगतान किये वस्तुएँ खरीद सकते हैं। बाद में बैंक भुगतान की रकम कार्ड धारक से वसूल लेता है। डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड को प्लास्टिक मुद्रा कहते हैं । प्लास्टिक मुद्रा के नाम क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड।
प्रश्न- बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते हैं ?
उत्तर– बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ वैसी कम्पनी को कहा जाता है जो अपने उत्पादन नियंत्रण व उसका स्वामित्व विश्व के कई देशों में रखती हैं। ये कम्पनियाँ अपनी उत्पादन लागत में कमी करने एवं अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से उन जगहों या देशों में उत्पादन करने के लिए अपने संयंत्र स्थापित करती है जहाँ उन्हें संसाधन की पूर्ति हो सके। जैसे— नोकिया मोबाइल, इंफोसिस, कोका कोला आदि।
प्रश्न- स्वयं सहायता समूह में महिलाओं की अग्रणी भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर– स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्र में एक समान सामाजिक, आर्थिक स्तर के 15-20 व्यक्तियों का एक अनौपचारिक समूह होता है जो अपनी बचत तथा बैंकों से लघु ऋण लेकर अपने सदस्यों के पारिवारिक जरूरतों को पूरा करते हैं और विकास गतिविधियाँ चलाकर गाँवों का विकास और महिला सशक्तीकरण में योगदान करते हैं। स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) की स्थापना महाजनों के शोषण से गरीब जनता को बचाने तथा उन्हें सस्ती दरों पर ऋण प्रदान करने के लिए गाँवों या कस्बों में की गई। स्वयं सहायता समूहों के लिए रक प्राप्त करने के दो मुख्य स्रोत हैं— (i) सदस्यों की बचत तथा (ii) बैंकों से ऋण।
स्वयं सहायता समूह केवल अपने सदस्यों को ही ऋण देता है। यह समूह ऋण देने, ऋण की रक़म एवं उद्देश्य, ऋण पर ब्याज, भुगतान की अवधि इत्यादि के संबंध में निर्णय लेता है। इस प्रकार स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए एक वरदान के समान है जिनके द्वारा उन्हें अपनी प्रगति का साधन प्राप्त होता है। यह स्व-रोजगार का सृजन करने में भी मददगार होता है।
प्रश्न- भारत में उपभोक्ता आन्दोलन के प्रगति की समीक्षा करें ?
उत्तर– भारत सरकार द्वारा पारित उपभोक्ता की सुरक्षा और संरक्षण हेतु, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 एक महत्वपूर्ण अधिनियम है, जिसमें उपभोक्ता को बाजार में बेची जानेवाली वस्तुओं के संबंध में संरक्षण का अधिकार दिया गया है।
उपभोक्ता संरक्षण के दायरे में सभी वस्तुओं सेवाओं तथा व्यक्तियों, चाहे वह निजी क्षेत्र के हो या सार्वजनिक क्षेत्र को शामिल किया जाता है। इसके तहत उपभोक्ताओं को यह जानने का अधिकार होता है कि वह वस्तु की सेवा की गुणवत्ता, परिणाम क्षमता, शुद्धता, मानक और मूल्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके। इसके अतिरिक्त यह भी अधिकार है कि वह इस बात की भी परख कर लें कि उसे जो वस्तु या सेवा मिल रही है, वह खतरनाक तो नहीं है, ताकि वह अपना बचाव कर सके। उपभोक्ता किसी भी टेलीफोन या मोबाइल से मुफ्त में उपभोक्ता संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
प्रश्न- जलोढ़ मृदा के विस्तार वाले राज्यों का नाम बताएँ? इस प्रकार की मृदा में कौन-सी फसल उगाई जा सकती है।
उत्तर– जलोढ़ मृदा का विस्तार उत्तर भारत के पूरे मैदानी क्षेत्र में है। राजस्थान तथा गुजरात के भी कुछ क्षेत्र में एक सँकरी पट्टी के रूप में इस मृदा का प्रसार है। पूर्वी तटीय मैदान स्थित महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियों द्वारा निर्मित डेल्टा का भी निर्माण जलोढ़ मृदा से हुआ है।
जलोढ़ मृदा गन्ना, चावल, गेहूँ, मक्का, दलहन — अरहर, चना, मूँग, उड़द, मटर, मसूर आदि) जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
प्रश्न- नदी घाटी परियोजना के मुख्य उद्देश्यों को लिखें।
उत्तर– नदी-घाटी परियोजनाओं के कई उद्देश्य हैं, जैसे- बाढ़-नियंत्रण, मृदा अपरदन पर रोक, पेय एवं सिंचाई हेतु जलापूर्ति, विद्युत उत्पादन, उद्योगों को जलापूर्ति, परिवहन, मनोरंजन, वन्य जीव संरक्षण, मत्स्यपालन, जल कृषि, पर्यटन इत्यादि
प्रश्न- सौर ऊर्जा का उत्पादन कैसे होता है ?
उत्तर– सौर ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए सोलर प्लेट का निर्माण किया जाता है। इस प्लेट में सीजियम धातु के पतले-पतले तार लगाए जाते हैं। जब इन तारों पर सूर्य प्रकाश पड़ता है तो फोटोवोल्टाइक प्रौद्योगिकी द्वारा धूप को सीधे विद्युत में परिवर्तित किया जाता है। इसे विद्युत सौर प्लेट में लगे तार द्वारा उपयोग की जानेवाली वस्तु से जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार, बिना अधिक खर्च के ऊर्जा की
प्राप्ति होती है।
प्रश्न- चूना पत्थर की क्या उपयोगिता है ?
उत्तर– चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का एक आधारभूत कच्चा माल होता है। इसका उपयोग मुख्यतः 76 प्रतिशत भाग सीमेंट उद्योग में होता है। 16 प्रतिशत लौह इस्पात तथा 4 प्रतिशत रसायन उद्योग में उपयोग होता है। शेष चार प्रतिशत का उपयोग उर्वरक, कागज एवं चीनी उद्योगों में होता है।
प्रश्न- भारतीय रेल परिवहन की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करें ?
उत्तर– भारतीय रेल परिवहन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं —
(i) भारतीय रेल प्रणाली एशिया में सबसे बड़ी और विश्व की तीसरी बड़ी रेल प्रणाली है। 31 मार्च, 2007 तक भारतीय रेल के पास 6909 स्टेशन, 8153 रेल इंजन, 45,360 यात्री गाड़ियाँ एवं 1905 अन्य सवारी गाड़ियाँ उपलब्ध थीं।
(ii) भारतीय रेल परिवहन की सबसे अनोखी विशेषता ‘जीवन रेखा का चलाया जाना है। 16 जुलाई, 1991 से चलनेवाली यह रेलगाड़ी विश्व का पहला चलन्त अस्पताल है।
(iii) ट्रेनों की दुर्घटना रोकने के लिए इंजनों में ए०सी०डी० (ACD) की व्यवस्था की गई है।
प्रश्न- गेहूँ के उत्पादन के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें।
उत्तर– गेहूँ उत्पादन हेतु मुख्य भौगोलिक दशाएँ निम्नलिखित हैं —
(i) गेहूँ शीतोष्ण कटिबंधीय पौधा है। इसके बोने के समय 10° सेंटीग्रेट तथा पकते समय 15° सेंटीग्रेट तापमान होना चाहिए।
(ii) इसके उपज के लिए 50 से 75 सेमी वर्षा आवश्यक है।
(iii) इसके लिए दोमट जलोढ़ मिट्टी उपयुक्त होती है।
(iv) पकते समय गेहूँ को खिली धूप की आवश्यकता होती है।
उत्पादक क्षेत्र : देश में कुल गेहूँ उत्पादन का 2/3 हिस्सा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से प्राप्त किया जाता है। देश का सबसे बड़ा गेहूँ उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है जहाँ देश का 1/3 भाग गेहूँ पैदा किया जाता है। इसके अलावे बिहार, पं. बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी गेहूँ की खेती । की जाती है।
प्रश्न- उच्चावच प्रदर्शन की प्रमुख विधियों का वर्णन करें ?
उत्तर– धरातल पर पायी जानेवाली उच्चावच को प्रदर्शित करने के लिए अनेक विधियों का उपयोग किया जाता है। इनमें हैश्यूर विधि, पर्वतीय छायाकरण विधि, तल चिह्न विधि, स्थानीय ऊँचाई विधि, त्रिकोणीय स्टेशन विधि, स्तर- रंजन विधि तथा समोच्च रेखा विधि हैं। इन विधियों का विवरण निम्न प्रकार हैं —
(i) हैश्यूर विधि : इस विधि का विकास ऑस्ट्रिया के एक सैन्य अधिकारी लेहमान ने किया था। उच्चावच निरूपण के लिए इस विधि के अन्तर्गत मानचित्र में छोटी, महीन एवं खंडित रेखाएँ ढाल की दिशा अथवा जल बहने की दिशा में खींची जाती हैं। खड़ी ढाल प्रदर्शित करने के लिए अधिक छोटी मोटी एवं एक-दूसरे से सटी हुई रेखाएँ बनाई जाती हैं। मंद ढालों के लिए ये रेखाएँ पतली एवं दूर-दूर बनाई जाती हैं। समतल क्षेत्र को खाली छोड़ दिया जाता है। इस विधि से उच्चावच प्रदर्शित करने में काफी समय एवं श्रम लगता है। “
(ii) पर्वतीय छायांकन विधि: इस विधि के अन्तर्गत प्रकाश और छाया की मदद ली जाती है। धरातल के ऊपर प्रकाश पड़ने से जो छायाचित्र उभरता है उसी के अनुसार विभिन्न रंगों से उसे छायांकित किया जाता है। इस विधि में यह मान लिया जाता है कि किसी भू-भाग पर प्रकाश ऊपर से उत्तर-पश्चिम कोने पर पड़ रहा है। इसके कारण अंधेरे में पड़नेवाले हिस्से को अथवा ढाल को गहरी आभा से और प्रकाश में पड़ने वाले हिस्से या कम ढाल वाले क्षेत्र को हल्की आभा से भर देते हैं या खाली छोड़ देते हैं।
(iii) तल चिह्न विधि: वास्तविक सर्वेक्षण द्वारा किसी स्थान की समुद्र तल से मापी गई ऊँचाई को प्रदर्शित करने वाले चिह्न को तल चिह्न कहा जाता है। मानचित्र पर ऐसे ऊँचाई को प्रदर्शित करने के लिए ऊँचाई फीट या मीटर किसी एक इकाई में लिखा जाता है।
(iv) स्थानिक ऊँचाई विधि : तल चिह्न की मदद से किसी स्थान विशेष की मापी गई ऊँचाई को स्थानिक ऊँचाई कहा जाता है। इस विधि में बिन्दुओं द्वारा मानचित्र में विभिन्न स्थानों की ऊँचाई संख्या में लिख दिया जाता है।
(v) स्तर- रंजन विधि : यह एक विस्तृत क्षेत्र के उच्चावच विवरण को दिखाने की साधारण विधि है। इस विधि से धरातल का चित्रण करने में विभिन्न रंगों का प्रयोग किया जाता है। ये रंग समोच्च रेखाओं की मदद से ही भरे जाते हैं।
(vi) त्रिकोणमितीय स्टेशन विधि : उच्चावच प्रदर्शन की इस विधि में मानचित्र में त्रिकोणमितीय स्टेशन की स्थिति को एक त्रिभुज द्वारा दिखाया जाता है। इस त्रिभुज के नजदीक उस स्टेशन की धरातल पर समुद्र तल से ऊँचाई लिख दी जाती है।
प्रश्न- बाढ़ से बचाव के कोई दो उपाय लिखें।
उत्तर– बाढ़ नियंत्रण के उपाय निम्न हैं —
(i) नदी तटबंधों की मरम्मत करने का कार्य करना चाहिए।
(ii) नदी तटबंध के ऊपर वृक्षारोपण का कार्य करना चाहिए।
(iii) सरकार के द्वारा विभिन्न नदियों को आपस में जोड़ने का कार्य किया जाना चाहिए।
(iv) सुदूर संवेदन प्रणाली के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर बाँधों का नियमित समय पर जाँच किया जाना चाहिए।
प्रश्न- सुनामी क्या है ?
उत्तर– सुनामी जापानी भाषा का शब्द है जो सु यानी बंदरगाह और नामी अर्थात् लहर से बना है। इस प्रकार सुनामी का शाब्दिक अर्थ बंदरगाह की लहर होता है। समुद्र में उठने वाले काफी ऊँचे भयंकर और विनाशकारी लहरों को सुनामी कहा जाता है। इसे “Killer wake” या “हत्यारा लहर” भी कहते हैं।
प्रश्न- भूकंप क्या है? भूकंप से बचाव के दो उपाय लिखें।
उत्तर– भूकंप भू और कम्प से मिलकर बना है। भू का अर्थपृथ्वी और कम्प का अर्थ काँपना होता है। इसप्रकार भूकम्प का शाब्दिक अर्थ पृथ्वी का काँपना होता है। किसी ज्ञात या अज्ञात कालबद्ध पृथ्वी के अचानक काँपने की किग्रा को भूकंप कहते हैं।
इससे बचाव के उपाय निम्न हैं —
(i) भवनों का निर्माण आयताकार किया जाना चाहिए।
(ii) ईंट, पत्थर या कंक्रीटयुक्त दिवालों का निर्माण किया जाना चाहिए।
(iii) दरवाजे तथा खिड़कियों की स्थिति भूकम्प अवरोधी होनी चाहिए।
(iv) गलियों एवं सड़कों को चौड़ा होना चाहिए।
प्रश्न- प्राथमिक उपचार से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– किसी दुर्घटना के घटित होने के तुरंत बाद किए जाने वाले उपायों को प्राथमिक उपचार कहते हैं जिसका उद्देश्य पीड़ित को आगे कोई अन्य क्षति पहुँचने से रोकना है। प्राथमिक उपचार के मुख्य उद्देश्य निम्नांकित हैं —
(i) जीवन की रक्षा करना।
(ii) पीड़ित व्यक्ति की दशा और बिगड़ने से रोकना।
(iil) उसकी पीड़ा को कम और दूर करने का प्रयास करना ।
बचाव दल के पास कुछ प्राथमिक उपचार पेटियाँ होनी चाहिए जिनमें रूई, चिपकाने वाले टैप, रोगाणुरहित मरहम-पट्टी, क्रेप बैंडेज, साबुन, कैंची, दर्दनाशक, थर्मामीटर, ओ० आर० एस० पैकेट और एन्टिऐसिड आदि।
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