Bihar Secondary School Sample Paper Solved | BSEB Class 10th Sample Sets with Answers | Bihar Board class 10th Sample Paper Solved | Bihar Board Class 10th social science Sample set – 4
1. हो ची मिन्ह का शाब्दिक अर्थ है
(A) पथप्रदर्शक
(B) मसीहा
(C) क्रांतिकारी
(D) इनमें से कोई नहीं
2. यंग इटली के संस्थापक कौन था ?
(A) मेजिनी
(B) काबूर
(C) गैरीबाल्डी
(D) बिस्मार्क
3. रॉलेट कानून किस वर्ष पारित हुआ था ?
(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935
(D) 1947
4. लखनऊ समझौता किस वर्ष हुआ ?
(A) 1916 में
(B) 1918 में
(C) 1922 में
(D) 1930 में
5. सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किसने किया ?
(A) महात्मा गाँधी
(B) मोतीलाल नेहरू
(C) तिलक
(D) लाला लाजपत राय
6. तिलक ने ‘केसरी’ का प्रकाशन किस भाषा में किया ?
(A) हिंदी में
(B) मराठी में
(C) अँगरेजी में
(D) कोंकणी में
7. भूमंडलीकरण का आरंभ किस दशक से माना जाता है ?
(A) 1960 के दशक से
(B) 1970 के दशक से
(C) 1980 के दशक से
(D) 1990 के दशक से
8. भूमंडलीकरण शब्द का इजाद किसने किया ?
(A) कीन्स ने
(B) ब्रियाँ ने
(C) फ्रेडरिक विलियन ने
(D) जॉन विलियम्सन ने
9. ‘गदर’ का प्रकाशन किसने किया ?
(A) अबुल कलाम आजाद
(B) मोहम्मद अली
(C) लाला हरदयाल
(D) वारेन हेस्टिस
10. तिलक ने केसरी का प्रकाशन किस भाषा में किया ?
(A) हिन्दी में
(B) मराठी में
(C) अंग्रेजी में
(D) कोकणी में
11. बिहार के किस शहर में काँच उद्योग स्थापित है ?
(A) हाजीपुर
(B) शाहपुर
(C) भुरकुण्डा
(D) भवानी नगर
12. मृदा संरक्षण के लिए कौन-सा उपाय उपयोगी है ?
(A) पशुओं की चराई पर नियंत्रण
(B) समोच्च जुताई
(C) खेतों में ह्यूमस डालना
(D) इनमें से सभी
13. सबसे अधिक आबादी वाला कौन जिला है ?
(A) भागलपुर
(B) पटना
(C) नालन्दा
(D) मुंगेर
14. इनमें से कहाँ सबसे अधिक मैंग्रोव वन का विस्तार है ?
(A) पूर्वोत्तर क्षेत्र
(B) पश्चिमी तट
(C) सुन्दरवन
(D) अंडमान निकोबार
15. निम्नांकित में किस खनिज के साथ प्राकृतिक गैस पाई जाती है ?
(A) कोयला
(B) चूना पत्थर
(C) पेट्रोलियम
(D) यूरेनियम
16. एशिया का सबसे बड़ा परमाणु विद्युत गृह है ?
(A) तारापुर
(B) कल्पवज्ज
(C) कैगा
(D) नरौरा
17. क्योटो सम्मेलन कब हुआ था ?
(A) 1996
(B) 1997
(C) 1998
(D) 1999
18. इनमें से कौन औद्योगिक अवस्थिति का कारक नहीं है ?
(A) बाजार
(B) जनसंख्या
(C) पूँजी
(D) ऊर्जा
19. इन्नौर पत्तन किस राज्य में स्थित है ?
(A) गुजरात
(B) गोवा
(C) तमिलनाडु
(D) कर्नाटक
20. इनमें से कहाँ जैविक मिट्टी नहीं पाई जाती है ?
(A) तमिलनाडु
(B) उत्तराखंड
(C) झारखंड
(D) ओडिशा
21. धर्म को समुदाय का मुख्य आधार माननेवाला व्यक्ति क्या कहलाता है ?
(A) सांप्रदायिक
(B) जातिवादी
(C) आदर्शवादी
(D) धर्मनिरपेक्ष
22. भारत में पंचायती राज की संस्थाओं में महिलाओं को कितने प्रतिशत आरक्षण दिया गया है ?
(A) 30%
(B) 33%
(C) 35%
(D) 40%
23. ग्राम पंचायत का बजट कौन पास करता है ?
(A) मुखिया
(B) पंचायत समिति
(C) जिला परिषद्
(D) ग्राम सभा
24. विश्व के कितने हिस्से में लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है।
(A) दो तिहाई हिस्से में
(B) एक चौथाई हिस्से में
(C) आधे हिस्से में
(D) इनमें से कोई नहीं
25. इनमें से किस देश का राष्ट्रपति रवर स्टंप की तरह नहीं है
(A) ब्रिटेन
(B) कनाडा
(C) भारत
(D) आस्ट्रेलिया
26. दलित युवाओं का संगठन दलित पैंथर्स कब बना ?
(A) 1962 में
(B) 1972 में
(C) 1982 में
(D) 1992 में
27. भारतीय लोकतंत्र में कौन सी बात देखने को नहीं मिलती ?
(A) स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव
(B) स्वतंत्र न्यायपालिका
(C) बहुसंख्यकों का शासन
(D) उत्तरादायित्व का सिद्धांत
28. राजनीतिक सुधारों का कार्य इसमें से कौन नहीं कर सकते
(A) चिकित्सक
(B) राजनीतिक अर्थकता
(C) राजनीतिक दल
(D) आन्दोलन
29. ब्रिटेन में किस वर्ष सार्वजनिक व्यस्क मताधिकार को मान्यता मिली
(A) 1906 में
(B) 1911 में
(C) 1928 में
(D) 1931 में
30. महासागरों में कुल जल की कितनी मात्रा है ?
(A) 94%
(B) 71%
(C) 29%
(D) 96.5%
31. भारत में पहली पंचवर्षीय योजना की अवधि थी
(A) 1950-55
(B) 1951-56
(C) 1947-52
(D) 1952-57
32. सबसे कम प्रति व्यक्ति आय है—
(A) बिहार का
(B) झारखण्ड
(C) उत्तर प्रदेश का
(D) उड़ीसा का
33. भारत की आर्थिक व्यवस्था है
(A) समाजवादी
(B) पूँजीवादी
(C) मिश्रित
(D) इनमें से कोई नहीं
34. शेयर बाजार की नियामक संस्था है
(A) SIDBI
(B) SEBI
(C) RBI
(D) STOCK EXCHANGE
35. कौन-सी सेवा गैर सरकारी है ?
(A) वित सेना
(B) सैन्य सेवा
(C) मॉल सेवा
(D) रेल सेवा
36. विश्व व्यापार संगठन की मुख्यालय कहाँ है ?
(A) जेनेवा
(B) पेरिस
(C) न्यूयार्क
(D) मास्को
37. सूचना का अधिकार किस प्रकार का अधिकार है ?
(A) धार्मिक
(B) सामाजिक
(C) वैधानिक
(D) परंपरागत
38. उपभोक्ता शोषण का मुख्य कारण है ?
(A) सूचना का अभाव
(B) ज्ञान में कमी
(C) बिक्रेताओं द्वारा मूर्ख बनाना
(D) इनमें से कोई नहीं
39. महासागर की तली में होनेवाले कंपन को किस नाम से जाना जाता है
(A) सुनामी
(B) भूकंप
(C) चक्रवात
(D) भूस्खलन
40. लोकसभा में निर्वाचन हेतु कुल सीटों की संख्या है
(A) 542
(B) 544
(C) 543
(D) 545
41. अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन की स्थापना कब हुई ?
(A) 1848
(B) 1858
(C) 1885
(D) 1920
42. इंग्लैंड में चार्टिस्ट आंदोलन की शुरुआत किस वर्ष हुई ?
(A) 1930
(B) 1935
(C) 1838
(D) 1940
43. रूस में कृषक दास प्रथा का अंत कब हुआ ?
(A) 1861
(B) 1862
(C) 1860
(D) 1870
44. ‘चिपको आंदोलन’ की शुरुआत किस राज्य से हुई ?
(A) उत्तराखंड से
(B) बिहार से
(C) मध्य प्रदेश से
(D) छत्तीसगढ़ से
45. मरुस्थलीय मृदा किस राज्य में पायी जाती है ?
(A) उत्तरप्रदेश
(B) राजस्थान
(C) कर्नाटक
(D) महाराष्ट्र
46. भारत के किस राज्य में वन का सबसे अधिक विस्तार पाया जाता है ?
(A) केरल
(B) कर्नाटक
(C) मध्य प्रदेश
(D) उत्तर प्रदेश
47. 15वीं लोकसभा में महिलाओं की कितनी भागीदारी थी ?
(A) 10.68 प्रतिशत
(B) 15 प्रतिशत
(C) 33 प्रतिशत
(D) 50 प्रतिशत
48. कृषि सुखाड़ होता है
(A) मिट्टी की लवणता के कारण
(B) मिट्टी की नमी के अभाव में
(C) मिट्टी के क्षय के कारण
(D) जल के अभाव में
प्रश्न- वियना कांग्रेस की क्या उपलब्धियाँ थीं ?
उत्तर– वियना कांग्रेस की उपलब्धियाँ—
(i) फ्रांस को नेपोलियन द्वारा विजित क्षेत्रों को वापस लौटाने को कहा गया।
(ii) प्रशा को उसकी पश्चिमी सीमा पर नए महत्त्वपूर्ण क्षेत्र दिए गए।
(iii) इटली को अनेक छोटे-छोटे राज्यों में विभक्त कर दिया गया।
(iv) रूस को पोलैंड का एक भाग दिया गया।
(v) ब्रिटेन को अनेक क्षेत्र दिए गए।
(vi) जर्मन महासंघ पर ऑस्ट्रिया का प्रभाव स्थापित किया गया।
(vii) नेपोलियन द्वारा पराजित राजवंशों की पुनर्स्थापना की गई।
(viii) वियना काँग्रेस ने यूरोपीय कन्सर्ट की भी स्थापना की।
प्रश्न- औद्योगिक क्रांति क्या है ?
उत्तर– अठारहवीं सदी में कई ऐसे आविष्कार हुए जिन्होंने उत्पादन प्रक्रिया के हर चरण की कुशलता बढ़ा दी। वाष्पशक्ति से संचालित मशीनों द्वारा बड़े-बड़े कारखानों में व्यापक पैमाने पर वस्तुओं का उत्पादन होने लगा। इसे ही औद्योगिक क्रांति की संज्ञा दी गई।
प्रश्न- ब्रिटेन में महिला कामगारों ने स्पीनिंग जेनी का क्यों विरोध किया ?
उत्तर– यूरोप में जब ऊन उद्योग में स्पिनिंग जेनी मशीन का इस्तेमाल शुरू किया गया तो हाथ से ऊन कातने वाली औरतें इस तरह की मशीनों पर हमला करने लगी। कई जगहों पर मशीनों को चौराहे पर लाकर उनमें आग भी लगा दी गई। औद्योगीकरण ने मजदूरों की आजीविका को इस तरह नष्ट-भ्रष्ट कर दिया था कि उनके पास दैनिक उपभोग के पदार्थों को खरीदने के लिए धन नहीं रहा।
प्रश्न- 1929 ई० के आर्थिक संकट के किन्हीं तीन कारणों का संक्षिप्त विवरण दें।
उत्तर– 1929 ई० के विश्व के आर्थिक संकट के निम्नलिखित कारण थे—
(i) ये संकट औद्योगिक क्रांति के कारण वस्तुओं की आवश्यकता से अधिक उत्पादन के कारण पैदा हुईं।
(ii) प्रथम विश्वयुद्ध के कारण यूरोप के देश इतने बर्बाद हो गए थे कि अमेरिका से माल आयात करने की अवस्था में नहीं थे।
(iii) जब तैयार माल का कोई खरीदार नहीं रहा तो वहाँ के कारखाने बंद हो गए और लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए।
प्रश्न- तकनीकी विकास का मुद्रण पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर– अठारहवीं सदी के अंत तक प्रिंटिंग प्रेस धातु से बनने लगे थे। उन्नीसवीं सदी के दौरान छापेखाने की तकनीक में निरंतर सुधार होता गया। इस सदी के मध्य में न्यूयार्क के रिचर्ड एम० हो० ने शक्तिचालित बेलनाकार प्रेस बनाया। इस प्रेस से प्रति घंटे 8000 कागज की शीट छप सकती थी। उन्नीसवीं सदी के अंत में ऑफसेट प्रेस आ चुका था, जिससे एक साथ छह रंग की छपाई संभव थी। बीसवीं सदी के प्रारंभ से बिजली से चलने वाले प्रेस के आ जाने से छपाई का काम बड़ी ज गति से होने लगे। आगे के दशकों में प्रेस की तकनीक में सुधार होते गये, जिसके परिणामस्वरूप छपाई का स्वरूप ही बदल गया।
प्रश्न- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में प्रेस की क्या भूमिका थी ?
उत्तर– जनमानस तैयार करने में प्रेस की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है। समाचार पत्र-पत्रिकाएँ विविध घटनाओं, समस्याओं तथा विचारों के सम्बंध में जनता को सूचना प्रदान करने का कार्य करते हैं। साधारणतया समाचार पत्रों में प्रकाशित इन सूचनाओं और विचारों के आधार पर ही जनसाधारण अपने विचारों को निर्माण करते हैं। शिक्षा के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार से समाचार पत्र जनमत निर्माण एवं उसकी अभिव्यक्ति के सबसे महत्त्वपूर्ण साधन बन गए हैं।
भारत में प्रेस का विकास ब्रिट्रिश सरकार के निरंकुशतापूर्ण शासन में उनके विरोधों के बीच हुआ। ब्रिटिश शासक द्वारा समय-समय पर प्रेस पर नियंत्रण लगाने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्वतंत्र लेखन से राष्ट्रवादी विचारधाराओं को बल मिलना था।
राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान प्रेस ने राष्ट्रवादी विचारधाराओं, स्वतंत्रता के महत्त्व तथा अंग्रेजों की दमनपूर्ण एवं शोषणकारी नीतियों का जमकर उल्लेख किया, जिसके फलस्वरूप औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध एक मानस तैयार हुआ। यह महत्त्वपूर्ण है कि जब पत्रिकाओं का प्रकाशन प्रारंभ हुआ उस समय समाज में सुधारवादी संगठनों की स्थापना हो चुकी थी और शिक्षित समाज ने प्रेस को एक नई दिशा दी। प्रेस के विकास का माध्यम राष्ट्रवादी चेतना का विकास ही था।
‘अम्बिका प्रसाद वाजपेयी ने प्रेस के विषय में ठीक ही लिखा था कि “भारत के प्रेस व छापेखाने और समाचार-पत्र गैर-सरकारी अंग्रेजों के उद्योग से स्थापित ‘ हुए थे। शासकों के पक्ष में पशुबल था और सम्पादकों पर नैतिक बल और अंत में उनकी विजय हुई।
प्रश्न- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महात्मा गाँधी के योगदानों का उल्लेख करें।
उत्तर– भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महात्मा गाँधी सर्वाधिक लोकप्रिय हुए क्योंकि राष्ट्रीयत आंदोलन के महत्त्वपर्ण कालखंड 1919 से 1947 ई० के युग में राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गाँधी द्वारा ही किया गया और जिसमें वह सफल भी रहे। उन्होंने सर्वप्रथम बिहार के चंपारण जिले में नील की खेती करने वाले किसानों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष किया। गाँधीजी ने ‘सत्याग्रह’ का सहारा लेकर सरकार को विवश किया कि वे नील की खेती करने वाले किसानों को सुविधाएँ प्रदान करें। 1919 ई० में जालियाँवाला बाग की घटना के बाद गाँधीजी ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल बजा दिया। 1920 ई० में महात्मा गाँधी ने अंग्रेजी सरकार के विरुद्ध ‘असहयोग आंदोलन’ की नींव रखी जिसमें बड़ी संख्या में भारतीयों ने भाग लिया तथा इसे आशा से अधिक सफलता मिली। चौरा-चौरी की घटना के बाद गाँधीजी ने इसे स्थगित कर दिया और 1930 ई० में दाण्डी यात्रा कर नमक कानून का उल्लंघन किया तथा सविनय अवज्ञा आंदोलन को प्रारंभ किया। 1934 ई. तक यह आंदोलन चलता रहा। 1942 ई० में गाँधीजी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की घोषणा की तथा भारतीयों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया। इस आंदोलन ने स्पष्ट कर दिया कि भारत को अधिक दिनों तक गुलाम बनाए रखना संभव न हो सकेगा।
महात्मा गाँधी ने राष्ट्रीयता की भावना को गाँव-गाँव तक पहुँचाया तथा काँग्रेस द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलनों में परिवर्तित कर राष्ट्रीय आंदोलन को मजबूती प्रदान की।
प्रश्न- सामाजिक विभेद किस प्रकार सामाजिक विभाजन के लिए उत्तरदायी है ?
उत्तर– वास्तव में सामाजिक विभेद सामाजिक विभाजन और सामाजिक संघर्ष के लिए मूल रूप से उत्तरदायी होता है। प्रत्येक समाज में विभिन्न जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के लोग निवास करते हैं। सामाजिक विभेद का मूल कारण जन्म को माना जाता है। विविधता अच्छी चीज है, परंतु यह राष्ट्र के लिए घातक भी है। धर्म, क्षेत्र, भाषा, संप्रदाय आदि के नाम पर आपस में उलझना राष्ट्र को कमजोर बनाना है। इससे सामाजिक विभाजन के खतरे बढ़ जाते हैं। अतः, सामाजिक विभेद को मिटाकर ही सामाजिक विभाजन को रोका जा सकता है।
प्रश्न- सूचना का अधिकार आंदोलन के मुख्य उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर– सूचना के अधिकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी नागरिक द्वारा सरकारी अभिलेख, इमेल आदेश, दस्तावेज, नमूने और इलेक्ट्रॉनिक आँकड़ों आदि के संबंध में पूछे गए सूचनाओं को प्राप्त करना था।
प्रश्न- लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है, कैसे ?
उत्तर– लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है। यह लोकतंत्र की सर्वमान्य परिभाषा है जो अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने दिया था। लोकतांत्रिक शासन के अन्तर्गत जनता अपने बहुमूल्य वोट देकर अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं। चुने गये प्रतिनिधियों के द्वारा सरकार का गठन किया जाता है। जिस राजनीतिक दल के सर्वाधिक प्रतिनिधि चुने जाते हैं उनकी सरकार बनती है। पराजित राजनीतिक दल विरोधी की भूमिका निभाते हैं। ये विरोधी दल सरकार को निरंकुश होने से रोकते हैं। लोकतंत्र में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका एक-दूसरे पर नियंत्रण रखते हैं।
प्रश्न- भारत की संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति क्या है ?
उत्तर– भारत की विधायिका में महिला प्रतिनिधियों का अनुपात बहुत ही कम है। लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कुल सदस्यों की ग्यारह फीसदी तक भी नहीं पहुँच पाई है। विभिन्न राज्यों के विधान सभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व -5% से भी कम है। भारत महिला प्रतिनिधित्व के मामले में अफ्रीका और लातिन अमेरिका के विकासशील देशों से भी पीछे है। भारत की लोकसभा में महिला प्रतिनिधियों की संख्या 59 हो गई है।
प्रश्न- दल-बदल कानून क्या है ?
उत्तर– दल-बदल कानून विद्यालयों और सांसदों के एक दल से दूसरे दल में दल-बदल रोकने के लिए संविधान में संशोधन कर कानून बनाया गया है। इसे ही दल-बदल कानून कहते हैं।
प्रश्न- गुप्त मतदान पत्र क्या है ?
उत्तर– भारतीय संविधान में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए गुप्त मतदान की व्यवस्था है। देश का प्रत्येक 18 वर्ष के ऊपर की आयु के मताधिकार प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति को अपना मतदान, मतपत्र अथवा EVM मशीन के द्वारा वहाँ की व्यवस्था के अनुसार किसी व्यक्ति को बतलाए बिना गुप्त ढंग से करना ही गुप्त मतदान कहलाता है। इसी व्यवस्था को गुप्त प्रणाली व्यवस्था भी कहा जाता है।
प्रश्न- लोकतंत्र में विपक्षी दलों की भूमिका की विवेचना करें ?
उत्तर– संसदीय लोकतंत्र की सफलता की एक आवश्यक शर्त यह है कि एक संगठित विपक्षी दल अवश्य रहे। भारत का यह दुर्भाग्य रहा है कि ब्रिटेन और अमेरिका की तरह यहाँ ऐसा कोई विरोधी दल नहीं है जो अकेले अपनी सरकार बनाने में समर्थ हो सके। भारत में राजनीतिक दलों के ध्रुवीकरण की दिशा में कभी ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। जयप्रकाश नारायण के प्रयास के फलस्वरूप 1977 के चुनाव के अवसर पर पहली बार विपक्ष ने जनता पार्टी के रूप में उभरकर सत्ता प्राप्त की। परंतु, कालांतर में इस दल ने भी अपने को एक गठबंधन सिद्ध कर दिया और बिखरकर पुनः कई दलों में विभक्त हो गया। प्रतिपक्षी एकता के प्रयास के फलस्वरूप 1983 में भारतीय जनता पार्टी और लोकदल द्वारा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा तथा जनता पार्टी का काँग्रेस (स), लोकतांत्रिक समाजवादी दल और राष्ट्रवादी काँग्रेस द्वारा गठित संयुक्त मोर्चा बना, परंतु यह काँग्रेस (इ०) का विकल्प नहीं बन सका। कुछ हद तक चुनावी तालमेल में भले ही इन्हें सफलता मिली, परंतु भारतीय राजनीति में इनकी कोई स्पष्ट भूमिका देखने को नहीं मिल सकी।
1996 तक काँग्रेस (इ.) पार्टी सशक्त बनी रही, परंतु 1996 के बाद लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एक सशक्त दल के रूप में उभरकर आई । और काँग्रेस (इ.) को विपक्ष की ही भूमिका निभाने के लिए बाध्य होना पड़ा। 2004 में परिस्थिति में हलका परिवर्तन हुआ और 2004 के लोकसभा चुनाव में सदन में सर्वाधिक स्थान पानेवाली पार्टी भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ही रही। कई दलों को मिलाकर एक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन बना और केंद्र में इसी गठबंधन की सरकार बनी। इस प्रकार आठ वर्षों के अंतराल के बाद काँग्रेस पुनः सत्तारूढ़ दल की श्रेणी में आ गई। भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा में विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए बाध्य होना पड़ा। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्ववाले गठबंधन (राजग) के सत्ता में आने के बाद कोई भी दल विरोधी दल का दर्जा पाने में असमर्थ रहा।
प्रश्न- बिहार में लोकतंत्र के मार्ग की प्रमुख बाधायें कौन है ?
उत्तर– ‘बिहार भारतीय संघ का एक राज्य है और सत्ता में इसकी भी भागीदारी है। बिहार में लोकतांत्रिक व्यवस्था प्राचीनकाल में भी विद्यमान थी। बिहार के ही वैशाली जिले में लिच्छवी गणतंत्र फला-फूला। भारत की तरह बिहार का लोकतंत्र भी सफलता के मार्ग पर अग्रसर है। इसके बावजूद, बिहार में लोकतंत्र के मार्ग में अनेक बाधाएँ हैं और भारतीय लोकतंत्र की भाँति बिहार में भी लोकतंत्र को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा की दृष्टि से सबसे पिछड़े राज्य | बिहार में लोकतंत्र में विश्वास की कमी, नागरिक गुणों का अभाव, मताधिकार के प्रति उदासीनता, मूल्यविहीन राजनीति जैसी बाधाएँ लोकतंत्र के मार्ग में खड़ी हैं। जहाँ भारत की साक्षरता दर 73 प्रतिशत है, वहाँ बिहार की साक्षरता दर सिर्फ 61.8 प्रतिशत है। बिहार में लोकतंत्र की जड़ें गहरी हो सकें और इसके मार्ग की बाधाएँ दूर हो सकें, इसके लिए सबसे अधिक आवश्यकता बिहार को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की है। इसके लिए व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर इसके विकास में भागीदार बनने की आवश्यकता है।
प्रश्न- सकल घरेलू उत्पाद से आप क्या समझते हैं? इसे कैसे ज्ञात किया जाता है ?
उत्तर– किसी एक देश की सीमा के अन्दर किसी भी दी गई समयावधि, प्रायः एक वर्ष में उत्पादित समस्त अंतिम वस्तुओं तथा सेवाओं का कुल बाजार या मौद्रिक मूल्य, उस देश का सकल घरेलू उत्पाद कहलाता है। सकल घरेलू उत्पादन में अप्रत्यक्ष करों एवं मूल्य-हास को जोड़ा जाता है क्योंकि वे भी साधनों की आय ही हैं जिन्हें वे प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त नहीं करते हैं।
प्रश्न- विश्व व्यापार संगठन (WTO) क्या है? यह कब और क्यों स्थापित किया गया ?
उत्तर– विश्व व्यापार संगठन एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना जनवरी, 1995 ई० में की गई। इस संगठन का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना है। वर्तमान समय में 149 देश विश्व व्यापार संगठन के सदस्य हैं। इसका मुख्यालय जेनेवा में है। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित नियमों को निर्धारित करता है। यह संगठन सभी देशों को मुक्त व्यापार की सुविधा देता है।
प्रश्न- नरेगा का पूर्ण रूप लिखें।
उत्तर– राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (National Rural Employment Guarantee Act) के तहत शुरू की गई है। यह संक्षेप में “नरेगा” (NAREGA) कहा जाता है।
प्रश्न- राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान किसे कहते हैं ?
उत्तर– ऐसी वित्तीय संस्थाएँ जो देश के लिए वित्तीय और सारख नीतियों का निर्धारण एवं निर्देशन करती है तथा राष्ट्रीय स्तर पर वित्त प्रबंधन के कार्यों का संपादन करती है, उसे हम वित्तीय संस्थाएँ कहते हैं। इसे दो भागों में बाँटा गया हैं—(i) भारतीय मुद्रा बाजार, (ii) भारतीय पूँजी बाजार
अपने देश के ऐसे मौद्रिक बाजार जहाँ उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र के लिए अल्पकालीन एवं मध्यकालीन वित्तीय व्यवस्था एवं प्रबंधन किया जाता है। उसे भारतीय मुद्रा बाजार कहते हैं। भारतीय पूँजी बाजार में भी उद्योग और व्यवसाय के लिए दीर्घकालीन वित्तीय व्यवस्था और प्रबंधन की व्यवस्था की जाती है।
प्रश्न- कोपरा क्या है? इसे पारित करने की क्यों आवश्यकता हुई ?
उत्तर– कोपरा का मतलब केवल उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के सम्बन्ध में शिक्षित करना ही नहीं, वरन् बाजार में उनके शोषण के विरुद्ध सरकार द्वारा निर्मित विभिन्न नियमों तथा कानूनों की जानकारी देना भी है।
प्रत्येक व्यक्ति का यह अधिकार है कि वह जिस वस्तु का उपभोक्ता है, उसके विषय में पूर्ण जानकारी लें, जैसे- वस्तु का गुण, मात्रा, निर्माण का समय, वस्तु बनाने में प्रयुक्त तत्त्व तथा इनमें होनेवाले प्रभाव को जानें। यदि उपभोक्ता किसी विशेष वस्तु का उपभोग करता है और वह वस्तु खराब निकलती है, तो उपभोक्ता अपने निकटतम ‘उपभोक्ता केन्द्र में उसकी उचित शिकायत दर्ज करवा कर समुचित मुआवजा प्राप्त कर सकता है।
अपने अधिकारों एवं दायित्वों की जानकारी नहीं रहने के कारण प्रायः उपभोक्ता शोषण के शिकार हो जाते हैं। अतः, उनके शोषण को रोकने और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए उन्हें जागरूक बनाना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, मनुष्य के स्वास्थ्य और दीर्घ जीवन के लिए चिकित्सा सेवाएँ अत्यधिक महत्त्वपूर्ण हैं। उपभोक्ता के रूप में एक मरीज को भी उचित इलाज और सुरक्षित रहने का अधिकार है। यदि चिकित्सक मरीजों के इलाज में लापरवाही करते हैं या उनका सही इलाज नहीं करते तो मरीज को क्षतिपूर्ति का अधिकार है। इसके उदाहरण नीचे दिए गए हैं।
पटना के एक शल्यचिकित्सक ने एक महिला के पेट का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन पूरा होने के कुछ दिनों बाद ही महिला के पेट में भयंकर दर्द होने लगा। जाँच करने पर पता चला कि ऑपरेशन के दौरान शल्यचिकित्सक ने लापरवाही से एक छोटा तौलिया उस महिला के पेट के अंदर ही छोड़ दिया था। उस महिला के परिवारवाले जागरूक थे और उन्होंने जिला फोरम में शल्यचिकित्सक के विरुद्ध केस दायर कर दिया। वहाँ से केस खारिज होने के बाद उनके परिवारवालों ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जिसने चिकित्सक को लापरवाही का दोषी पाया और उक्त महिला को हर्जाना देने का आदेश दिया।
प्रश्न- बिहार में वन-विनाश के मुख्य कारकों को लिखें।
उत्तर– वन विनाश के मुख्य कारक निम्नलिखित हैं—
(i) मानवीय हस्तक्षेप, अनियंत्रित पशुचारण एवं विविध तरीकों से वन सम्पदा का दोहन ।
(ii) तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण कृषिगत भूमि का विस्तार ।
(iii) तीव्र गति से उत्खनन, विकास योजनाएँ तथा संवर्द्धन वृक्षारोपण।
(iv) वनों से अन्धाधुन्ध लकड़ी कटाई ।
(v) वनों में आग लगना।
प्रश्न- हरित क्रांति से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– भारत एक कृषि प्रधान देश होते हुए भी यहाँ की कृषि रूढ़िवादिता एवं पुरानी विधियों के शिकंजे में जकड़ी हुई थी। फलस्वरूप कृषि उत्पादन का स्तर बहुत ही नीचा था। अतः कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए 1966-67 से कृषि विकास की नई नीति का सूत्रपात किया गया। इसके अन्तर्गत उन्नत किस्म के बीज, उत्तम उर्वरक एवं समुचित सिंचाई के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
इनके अतिरिक्त आधुनिक औजारों एवं वैज्ञानिक कृषि-विधियों के प्रयोग, कृषिअनुसंधान, कृषि साख की व्यवस्था एवं भूमि सुधार पर भी जोर दिया गया। खाद्यान्नों के उत्पादन में हुई यह वृद्धि आश्चर्यजनक एवं क्रांतिकारी वृद्धि कही जा सकती है जिसे हरित क्रांति की संज्ञा दी गई है। इस प्रकार हरित क्रांति का अर्थ अधिक उपज देने वाले बीज, रासायनिक खाद, समुचित सिंचाई, आधुनिक औजार, वैज्ञानिक कृषि विधि एवं कृषि अनुसंधान पर आधारित नये प्रयोगों के फलस्वरूप लहलहाती हुई हरी फसलों एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि से है।
प्रश्न- भारत के किन-किन क्षेत्रों में पवन ऊर्जा के अनुकूल परिस्थितियाँ हैं ?
उत्तर– भारत में पवन ऊर्जा के लिए तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में अनुकूल परिस्थितियाँ विद्यमान है। गुजरात के कच्छ में लाम्बा का पवन ऊर्जा संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा संयंत्र है। भारत में पवन ऊर्जा फार्म के विशालतम पेटी तमिलनाडु में नागरकोइल से मदुरई तक अवस्थित है। जैसलमेर (राजस्थान) भारत में पवन ऊर्जा के प्रभावी प्रयोग के लिए प्रसिद्ध है। भारत को अब विश्व में 6 पवन महाशक्ति का दर्जा प्राप्त है।
प्रश्न- उद्योगों के स्थानीयकरण के किन्हीं तीन कारकों को बताएँ।
उत्तर– उद्योगों के स्थानीकरण के तीन प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं—
(i) कच्चे माल की उपलब्धता / सुविधा
(ii) परिवहन की सुविधा
(iii) बाजार की उपलब्धता ।
प्रश्न- बिहार में सभी जगह जनसंख्या का वितरण एक जैसा नहीं है?’ स्पष्ट करें।
उत्तर– बिहार में जनसंख्या का भौगोलिक वितरण असमान है। इसका कारण राज्य के प्राकृतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्वरूप में भिन्नता है। सामान्य ज् के मध्यवर्ती भाग में समतल भूमि, उपजाऊ मिट्टी, सिंचाई तथा यातायात की सुविधा के कारण अधिक जनसंख्या पायी जाती है। बिहार के जिन भागों के धरातल ऊबड़-खाबड़, अनुपजाऊ मिट्टी तथा यातायात के साधन का समुचित विकास नहीं हो पाया है वहाँ कम जनसंख्या मिलती है।
राज्य की कुल आबादी का तीन-चौथाई भाग यानी 75 प्रतिशत गंगा के मैदानी भाग में मिलती है जबकि शेष एक-चौथाई भाग पठारी भाग में मिलती है। उत्तरी मैदान के पूर्वी भाग में सघन जनसंख्या पायी जाती है। गंगा के क्ष मैदानी भाग में भी सघन जनसंख्या पायी जाती है।
प्रश्न- “कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर– बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। कृषि एक तरफ 10 करोड़ आबादी का भोजन जुटा रही है तो दूसरी तरफ ग्रामीणों की आय का यह प्रमुख स्रोत है। कई कृषि उत्पाद ऐसे हैं, जिनसे फूड प्रोसेसिंग उद्योग विकसित हो रहा है। राज्य में खाद्यान्न फसलों (चावल, गेहूँ, मकई, दाल, तेलहन ) के अलावा रेशेदार फंसलों (पटसन, जूट), नकदी फसलों (गन्ना, तंबाकू, पान) तथा फल और सब्जियों का प्रचुर उत्पादन किया जा रहा है। कृषि को अधिक उत्पादक बनाने के लिए सिंचाई, बीज, उर्वरक, यंत्रीकरण, ऋण प्रवाह पर अधिक बल दिया जां रहा है।
राज्य में अनेक फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। धान के प्रमुख उत्पादक जिले हैं— रोहतास, औरंगाबाद और पश्चिमी चंपारण। गेहूँ के प्रमुख उत्पादक जिले हैं— रोहतास, सीवान, मधुबनी, मुजफ्फरपुर एवं पूर्वी चंपारण । . मक्का के प्रमुख उत्पादक जिले हैं- बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, कटिहार और मधेपुरा। दलहनी फसलों के अग्रणी उत्पादक जिले हैं- पटना, औरंगाबाद, नालंदा, भोजपुर और कैमूर। गन्ना के प्रमुख उत्पादक जिले हैं— पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज तथा पूर्वी चंपारण। समस्तीपुर, वैशाली, दरभंगा, पटना, भागलपुर, मुंगेर और मुजफ्फरपुर तंबाकू उत्पादन के प्रमुख जिले हैं। फलों में आम, अमरूद, लीची और केला प्रमुख हैं। सब्जियों के अंतर्गत आलू, प्याज, टमाटर, गोभी एवं हरी सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। इन कृषि फसलों के उत्पादन व व्यापार से कृषकों एवं व्यापारियों को लाभ तथा सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है।
कृषि के साथ पशुपालन भी किया जा रहा है। गाय, भैंस, भेड़, बकरी, एवं कुक्कुटपालन द्वारा लोगों को आजीविका व राज्य सरकार को आय की प्राप्ति हो रही है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के अंतर्गत चाय प्रसंस्करण उद्योग, दुग्ध-उद्योग, मखाना उद्योग, शहद, बिस्कुट, बेकरी, शीतल पेय उद्योग का विकास हुआ है। राज्य में मत्स्य उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। अतः उपर्युक्त कृषि एवं अनुषंगिक कार्य ही बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
प्रश्न- भू-आकृति को प्रदर्शित करने की सबसे अच्छी विधि कौन-सी है? कारण सहित बताएँ।
उत्तर– भू-आकृति को प्रदर्शित करने की सबसे अच्छी विधि समोच्च रेखा है। उच्चावच लक्षणों को समोच्च रेखा द्वारा दर्शाना अत्यधिक उपयोगी एवं लोकप्रिय विधि है। मानचित्र पर समोच्च रेखाएँ एक क्षेत्र की स्थलाकृति को समझने की सबसे उपयोगी विधि है।
समोच्च रेखाएँ माध्य समुद्र तल के ऊपर विभिन्न ऊर्ध्वाधर अंतरालों, जैसे – 20, 50, 100 मीटर पर खींची जाती हैं। इसे समोच्च रेखा का अन्तराल कहा जाता है। दिए गए मानचित्र पर प्रायः यह नियत होता है। इसे सामान्यतः मीटर में व्यक्त किया जाता है। एक स्थान से दूसरे स्थान पर ढाल की प्रकृति के अनुसार समोच्च रेखाओं के बीच का ऊर्ध्वाधर अन्तराल अचल होता है। क्षैतिज दूरी, जिसे क्षैतिज तुल्यांक के नाम से जाना जाता है, मंद ढाल के लिए अधिक एवं तीव्र ढाल के लिए कम होती है।
समोच्च रेखाओं की विशेषताएँ : समोच्च रेखाओं की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं—
(i) समोच्च रेखाएँ एवं उनकी आकृतियाँ स्थलाकृति के ढाल और ऊँचाई को दर्शाती है।
(ii) समोच्च रेखाएँ समान ऊँचाइयों वाले स्थान को दर्शाता है।
(iii) सटी-सटी और घनी खींची गई समोच्च रेखाएँ तीव्र ढाल को प्रदर्शित करती हैं।
(iv) दूर-दूर और कम घनी खींची गई समोच्च रेखाएँ मंद ढाल को प्रदर्शित करती हैं।
(v) विभिन्न ऊँचाई वाली दो समोच्च रेखाएँ सामान्यतः एक-दूसरे को नहीं काटती हैं।
प्रश्न- प्राकृतिक आपदा एवं मानव जनित आपदा को उदाहरण सहित बताएँ।
उत्तर– प्राकृतिक आपदा : प्राकृतिक आपदा पृथ्वी के अन्दर से उत्पन्न होनेवाले तथा वायुमंडल से उत्पन्न होनेवाले प्रक्रमों द्वारा उत्पन्न होते हैं और मानव समाज को आर्थिक एवं शारीरिक दोनों दृष्टियों से भारी क्षति पहुँचाते हैं। यथा – भूकम्प, बाढ़, तूफान आदि।
मानवजनित आपद्रा : मानवीय क्रियाओं के द्वारा जाने-अनजाने किये गये कार्यों के फलस्वरूप जो आपदाएँ उत्पन्न होती हैं, उसे मानव जनित या मानवीय आपदा कहते हैं। यथा – प्रदूषण, अग्निकांड, बम विस्फोट आदि ।
प्रश्न- आपदा प्रबंधन क्या है ?
उत्तर– आपदाओं को घटित होने से रोकने, उनकी तीव्रता को कम करने तथा घटित हो जाने के बाद उनसे होने वाली क्षति को यथासंभव कम करने के लिए किए जाने वाले विभिन्न उपायों को ही आपदा प्रबंधन कहते हैं।
प्रश्न- आकस्मिक आपदा प्रबंधन में स्थानीय लोगों की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर– आपदा की स्थिति में स्थानीय लोग ही सबसे पहले सहायता के लिए । सक्रिय होते हैं। इन सेवापरायण व्यक्तियों को सर्वप्रथम सक्रिय लोग कहा जाता है। इसलिए हम सभी को बचाव कार्य तथा प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होना चाहिए। आपदा प्रभावित लोगों के प्राण-रक्षा के लिए रेडक्रॉस कार्यालय, सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि से प्राथमिक उपचार सम्बन्धी प्रशिक्षण एवं जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। यदि आपदा प्रभावित क्षेत्र में समाज के विभिन्न तबकों से स्वयं सेवी दलों की सहायता लेकर व्यापक खोज और बचाव कार्यक्रम चलाए जाएँ तो आपदा से होनेवाली जोखिम को कम किया जा सकता है।
प्रश्न- सुनामी से उत्पन्न तबाही से बचाव के कोई तीन उपाय बताइए।
उत्तर– सुनामी से बचने के निम्नांकित प्रमुख उपाय हैं—
(i) समुद्रतटों के किनारे मैंग्रोव वृत्त लगाना।
(ii) मकानों का निर्माण समुद्र तट से दूर ऊँचाई पर करना ।
(iii) उपग्रहों द्वारा प्राप्त चेतावनी पर ध्यान देना ।
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