Bihar Secondary School Sample Paper Solved | BSEB Class 10th Sample Sets with Answers | Bihar Board class 10th Sample Paper Solved | Bihar Board Class 10th social science Sample set – 5
1. सेडॉन का युद्ध किसके बीच हुआ ?
(A) फ्रांस और आस्ट्रिया के बीच
(B) फ्रांस एवं इटली के बीच
(C) फ्रांस एवं प्रशा के बीच
(D) फ्रांस एवं रूस के बीच
2. नेपोलियन संहिता किस वर्ष लागू की गई ?
(A) 1789 ई० में
(B) 1791 ई० में
(C) 1801 ई० में
(D) 1804 ई० में
3. फारवार्ड ब्लॉक की स्थापना किसने की ?
(A) नरेन्द्र देव ने
(B) जयप्रकाश नारायण ने
(C) सुभाषचंद्र बोस ने
(D) राममनोहर लोहिया ने
4. ‘हिन्द स्वराज्य’ की रचना किसने की ?
(A) महात्मा गाँधी ने
(B) जवाहरलाल नेहरू ने
(C) रविन्द्रनाथ टैगोर ने
(D) भगत सिंह ने
5. बम्बई में सर्वप्रथम सूती कपड़ा मिलों की स्थापना किस वर्ष हुई ?
(A) 1854 ई० में
(B) 1885 ई० में
(C) 1907 ई० में
(D) 1914 ई० में
6. हिन्द- चीन पहुँचने वाले प्रथम व्यापारी कौन थे ?
(A) अंग्रेज
(B) फ्रांसीसी
(C) पुर्तगाली
(D) डच
7. खिलाफत आंदोलन कब और किस देश के समर्थन में चलाया गया ?
(A) 1920, तुर्की
(B) 1920, जर्मनी
(C) 1930, फ्रांस
(D) 1930, इंगलैंड
8. किस सम्मेलन के द्वारा विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना हुई ?
(A) ब्रेटन वड्स
(B) न्यूडोल
(C) सार्क
(D) G-8
9. भारत में पहला छापाखाना कहाँ लगाया गया ?
(A) मद्रास में
(B) कलकत्ता में
(C) गोवा में
(D) बम्बई में
10. बांग्लादेश का उदय कब हुआ ?
(A) 1961
(B) 1971
(C) 1975
(D) 1980
11. ‘रुमॉल इज ब्यूटीफुल’ किनकी रचना है ?
(A) बुन्टलैंड
(B) आर. के. नारायणन
(C) डी० सुब्बाराव
(D) शुमेसर
12. मिट्टी का pH मान कितना होना चाहिए ?
(A) 9
(B) 5
(C) 10
(D) 7
13. वन्य जीवों तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण का प्रावधान संविधान की किस धारा में वर्णित है ?
(A) 21
(B) 22
(C) 23
(D) 24
14. बिहार में किस प्रकार की मिट्टी का फैलाव सर्वाधिक क्षेत्र पर है ?
(A) जलोढ़ मिट्टी
(B) काली मिट्टी
(C) लाल एवं पिली मिट्टी
(D) बलई मिट्टी
15. ताँबा के उत्पादन में किस राज्य का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है ?
(A) झारखण्ड
(B) उत्तर प्रदेश
(C) राजस्थान
(D) तमिलनाडु
16. ऊर्जा का गैर पारम्परिक स्रोत है ?
(A) कोयला
(B) विद्युत
(C) पेट्रोलियम
(D) सौर ऊर्जा
17. भारत का ‘सिलिकन सिटी’ किसे कहा जाता है ?
(A) पटना
(B) मदुरै
(C) बेंगलुरु
(D) भागलपुर
18. भारत में कहाँ औरतों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है
(A) लोकसभा
(B) विधानसभा
(C) मंत्रिमंडल
(D) पंचायती राज संस्थाएँ
19. कोसी नदी घाटी परियोजना का शुभारंभ किस वर्ष हुआ ?
(A) 1950 ई० में
(B) 1948 ई० में
(C) 1952 ई० में
(D) 1955 ई० में
20. अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष घोषित किया गया
(A) 1974
(B) 1984
(C) 1975
(D) 1980
21. जाति पर आधारित विभाजन निम्नलिखित देशों में से किस एक देश में है ?
(A) नार्वे
(B) डेनमार्क
(C) भारत
(D) श्रीलंका
22. संघीय व्यवस्था में एक सरकार कितने स्तरों की होती है ?
(A) एक स्तरीय
(B) द्विस्तरीय
(C) त्रिस्तरीय
(D) इनमें से कोई नहीं
23. निम्नलिखित में से कौन एक केन्द्र शासित प्रदेश है ?
(A) छतीसगढ़
(B) चंडीगढ़
(C) उतराखंड
(D) केरल
24. किसी राजनीतिक दल के निर्माण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी एक बात आवश्यक नहीं है ?
(A) संगठन
(B) आधारभूत सिद्धांतों पर इसके सदस्यों में एकता
(C) शिक्षित सदस्यता
(D) राष्ट्रीय हित
25. किसके नेतृत्व में 1977 ई० में जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ था ?
(A) लोकनायक जयप्रकाश नारायण
(B) कर्पूरी ठाकुर
(C) मोरारजी देसाई
(D) चंद्रशेखर
26. सूचना के अधिकार आन्दोलन की शुरुआत किस राज्य से हुई ?
(A) राजस्थान
(B) दिल्ली
(C) तमिलनाडु
(D) बिहार
27. भारत में नीति आयोग की स्थापना हुई
(A) 1950 में
(B) 1951 में
(C) 2005 में
(D) 2015 में
28. लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौति क्या है ?
(A) उच्च शिक्षा की व्यवस्था
(B) खाद्यान्न की व्यवस्था
(C) लोकतंत्र को सशक्त बनाना
(D) जनसंख्या पर नियंत्रण
29. संघ सरकार का उदाहरण है
(A) अमेरिका
(B) चीन
(C) ग्रेट ब्रिटेन
(D) इनमें से कोई नहीं
30. निम्न में से कौन अर्थव्यवस्था के द्वितीयक क्षेत्र में सम्मिलित है ?
(A) कृषि
(B) वानिकी
(C) विनिर्माण
(D) परिवहन
31. किसी राज्य के नागरीकों का जीवन स्तर निर्भर करता है
(A) सकल राज्य घरेलू उत्पाद पर
(B) शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद पर
(C) A एवं B दोनों पर
(D) इनमें से कोई नहीं
32. विहार के किस जिले की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है ?
(A) पटना
(B) रोहतास
(C) सीवान
(D) शिवहर
33. जिस देश की राष्ट्रीय आय अधिक होती है, वह देश क्या कहलाता है ?
(A) अविकसित
(B) विकसित
(C) अर्द्ध-विकसित
(D) इनमें से कोई नहीं
34. इनमें से कौन भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है ?
(A) नोकिया
(B) डाबर
(C) सैमसंग
(D) इनमें से कोई नहीं
35. भारतीय बैंकिंग प्रणाली में शीर्ष पर है ?
(A) व्यवसायिक बैंक
(B) सहकारी बैंक
(C) बीमा कंपनियाँ
(D) भारतीय रिजर्व बैंक
36. सरकार की नवीन आर्थिक नीति का अंग है ?
(A) उदारीकरण
(B) निजीकरण
(C) वैश्वीकरण
(D) इनमें से सभी
37. भारत में सूचना का अधिकार कानून की शुरुआत किस राज्य से हुई ?
(A) राजस्थान
(B) दिल्ली
(C) बिहार
(D) पंजाब
38. भारतीय मानक ब्यूरो है
(A) भारत की प्रमुख मानकीकरण संस्था
(B) एक अंतराष्ट्रीय मानकीकरण संस्था
(C) एक राज्य की मानकीकरण संस्था
(D) उपर्युक्त सभी
39. बिहार में कौन सा क्षेत्र बाढ़ ग्रस्त है ?
(A) पूर्वी बिहार
(B) दक्षिणी बिहार
(C) उत्तरी बिहार
(D) प. बिहार
40. भूकंप संभावित क्षेत्रों में भवनों की आकृति कैसी होनी चाहिए ?
(A) अंडाकार
(B) त्रिभुजाकार
(C) चकौर
(D) आयताकार
41. साम्यवादी घोषणा पत्र का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था ?
(A) 1844 में
(B) 1848 में
(C) 1864 में
(D) 1867 में
42. मजदूर संघ अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ था ?
(A) 1920 में
(B) 1926 में
(C) 1929 में
(D) 1932 में
43. इंग्लैंड में सभी स्त्रियों एवं पुरुषों को वयस्क मताधिकार कब प्राप्त हुआ ?
(A) 1838
(B) 1881
(C) 1928
(D) 1932
44. सोपानी कृषि किस राज्य में प्रचलित है ?
(A) हरियाणा
(B) पंजाब
(C) बिहार
(D) उत्तराखंड
45. कोयले का सर्वोत्तम प्रकार कौन-सा है ?
(A) ऐंथ्रासाइट
(B) पीट
(C) लिग्नाइट
(D) बिटुमिनम
46. 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार की नगरीय आवादी है
(A) 20.5%
(B) 15.5%
(C) 10.5%
(D) 25.5%
47. ताड़ी विरोधी आंदोलन निम्न में से किस प्रांत से शुरू किया गया ?
(A) बिहार
(B) उ.प्र.
(C) आंध्रप्रदेश
(D) तमिलनाडु
48. इंफ्रारेड कैमरा का प्रयोग निम्न में से किस आपदा में किया जाता है ?
(A) बाढ़
(B) भूकंप
(C) सुखाड़
(D) इनमें से कोई नहीं
प्रश्न- जालियाँवाला बाग हत्याकांड क्यों हुआ ?
उत्तर– 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जालियाँवाला बाग एकत्रित सभा रॉलेट ऐक्ट एवं पुलिस की दमनकारी नीतियों
में बैसाखी के दिन का विरोध कर रही थी। सभा की कार्रवाई के बीच में ही अमृतसर का सैनिक कमांडर जनरल डायर वहाँ पहुँचा और प्रवेश द्वार बंद कर निहत्थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियाँ चलवा दी। इस हत्याकांड में 379 लोग मारे गए तथा करीब 1,200 लोग जख्मी हुए।
प्रश्न- औद्योगिकरण में किस प्रकार उपनिवेशवाद को जन्म दिया ?
उत्तर– औद्योगीकरण के फलस्वरूप ऐसी आर्थिक प्रगति हुई जैसी बीच में दो हजार वर्षों तक नहीं हुई थी। यंत्रों के आविष्कार तथा कारखानों की स्थापना से उत्पादन में काफी वृद्धि हुई। बड़े पैमाने पर हर तरह के माल तैयार होने लगे। उत्पादित वस्तुओं की खपत के लिए मंडियों की आवश्यकता अनुभव की गई। अतः शक्तिशाली देश नये-नये उपनिवेश खोजने लगे। इस प्रकार उपनिवेशवाद का जन्म हुआ।
प्रश्न- शहरी जीवन में किस प्रकार के सामाजिक बदलाव आए ?
उत्तर– शहरीकरण के कारण परंपरागत मान्यताएँ बदलने लगीं तथा नई । विचारधारा उभरकर सामने आई। शहरीकरण के सामाजिक जीवन पर अनेक प्रभाव पड़े—
(i) शहरीकरण ने सामूहिक पहचान’ के सिद्धांत को बढ़ावा दिया।
(ii) शहरीकरण के कारण शहरों में नए सामाजिक व्यावसायिक समूह बने, जैसे- बुद्धिजीवी, नौकरीपेशा, मध्यम वर्ग, राजनीतिज्ञ इत्यादि।
(iii) शहरीकरण के कारण समाज में पूँजीपति और श्रमिक वर्गों का उदय हुआ।
(iv) पारिवारिक व्यवस्था कमजोर पड़ गई। परिवार में पहले जो अपनापन की भावना थी वह कमजोर पड़ने लगी।
प्रश्न- छापाखाना यूरोप कैसे पहुँचा ?
उत्तर– छापाखाना माईज नगर से निकलकर जर्मनी के स्टासबुर्ग में 1458 में पहुँचा। 1465 में कोलोन, 1468 में ऑग्सबर्ग, 1470 में न्यूरेमबर्ग, 1482 में लिपजिना और वियना में पहुँचा। जर्मनी के इन शहरों में नए छापेखाने खुले । दो जर्मन मुद्रकों ने मिलकर इटली के रोम नगर में 1464 में पहला छापाखाना खोला। 1469 में एक अन्य जर्मन मुद्रक ने इटली के वेनिस नगर में छापाखाना खोला। इसके अतिरिक्त यूरोप के अन्य देशों में छापाखाना खुले ।
प्रश्न- औद्योगीकरण ने सिर्फ आर्थिक ढाँचे को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि राजनीतिक परिवर्तन का भी मार्ग किया, कैसे ?
उत्तर– औद्योगिकीकरण के परिणामस्वरूप दो स्तरों पर राजनीतिक परिवर्तन हुए। पहला, साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद की भावना विकसित हुई। सभी यूरोपीय राष्ट्र एशिया और अफ्रीका में उपनिवेश स्थापना की होड़ में लग गए जिससे कि उद्योगों को चलाने के लिए कच्चा माल और बने सामानों की बिक्री के लिए बाजार मिल सके। इसके लिए सरकार ने मुक्त व्यापार और संरक्षण की नीति अपनाई। कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने का दायित्व भी सरकार ने अपने ऊपर लिया। इंगलैंड में 1832 में प्रथम सुधार अधिनियम पारित हुआ तथा चार्टिस्ट आंदोलन चला। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद लेबर पार्टी की सरकार ने सुधार कार्यक्रमों को गति दी। भारत में 1881 में पहला फैक्टरी कानून बना। 1948 में न्यूनतम मजदूरी कानून बनाया गया। तृतीय पंचवर्षीय योजना में मजदूरी बोर्ड तथा 1962 में राष्ट्रीय श्रम आयोग की स्थापना की गई। मजदूर संगठनों पर विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रभाव स्थापित हुआ।
प्रश्न- भारत में राष्ट्रवाद के उदय के कारण एवं प्रभाव पर प्रकाश डालें।
उत्तर– कारण— राष्ट्रवाद का उदय 1789 की फ्रांसीसी क्रांति से माना जाता है। इसने यूरोप में निरंकुशवाद के विरुद्ध राष्ट्रीयता की भावना जागृत की। इसका प्रभाव अन्य यूरोपीय राष्ट्रों पर भी पड़ा। बाद में नेपोलियन ने अपनी विजयों एवं नीतियों से राष्ट्रवादी भावना को आगे बढ़ाया। नेपोलियन के आधिपत्य के विरुद्ध भी राष्ट्रवादी भावना का विकास हुआ। मेटरनिक की नीतियों ने भी राष्ट्रवादी भावना को बढ़ावा दिया। 1830-48 के मध्य अनेक यूरोपीय देशों में क्रांतियाँ हुईं जिसने राष्ट्रवाद का विकास किया। फलस्वरूप, यूनान का उदय, इटली एवं जर्मनी का एकीकरण हुआ।
प्रभाव—(i) राष्ट्रवादी भावना से प्रेरित क्रांतियाँ और आंदोलन हुए तथा नए राष्ट्रों का उदय हुआ। (ii) उपनिवेशों में मुक्ति आंदोलन हुए। (iii) भारतीय राष्ट्रवादी भी इससे प्रभावित हुए। (iv) भारतीय धर्मसुधार आंदोलन के नेताओं पर भी राष्ट्रवादी भावना का प्रभाव पड़ा। (v) प्रतिक्रियावादी और निरंकुश शक्तियाँ कमजोर पड़ गईं।(vi) राष्ट्रवादी प्रवृत्ति ने साम्राज्यवादी प्रवृत्ति और संकीर्ण राष्ट्रवाद को भी जन्म दिया।
प्रश्न- असहयोग आन्दोलन के कारण एवं प्रभावों का मूल्यांकन करें।
उत्तर– कारण—युद्ध समाप्ति के बाद सहयोगी गाँधी असहयोगी गाँधी बन गए। रॉलेट एक्ट, जालियाँवाला बाग हत्याकाण्ड, खिलाफत के प्रश्न पर सरकार के साथ गहरा मतभेद हो गया। कलकत्ता में कॉंग्रेस के विशेष अधिवेशन में गाँधीजी ने सरकार के साथ असहयोग और मॉण्ट फोर्ड सुधार के अन्तर्गत निर्मित व्यवस्थापिका सभाओं के बहिष्कार का प्रस्ताव रखा। दिसम्बर, 1920 में काँग्रेस के नागपुर अधिवेशन में असहयोग आन्दोलन प्रारंभ करने के प्रस्ताव पर भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस सहमत हो गई। इस प्रकार 1920 के बाद असहयोगी गाँधी के नेतृत्व में राष्ट्रव्यापी असहयोग आन्दोलन प्रारंभ हुआ।
प्रभाव—असहयोग आन्दोलन ने भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस को देशव्यापी और क्रांतिकारी संगठन में परिवर्तित कर दिया। असहयोग आन्दोलन के फलस्वरूप भारत में राष्ट्रीय चेतना जागृत हुई। सम्पूर्ण भारत के शिक्षित- अशिक्षित, शहरी और ग्रामीण सभी राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत दिखाई पड़ने लगे।
प्रश्न- राजनीतिक दल को ‘लोकतंत्र का प्राण’ क्यों कहा जाता है ?
उत्तर– राजनीतिक दल को ‘लोकतंत्र का प्राण’ कहा जाता है क्योंकि ये प्रतिनिधियों के निर्वाचन में मुख्य रूप से भाग लेते हैं और ये दल ही लोकतांत्रिक शासन को व्यावहारिक रूप प्रदान करते हैं। राजनीतिक दल ही जनता की समस्याओं को सरकार के समक्ष रखते हैं तथा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं। राजनीतिक दल ही जनता को राजनीतिक प्रशिक्षण देते हैं। ये शासन को निरंकुश होने से रोकते हैं।
प्रश्न- सत्ता में साझेदारी लोकतंत्र में क्या महत्त्व रखती है ?
उत्तर– जब लोकतंत्र में सत्ता किसी एक व्यक्ति या किसी एक स्थान पर केन्द्रित हो जाती है तो वह उसे भ्रष्ट बना देती है। यही कारण है कि लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी भ्रष्टता को रोकने के लिए परम आवश्यक समझा जाता है। सत्ता की साझेदारी से विभिन्न सामाजिक समूहों में टकराव की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। हम जानते हैं कि सामाजिक टकराव हिंसा का कारण बनता है तथा यह राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा करती है। इसीलिए सत्ता की साझेदारी राजनीतिक व्यवस्था के स्थायित्व के लिए भी बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।
प्रश्न- आतंकवाद एवं अलगाववाद लोकतंत्र के लिए चुनौती है, कैसे ?
उत्तर– आतंकवाद और अलगाववाद लोकतंत्र की प्रमुख चुनौतियाँ हैं। वर्तमान में विश्व के अधिकांश देशों को इन गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है । भारत भी इससे अछूता नहीं है। आतंकवाद एवं अलगाववाद से लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होती हैं। इससे देश की एकता एवं अखंडता प्रभावित होती है और दुश्मन देश इसका लाभ उठाकर राष्ट्र को संकट में डाल सकते हैं। इन चुनौतियों के कारण देश के विकास पर होनेवाला व्यय विधि-व्यवस्था में ही लगाना पड़ता है। इससे जनहित के कार्य बाधित होते हैं। अतः, आतंकवाद एवं अलगाववाद से निपटने के लिए विश्व स्तर पर कड़े कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए विश्व के देशों की सक्रियता एवं सहभागिता आवश्यक है।
प्रश्न- किन्हीं दो प्रावधानों का जिक्र करें जो भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाता है।
उत्तर– भारतीय संविधान भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित करता है। भारतीय संविधान की धारा 25 से 28 में भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को स्पष्ट करते हुए यह कहा गया है– (i) भारत में धर्म के आधार पर भेदभाव की मनाही (ii) राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है। यहाँ सर्वधर्म समभाव है।
प्रश्न- बंधुआ मजदूर किसे कहते हैं ?
उत्तर– कर्ण के बदले अपने क्षम को बंधक बनानेवाला क्षमिक ‘कर्ज-बंधक’, कर्णदान या बंधुआ मजदूर कहलाता है।
प्रश्न- क्या शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनौती है ?
उत्तर– सजग एवं जागरुक जनता और प्रबुद्ध जनमत लोकतंत्र का रखवाला है। शिक्षित जनता ही राजनीति के प्रति सजग और अधिकारों के प्रति जागरुक हो सकती है। शिक्षित जनता ही प्रबुद्ध जनमत की अभिव्यक्ति कर सकती है। शिक्षा ही अधिकारों के प्रति जागरुक बनाती है। शिक्षा के अभाव में मतदाता अपने मताधिकार का सही प्रयोग नहीं कर पाते हैं। अतः अशिक्षा के अधिकार को मिटाना और शिक्षा का प्रसार लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक है।
प्रश्न- पंचायती राज प्रणाली क्या है? ग्राम पंचायत को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए आपके क्या सुझाव हो सकते हैं ?
उत्तर– भारतीय संविधान द्वारा एक लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना की गई है जिसका उद्देश्य निःस्वार्थ माता की तरह जनता की भलाई करना है। इस उद्देश्य से सरकार समाजवादी समाज की व्यवस्था कायम करके जनता के जीवन को सुखमय बनाने का प्रयास कर रही है। अतः, राज्य के कार्यों में अत्यधिक वृद्धि हो गई है। सरकार पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्गत अनेक विकास कार्य चला रही है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में इसी कारण योजनाओं का सृजन प्रशासन के उच्चतम पदाधिकारियों द्वारा किया जाता है, परंतु उसे कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी जनता या उसके प्रतिनिधियों के ऊपर सौंपी जाती है। इस प्रकार, केंद्रीय सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण होता है। परंतु, उन्हें स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं द्वारा कार्यान्वित कराने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार, विकेंद्रीकरण का सिद्धांत अपनाया जाता है। इसी को प्रजातांत्रिक विकेंद्रीकरण कहा जाता है। इसे मूर्तरूप देने के लिए ही भारत में पंचायती राज प्रणाली शुरू की गई है। इस उद्देश्य से संविधान में 73वाँ संशोधन किया गया। इस संशोधन में कहा गया है कि ग्राम स्तर, मध्य स्तर (प्रखंड) तथा जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाएगा। प्रायः सभी राज्यों में इसका गठन हो चुका है।
ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है। पंचायती राज की यह सबसे तलीय संस्था है जिसे अधिक उपयोगी बनाकर ही पंचायती राज को सफल बनाया जा सकता है। इसे ‘लोकतंत्र की पाठशाला’ मानकर जनता में लोकतांत्रिक जागरूकता लाई जा सकती है। अतः, ग्राम पंचायतों को और अधिक अधिकार देकर इसे अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। जनता को भी ग्राम पंचायत के सदस्यों और मुखिया को चुनते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है जिससे सही प्रतिनिधि ही ग्राम पंचायतों में निर्वाचित होकर आ सकें।
प्रश्न- बिहार में लोकतंत्र के समक्ष कौन-कौन सी प्रमुख चुनौतियाँ हैं ?
उत्तर– बिहार भारतीय संघ का एक राज्य है और सत्ता में इसकी भी भागीदारी है। बिहार में लोकतांत्रिक व्यवस्था प्राचीनकाल में भी विद्यमान थी। बिहार के ही वैशाली जिले में लिच्छवी गणतंत्र फला-फूला। भारत की तरह बिहार का लोकतंत्र भी सफलता के मार्ग पर अग्रसर है। इसके बावजूद, बिहार में लोकतंत्र के मार्ग में अनेक बाधाएँ हैं और भारतीय लोकतंत्र की भाँति बिहार में भी लोकतंत्र को अनेक । चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा की दृष्टि से सबसे पिछड़े राज्य बिहार में लोकतंत्र में विश्वास की कमी, नागरिक गुणों का अभाव, मताधिकार के प्रति उदासीनता, मूल्यविहीन राजनीति जैसी बाधाएँ लोकतंत्र के मार्ग में खड़ी हैं। जहाँ भारत की साक्षरता दर 73 प्रतिशत है, वहाँ बिहार की साक्षरता दर सिर्फ 61.8 प्रतिशत है। बिहार में लोकतंत्र की जड़ें गहरी हो सकें और इसके मार्ग की बाधाएँ दूर हो सकें, इसके लिए सबसे अधिक आवश्यकता बिहार को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की है। इसके लिए व्यक्तिगत स्वार्थं से ऊपर उठकर इसके विकास में भागीदार बनने की आवश्यकता है।
प्रश्न- राष्ट्रीय आय से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– राष्ट्रीय आय को आर्थिक विकास का एक प्रमुख सूचक माना जाता है। किसी देश में एक वर्ष की अवधि में उत्पादित सभी वस्तुओं एवं सेवाओं के मौद्रिक मूल्य के योग को ‘राष्ट्रीय आय’ कहा जाता है।
प्रश्न- आर्थिक नियोजन क्या है ?
उत्तर– आर्थिक नियोजन का अर्थ एक समयबद्ध कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्व निर्धारित सामाजिक एवं आर्थिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अर्थव्यवस्था में उपलब्ध संसाधनों का नियोजित समन्वय एवं उपयोग करना है। भारत के योजना आयोग के अनुसार, “आर्थिक नियोजन का अर्थ राष्ट्र की प्राथमिकताओं के अनुसार देश के संसाधनों का विभिन्न विकासात्मक क्रियाओं में प्रयोग करना है।
प्रश्न- विश्व व्यापार संगठन क्या है ?
उत्तर– विश्व व्यापार संगठन एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना जनवरी, 1995 ई० में की गई। इस संगठन का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना है। वर्तमान समय में 149 देश विश्व व्यापार संगठन के सदस्य हैं। इसका मुख्यालय जेनेवा में है। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित नियमों को निर्धारित करता है। यह संगठन सभी देशों को मुक्त व्यापार की सुविधा देता है।
प्रश्न- आर्थिक विकास क्या है? आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर बताइए।
उत्तर– मानव सभ्यता के विकास के क्रम से ही आर्थिक विकास भी हुआ है। विकास का अर्थ समयानुकूल बदलता रहता है। पहले आर्थिक विकास का अर्थ राष्ट्रीय आय में वृद्धि समझा जाता था। इसके बाद प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि को विकास का सूचक समझा जाने लगा। लेकिन वर्तमान समय में विकास का मतलब प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जीवन की गुणवत्ता अथवा जीवन स्तर में सुधार तथा कुपोषण, बेरोजगारी एवं गरीबी में कमी करना समझा जाता है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो० रोस्टोव के अनुसार, “आर्थिक विकास एक ओर श्रम शक्ति में वृद्धि की दर तथा दूसरी ओर जनसंख्या में वृद्धि के बीच का सम्बंध है। प्रो० मेयर एवं बाल्डविन का कहना है कि “आर्थिक विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा दीर्घकाल में किसी अर्थव्यवस्था की वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है।” अतः स्पष्ट है कि आर्थिक विकास एक परिवर्तन की प्रक्रिया है जिससे अर्थव्यवस्था के स्वरूप में परिवर्तन होता है एवं प्रतिव्यक्ति वास्तविक आय भी बदलती रहती है।
आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि में सूक्ष्म अन्तर पाया जाता है। आर्थिक वृद्धि शब्द का प्रयोग विकसित देशों के लिए किया जाता है जबकि आर्थिक विकास शब्द का प्रयोग विकासशील अर्थव्यवस्था वाले देशों के लिए किया जाता है।
प्रश्न- उपभोक्ताओं को कौन-कौन से अधिकार प्राप्त है? प्रत्येक अधिकारों को उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर– भारत सरकार ने सन् 1986 ई० में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को पारित किया। इस अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शोषण, परेशानी अथवा नुकसान से बचाना है। यह अधिनियम वस्तुओं एवं सेवाओं दोनों पर लागू होता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत उपभोक्ताओं को निम्नलिखित अधिकार दिये गए हैं—
(i) सुरक्षा का अधिकार : इस अधिकार के अन्तर्गत उपभोक्ताओं को ऐसे माल के विपणन के विरुद्ध संरक्षित किये जाने का अधिकार है जो जीवन और सम्पत्ति के लिए हानिकारक है।
(ii) सूचित किये जाने का अधिकार : उपभोक्ताओं का दूसरा अधिकार सूचना का अधिकार है। वस्तुओं की गुणवत्ता, मात्रा, क्षमता, शुद्धता, मानक एवं मूल्य के बारे में सूचित किए जाने का अधिकार है।
(iii) चयन करने का अधिकार : उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि वह अलग-अलग निर्माताओं द्वारा निर्मित विभिन्न ब्रांड, गुण; रंग, किस्म, आकार या मूल्य की वस्तुओं में किसी भी वस्तु का चयन अपनी पसंद के अनुसार करें।
(iv) सुने जाने का अधिकार : उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह अपने हितों को प्रभावित करने वाली बातों को उपयुक्त मंचों के सामने प्रस्तुत करे ।
प्रश्न- राष्ट्रीय उद्यान क्या होता है ?
उत्तर– देश में कुछ ऐसे उद्यान (पार्क) विकसित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य वन्य प्राणियों के लिए प्राकृतिक आवास तथा उनकी संख्या में वृद्धि हेतु परिस्थितियाँ उत्पन्न करना है। ऐसे ही उद्यानों को राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) कहा जाता है।
प्रश्न- वन संरक्षण के कोई चार उपाय बताएँ ?
उत्तर– (i) काटे गए वन क्षेत्र पर वृक्षारोपण करना।
(ii) वन अग्नि को रोकने की व्यवस्था करना ।
(iii) परिपक्व वृक्षों को ही काटने का प्रावधान करना।
(iv) वन की उपयोगिता से लोगों को अवगत कराना।
प्रश्न- खनिजों की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर– खनिजों की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
(i) खनिज एक प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्त्व है जिसकी एक निश्चित आंतरिक संरचना है। खनिज प्रकृति में अनेक रूपों में पाए जाते हैं।
(ii) खनिज एक अनापूर्ति या समाप्त होने वाली सम्पदा है। यह सम्पदा निश्चित मात्रा में है। हम इसका उपयोग कितना ही कम क्यों न करें एक-न-एक दिन अवश्य समाप्त होगी।
(iii) खनिज की रचना लम्बे इतिहास काल का परिणाम है।
(iv) खनिज आधुनिक विकास के आधार हैं जिनपर औद्योगिक विकास, परिवहन और विभिन्न राष्ट्रों के बीच व्यापार आधारित हैं।
प्रश्न- सागर सम्राट क्या है ?
उत्तर– मुम्बई हाई तेल-क्षेत्र मुम्बई समुद्र तट से 115 किमी की दूरी पर अरब सागर में स्थित है। समुद्र पर “सागर सम्राट” नामक जल मंच बनाकर कई कुएँ खोदे गये हैं। इसी मंच को सागर सम्राट का नाम दिया गया है। मुम्बई के तेल भंडारों की खोज ने देश की तेल की माँग की आपूर्ति को काफी हद तक पूरा किया है।
प्रश्न- भारत के निर्यात एवं आयात होनेवाली वस्तुओं के नाम लिखें।
उत्तर– भारत से निर्यात होनेवाली वस्तुएँ—सूती वस्त्र, रत्न एवं जवाहरात, कृषि उत्पाद, रसायन, खनिज इत्यादि।
भारत में आयात होनेवाली वस्तुएँ—पेट्रोलियम एवं संबंधित उत्पाद, मशीनरी, कृत्रिम राल, मोती, सोना, कीमती रत्न
इत्यादि ।
प्रश्न- ‘परिवहन एवं संचार सेवाएँ भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ हैं।” इस कथन की पुष्टि करें।
उत्तर– भारत विशाल क्षेत्रफल एवं जनसंख्यावाला देश है। यहाँ संसाधनों के वितरण में काफी असमानताएँ हैं। किसी क्षेत्र में एक संसाधन की प्रचुरता है तो दूसरी जगह उस संसाधन की कमी है। राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय विकास के लिए प्रायः सभी संसाधनों की जरूरत होती है। देश में आज विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल को बाजार तक पहुँचाने का कार्य परिवहन एवं संचार साधनों की सहायता से किया जा रहा है। वस्तुएँ एवं सेवाएँ इन साधनों की सहायता से गाँव से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच रही हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती जा रही है।
अर्थव्यवस्था के विकास में सहायक ये साधन सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में तथा इनके अधिमिश्रण में सहायक हो रहे हैं। निष्कर्षतः, वर्तमान भारतीय अर्थव्यवस्था एवं इसका भविष्य पूरी तरह से परिवहन एवं संचार के साधनों पर निर्भर है। राष्ट्र के लिए उपयोगी परिवहन एवं संचार सेवाएँ निश्चय ही देश की अर्थव्यवस्था की जीवन-रेखाएँ हैं।
प्रश्न- समोच्च रेखा क्या है? इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के ढालों का प्रर्दशन किस प्रकार किया जाता है ?
उत्तर– समोच्च रेखा मानचित्र पर खींची गई वह काल्पनिक रेखा है जो समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाती है। वास्तव में सभी स्थान समुद्र तल पर स्थित नहीं होते। सभी स्थानों की ऊँचाई को समुद्र तल पर मानकर चला जाता है। क्योंकि हर स्थान के लिए अलग से ऊँचाई दिखाने के लिए रेखा नहीं खींची जा सकती। समोच्च रेखाओं से किसी स्थान की वास्तविक ऊँचाई का ज्ञान नहीं होता, अपितु उस क्षेत्र की औसत ऊँचाई का आभास होता है।
समोच्च रेखाओं की सहायता से विभिन्न प्रकार के ढालों को प्रदर्शित करने के लिए उन आकृतियों की जानकारी आवश्यक है। इसका कारण यह है कि भू-आकृतियों के अनुरूप ही समोच्च रेखाओं का प्रारूप बनता है। उन समोच्च रेखाओं पर ऊँचाई के अनुसार संख्यात्मक मान बैठाया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप वृत्ताकार प्रारूप में आठ-दस समोच्च रेखाएँ खींचते हैं तब इससे
दो भू-आकृतियाँ दिखाई जा सकती हैं। इनमें प्रथम शंक्वाकार पहाड़ी एवं दूसरा झील। किन्तु इन दोनों भू-आकृतियों में समोच्च रेखाओं का मान ऊँचाई के अनुसार अलग-अलग होता है। शंक्वाकार पहाड़ी के लिए बनाए जानेवाले समोच्च रेखाओं का मान बाहर से अन्दर की ओर बढ़ता हुआ होता है। अर्थात् अधिक ऊँचाई वाली समोच्च रेखा अन्दर की ओर होती है। इसी प्रकार झील आकृति प्रदर्शित करने के लिए समोच्च रेखाओं में बाहर की ओर अधिक मान वाली और अन्दर की कम मान वाली समोच्च रेखाएँ होती हैं। अतः समोच्च रेखाओं पर भू-आकृति दिखाते समय उन रेखाओं के मान अच्छी तरह समझकर लिखना चाहिए। समोच्च रेखीय मानचित्र पर अनुभाग रेखा खींचने के बाद पार्श्वचित्र बनाया जाता है। इस पाश्र्वचित्र की मदद से सम्बन्धित भू-आकृतियों को स्पष्ट समझा जा सकता है।
प्रश्न- सुनामी क्या है ?
उत्तर– सुनामी जापानी भाषा का शब्द है जो सु यानी बंदरगाह और नामी अर्थात् लहर से बना है। इस प्रकार सुनामी का शाब्दिक अर्थ बंदरगाह की लहर होता है। समुद्र में उठने वाले काफ़ी ऊँचे भयंकर और विनाशकारी लहरों को सुनामी कहा जाता है। इसे Killer wake” या “हत्यारा लहर” भी कहते हैं।
प्रश्न- आपदा के समय सामान्य संचार व्यवस्था के बाधित होने के कारणों को लिखें।
उत्तर– आपदा के समय संचार व्यवस्था के बाधित होने के प्रमुख कारणं निम्न हैं—
(i) केबल के क्षतिग्रस्त होने से ।
(ii) ट्रांसमिशन टावर के ध्वस्त होने से।
(iii) बिजली की आपूर्ति बाधित होने से।
(iv) केन्द्रीयकृत संचार भवनों के क्षतिग्रस्त हो जाने से।
प्रश्न- जीवन रक्षक आकस्मिक प्रबंधन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर– आपदा के प्रारंभ होते ही प्रभावित लोगों को आपदा से निजात दिलाने के उद्देश्य से किए जाने वाले कार्य जीवन रक्षक आकस्मिक प्रबंधन कहलाता है। इसके अंतर्गत सहायता पहुँचाने हेतु आम लोगों की एकजुटता अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रश्न- सुखाड़ के बचाव के तरीकों का उल्लेख करें।
उत्तर– सुखाड़ के बचाव के तरीके निम्न हैं—
(i) पेयजल के सुरक्षित भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था ।
(ii) पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना ।
(iii) नहर, पईन और आहर की व्यवस्था करना ।
(iv) वर्षा जल संग्रहण का पर्याप्त उपाय करना ।
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