मानव विकास की विभिन्न अवस्थाओं का वर्णन कीजिए ।

मानव विकास की विभिन्न अवस्थाओं का वर्णन कीजिए ।  उत्तर— मानव विकास की अवस्थाएँ (Stages of Human Development)— विकास जीवन-पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है जिसको विभिन्न अवस्थाओं से होकर गुजरना पड़ता है। विभिन्न मनोवैज्ञानिकों में के आधार पर इसके वर्गीकरण में मतभेद हैं, फिर भी सामान्यतः आयु विकास के निम्न चार सोपान हैं— (i) शैशवावस्था … Read more

एक अध्यापक को एक बालक के वृद्धि एवं विकास का अध्ययन क्यों करना चाहिए ?

एक अध्यापक को एक बालक के वृद्धि एवं विकास का अध्ययन क्यों करना चाहिए ?  उत्तर— अभिवृद्धि एवं विकास का ज्ञान शिक्षक एवं सामान्य व्यक्ति सभी के लिए महत्त्वपूर्ण होता है। इनके ज्ञान का महत्त्व निम्नलिखित दृष्टियों से अधिक हैं— अभिवृद्धि एवं विकास के ज्ञान से ज्ञात होता है कि बालकों से कब और किस … Read more

विकास से आप क्या समझते हैं ?

विकास से आप क्या समझते हैं ?               अथवा वृद्धि एवं विकास का क्या अर्थ है ? उत्तर— वृद्धि का अर्थ (Meaning of Growth) – वृद्धि का अर्थ साधारण रूप से शरीर का बड़ा व भारी होना है या मानव के शरीर तथा भार का बढ़ना। इस वृद्धि में … Read more

विकास के विभिन्न आयामों को समझाइये ।

 विकास के विभिन्न आयामों को समझाइये । उत्तर— विकास के विभिन्न आयाम— विकास के आयाम निम्नलिखित प्रकार से हैं— (1) शारीरिक विकास (Physical Development)– स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का विकास होता है। इसके लिए व्यक्ति का शारीरिक विकास जरूरी है। शारीरिक विकास के अन्तर्गत बालक के सम्पूर्ण शारीरिक अंगों में अभिवृद्धि, आकार परिवर्तन और … Read more

गेसेल के परिपक्वता सिद्धान्त का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

गेसेल के परिपक्वता सिद्धान्त का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।  उत्तर— गेसेल का परिपक्वन सिद्धान्त (Gessel’s Maturation Theory)– गेसेल एवं थाम्पसन ने अपने अध्ययन के अन्तर्गत 46 माह की दो जुड़वा बहनों का चयन किया। एक को छ: माह का सीढ़ी पर चढ़ने का प्रशिक्षण एवं अभ्यास कराया गया जबकि दूसरी लड़की को मात्र दो सप्ताह का … Read more

वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन-कौनसे हैं ?

वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन-कौनसे हैं ?                                                    अथवा वंशानुक्रम से आप क्या समझते हैं ? उत्तर— वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting … Read more

सामाजिक विकास से क्या तात्पर्य है ?

सामाजिक विकास से क्या तात्पर्य है ? उत्तर— सामाजिक विकास (Social Development) – मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है लेकिन जन्म के समय वह केवल एक जैविकीय पिण्ड होता है। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वह दूसरों पर निर्भर रहता है परन्तु उसमें सामाजिकता नाम की कोई जानकारी नहीं होती है। सामाजिक निरपेक्ष की स्थिति बालक … Read more

फ़ॉयड के मनो-लैंगिक सिद्धान्त का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

फ़ॉयड के मनो-लैंगिक सिद्धान्त का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।  उत्तर— फ्रॉयड के व्यक्तित्व के मनोलैंगिक विकास का सिद्धान्त(Freud’s Psycho Sexual Development)– फ्रॉयड ने अपने मनोविश्लेषणवादी सिद्धान्त में इदं की शक्तियों को काम शक्ति के रूप में चित्रित किया है। वे शक्तियाँ बहुत ही प्रभावशाली ढंग से अपने को विकासात्मक अवस्थाओं में अभिव्यक्त करती हैं। ये शक्तियाँ … Read more

व्यक्ति अध्ययन विधि (Case Study Method) का मूल्यांकन कीजिए |

व्यक्ति अध्ययन विधि (Case Study Method) का मूल्यांकन कीजिए |  उत्तर— व्यक्ति अध्ययन विधि-व्यक्ति अध्ययन एक इकाई, घटना, संख्या या व्यक्ति के बारे में विस्तृत, वास्तविक एवं मूर्त विवरण है। शिक्षा के क्षेत्र में इस विधि का अधिकतम प्रयोग किया जाने लगा है इसका श्रेय फ्रायड, मुरं, आलपोर्ट, रोजर्स एवं पियाजे के अध्ययनों को जाता … Read more

मनोविज्ञान का अर्थ बताते हुए, मनोविज्ञान की विभिन्न शाखाओं का वर्णन कीजिए ।

मनोविज्ञान का अर्थ बताते हुए, मनोविज्ञान की विभिन्न शाखाओं का वर्णन कीजिए । उत्तर— मनोविज्ञान की शाखाएँ (Branches of Psychology)– मनोविज्ञान की परिभाषाओं से ही स्पष्ट हो जाता है कि यह व्यक्ति के जटिल मानसिक एवं व्यावहारिक कार्य प्रणाली से सम्बन्धित विज्ञान है। मनोविज्ञान व्यक्ति की रुचियों, बौद्धिक क्षमता, व्यक्तित्व, व्यवहार तथा आदतों का प्रत्येक … Read more