राजपूतों की उत्पत्ति : राजस्थान

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजपूतों की उत्पत्ति : राजस्थान इतिहास में राजपूत जाति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजपूत काल 7वीं से 12वीं शताब्दी तक माना जाता है। लगभग 5 सदी तक मुस्लिम आक्रमणों का राजपूत जाति ने मुकाबला किया राजपूत जाति ने धर्म व देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया। राजपूत युद्ध के कुशल व वचन के … Read more

राजस्थान कांस्य युगीन सभ्यता / सिंधु घाटी सभ्यता / नगरीय सभ्यता

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजस्थान कांस्य युगीन सभ्यता / सिंधु घाटी सभ्यता / नगरीय सभ्यता हड़प्पा सभ्यता- सिन्धु सभ्यता का नाम जॉन मार्शल ने दिया था। 1826 में सर्वप्रथम चार्ल्स मेनन ने सर्वप्रथम हड़प्पा में एक टीला खोजा और लोगों का इस ओर ध्यान आकर्षित किया। सर्वप्रथम हड़प्पा स्थान खोजने के कारण हड़प्पा को सिन्धु घाटी का प्रवेश द्वारा … Read more

जयपुर के 20 दर्शनीय स्थल जिनके दर्शन आपको अवश्य करने चाहिए 

jaipur kaise ghume

जयपुर के 20 दर्शनीय स्थल जिनके दर्शन आपको अवश्य करने चाहिए  जयपुर शहर का पुराना नाम “जयनगर” था। इसका नाम जयनगर राजा जयसिंह के नाम पर रखा गया था। जैसे-जैसे आप इतिहास की गहराई में जाएंगे तो आपको जयपुर के सुनहरे इतिहास का पता चलेगा, साथ ही मन होगा वहां घूमने का। अगर आप जयपुर जाने का मन बना रहे हैं तो इन 20 … Read more

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के राजस्थान के प्रमुख अभिलेख उत्कीर्ण अभिलेखों के अध्ययन को ‘एपीग्राफी’ (पुरालेखशास्त्र) कहा जाता है। अभिलेखों एवं दूसरे पुराने दस्तावेजों की प्राचीन लिपि का अध्ययन ‘पेलियोग्राफी’ (पुरालिपिशास्त्र) कहलाता है । भारतीय लिपियों पर पहला वैज्ञानिक अध्ययन डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा ने किया। श्री ओझा ने भारतीय लिपियों … Read more

आधुनिक आवर्त सारणी एवं मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में तत्त्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए।अथवा, मेंडेलीफ के आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में क्या अन्तर है ?

आधुनिक आवर्त सारणी एवं मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में तत्त्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए।अथवा, मेंडेलीफ के आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में क्या अन्तर है ? उत्तर⇒ मेण्डलीफ की आवर्त सारणी आधुनिक आवर्त सारणी (i) तत्त्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमानों में व्यवस्थित किया गया है। (i) तत्त्वों को बढ़ते परमाणु क्रमांक में व्यवस्थित किया गया … Read more

निष्क्रिय गैसीय तत्त्वों को आवर्त सारणी के शून्य वर्ग में क्यों रखा गया है ?

निष्क्रिय गैसीय तत्त्वों को आवर्त सारणी के शून्य वर्ग में क्यों रखा गया है ? उत्तर⇒ इस परिवार के सदस्यों को शून्य वर्ग में रखा गया है। क्योंकि ये सभी सदस्य O संयोजकता प्रस्तुत करते हैं। इसका अर्थ यह है कि ये अन्य तत्त्वों के साथ संयोजित होने की प्रवृत्ति नहीं रखते। हीलियम की संयोजकता … Read more

न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की सीमाएँ क्या हैं ?

न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की सीमाएँ क्या हैं ? उत्तर⇒(i) यह सिद्धांत केवल कैल्सियम (Cu) तक ही लागू हो सका। इसके बाद प्रत्येक आठवें तत्त्व का गुणधर्म पहले तत्त्व से नहीं मिलता है। (ii)यह केवल हल्के तत्त्वों के लिए ही ठीक से लागू नहीं हो सका। (iii) यह अधिक परमाणु द्रव्यमान वाले तत्त्वों पर लागू नहीं हो … Read more

आधुनिक आवर्त सारणी एवं मेंडलीफ की आवर्त सारणी में तत्त्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए।

आधुनिक आवर्त सारणी एवं मेंडलीफ की आवर्त सारणी में तत्त्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए। उत्तर⇒आधुनिक आवर्त सारणी में 18 ऊर्ध्व स्तंभ जिन्हें समूह कहा जाता है तथा 7 क्षैतिज कतारें हैं। मेंडलीफ आवर्त सारणी में 8 समूह और 6 क्षैतिज कतारें हैं। आधुनिक आवर्त सारणी में मेंडलीफ की आवर्त सारणी की तीनों कमियों को … Read more

आधुनिक आवर्त सारणी के उपलब्धियों को लिखें।

आधुनिक आवर्त सारणी के उपलब्धियों को लिखें। उत्तर⇒(i) आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु-संख्या पर आधारित है जो कि अधिक वैज्ञानिक है। (ii) हाइड्रोजन को निश्चित स्थान प्रदान किया गया है। (iii) प्रत्येक तत्त्व की स्थिति उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के क्रम में है। (iv) प्रत्येक आवर्त क्षार धातु (प्रथम आवर्त को छोड़कर) से प्रारंभ होता है और अक्रिय तत्त्व से समाप्त … Read more

मेंडलीफ के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं ?

मेंडलीफ के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं ? उत्तर⇒ (i) हाइड्रोजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्षार धातुओं से मिलता है। क्षार धातुओं की भाँति हाइड्रोजन भी हैलोजन, ऑक्सीजन एवं सल्फर के साथ एक जैसे सूत्र वाले यौगिक बनाती है। दूसरी ओर हैलोजन की भाँति हाइड्रोजन भी द्विपरमाणुक अणु के रूप में पाई जाती है एवं धातुओं और अधातुओं … Read more