भारत निर्माण योजना” क्या है ? भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने में इसकी भूमिका को समझाइये ।

भारत निर्माण योजना” क्या है ? भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने में इसकी भूमिका को समझाइये ।

(47वीं BPSC/2007)
अथवा
भारत-निर्माण योजना के 6 निर्धारित क्षेत्रों का वर्णन करते हुए इस योजना का ग्रामीण अर्थव्यवस्था की समृद्धि में योगदान समझाइये।
उत्तर – केंद्र सरकार द्वारा 16 दिसंबर, 2005 को ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना, “भारत निर्माण” की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत 6 प्रमुख क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 4 वर्ष का समय निर्धारित किया गया। 6 क्षेत्रों के लक्ष्य इस प्रकार से निर्धारित किए गए
1. ग्रामीण सड़कें – इसके अंतर्गत शामिल क्षेत्र हैं- सड़क, सड़क परिवहन, पुल, यातायात तथा संवहन तकनीक इत्यादि । ग्रामीण आधारभूत ढांचे का उन्नयन करने के लिए सरकार ने 1000 से अधिक की जनसंख्या वाले 38,484 से अधिक ग्रामों को तथा पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में 500 से अधिक की जनसंख्या वाले सभी 20,867 आबादियों के लिए सड़क संयोजकता की व्यवस्था करने के एक प्रस्ताव का निरूपण किया गया है।
2. ग्रामीण आवास – भारत निर्माण का एक घटक ग्रामीण आवास भी है। भारत निर्माण के अंतर्गत 60 लाख मकानों का निर्माण इंदिरा आवास योजना के तहत 4 वर्षों 2005-06 से 2008-09 में होना था। इस दौरान 71.76 लाख घरों का निर्माण किया गया। 2009-10 से 5 वर्षों के लिए शुरू होने वाले दूसरे चरण के लिए 120 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य है।
3. सिंचाई- भारत निर्माण में सिंचाई मद के अंतर्गत चिन्हित किए गए बड़े और मंझोले आकार की सिंचाई परियोजनाओं को 40 वर्षों के अंदर पूरा कर अतिरिक्त एक करोड़ हेक्टेयर भूमि हेतु सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया। ‘भारत-निर्माण’ के तहत कमान क्षेत्र विकास पुनर्रोद्धार और नवीनीकरण योजनाओं के द्वारा 10 लाख हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता की बहाली होनी है।
4. टेलीफोन सेवा – भारत निर्माण योजना के तहत जिन गांवों में टेलीफोन सेवा नहीं हैं, वहां यह सेवा उपलब्ध करवाया जाएगा। सुदूर एवं दूर-दराज के गांवों में कनेक्टिविटी, डिजिटल उपग्रह फोन टर्मिनल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इन ग्रामीण सार्वजनिक फोनों के लिए लागत और परिचालन व्यय राशि सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि से प्रदान की जाएगी।
5. ग्रामीण पेयजल – भारत निर्माण के लागू की गई अवधि में जहां जलापूर्ति बिलकुल नहीं थी, ऐसे 55,067 क्षेत्रों और 331 लाख ऐसे इलाकों, जहां आंशिक रूप से जलापूर्ति की जा रही थी, शामिल करके पेयजल उपलब्ध कराया गया। 2.17 लाख ऐसे इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया जहां गंदे पानी की सप्लाई की जाती थी । पानी की खराब गुणवत्ता से निपटने के लिए सरकार ने वरीयता क्रम में आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों को ऊपर रखा है। इसके बाद लोहे, खारेपन, नाइट्रेट और अन्य तत्वों से प्रभावित पानी की समस्या से निपटने का लक्ष्य बनाया गया है।
6. ग्रामीण विद्युतीकरण – ऊर्जा मंत्रालय (भारत सरकार) ने अप्रैल 2005 में सभी गांवों और बस्तियों का चार वर्षों में विद्युतीकरण करने के लिए ‘राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना’ लागू की। इसके तहत हर घर तक बिजली पहुंचायी जाएगी। इस योजना को भी भारत निर्माण योजना के अधीन लाया गया है।
भारत-निर्माण योजना के तहत ग्राम्य आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आधारभूत संरचना ग्रामीण समृद्धि एवं रोजगार सृजन से सीधे-सीधे जुड़े हुए हैं। हमारे गांवों के विकास में अब तक इन्हीं आधारभूत ढांचे की कमी के कारण बाधा पहुंची है जिससे न तो उद्योगों की स्थापना हो सकी है, न ही कृषि का विकास समुचित रूप से हो पाया है। यह योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदले में निश्चित तौर पर सहायक सिद्ध होगी। है।
> भारत-सरकार द्वारा 16 दिसंबर, 2005 को ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भारत निर्माण योजना प्रारंभ ।
> ‘भारत-निर्माण’- एक समयबद्ध योजना (4 वर्ष) “
> ‘भारत-निर्माण’ योजना के तहत 6 क्षेत्रों को शामिल किया गया है
(i) ग्रामीण सड़कें
(ii) ग्रामीण आवास
(iii) सिंचाई
(iv) टेलीफोन सेवा
(v) ग्रामीण जलापूर्ति / पेयजल
(vi) ग्रामीण विद्युतीकरण
हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे ..
  • Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Facebook पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Google News ज्वाइन करे – Click Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *