भारत में वन देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं ?

भारत में वन देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं ? ( 41वीं BPSC/1997 ) उत्तर- वन संपदा की दृष्टि से भारत काफी संपन्न है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत का विश्व में दसवां और एशिया में चौथा स्थान है। अब तक भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान ने पेड़-पौधों की 46 हजार से … Read more

सफल-आर्थिक नियोजन ( Economic Planning ) के लिए कौन से संरचनात्मक परिवर्तन आवश्यक हैं ?

सफल-आर्थिक नियोजन ( Economic Planning ) के लिए कौन से संरचनात्मक परिवर्तन आवश्यक हैं ?  ( 43वीं BPSC / 2001 ) अथवा संरचनात्मक परिवर्तन का अर्थ व्यवस्थागत परिवर्तन से है अर्थात नियोजन के लिए वर्तमान तौर-तरीकों में परिवर्तन से है। उत्तर- आर्थिक नियोजन से अभिप्राय है राज्य के अभिकरणों द्वारा देश की एक निश्चित अवधि … Read more

भारत सरकार की विनिवेश नीति क्या है ? क्या यह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही है ?

भारत सरकार की विनिवेश नीति क्या है ? क्या यह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही है ?  (45वीं BPSC/2002 ) उत्तर- आर्थिक सुधारों के अंतर्गत सरकार निजीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु विनिवेश का सहारा ले रही है। किसी सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यमों द्वारा जनसामान्य को इक्विटी की बिक्री के माध्यम से निजीकरण … Read more

प्राकृतिक विविधताओं ने भारत में असमान विकास को जन्म दिया है । ” इसकी व्याख्या उचित उदाहरण सहित कीजिए।

प्राकृतिक विविधताओं ने भारत में असमान विकास को जन्म दिया है । ” इसकी व्याख्या उचित उदाहरण सहित कीजिए। (48वीं 52वीं BPSC/2009 ) उत्तर – भारत अर्थव्यवस्था के हरेक क्षेत्र में तीव्र विकास कर रहा है; लेकिन इसके कुछ राज्य अथवा क्षेत्र अब भी पीछे हैं। इसके अनेक प्राकृतिक एवं गैर-प्राकृतिक कारण हैं। प्राकृतिक कारणों … Read more

निर्धनता मानव जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहने का मामला है। ” समझाइये एवं इसे कम करने के उपाय सुझाइये ।

निर्धनता मानव जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहने का मामला है। ” समझाइये एवं इसे कम करने के उपाय सुझाइये । ( 47वीं BPSC/2007 ) – उत्तर – शाहीन रफी खान और डैमियन किल्लेन ने निर्धनता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा है- ‘‘निर्धनता भूख है। निर्धनता बीमार होना है और डॉक्टर से … Read more

आर्थिक सुधारों का द्वितीय चरण क्या है ? भारत के आर्थिक वृद्धि में इसकी भूमिका को समझाइये।

आर्थिक सुधारों का द्वितीय चरण क्या है ? भारत के आर्थिक वृद्धि में इसकी भूमिका को समझाइये। (44वीं BPSC/2002 ) उत्तर- आर्थिक सुधारों की शुरुआत 1991 में ‘नई आर्थिक नीति’ के साथ ही प्रारंभ हुआ, जिसके अंतर्गत उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की प्रक्रियाएं प्रारंभ हुईं। यद्यपि भारत की यह सुधार प्रक्रिया एक सामान्य आर्थिक नीति … Read more

भारत में नये आर्थिक सुधार -कार्यक्रमों की उपलब्धियों की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।

भारत में नये आर्थिक सुधार -कार्यक्रमों की उपलब्धियों की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए। (45वीं BPSC/2002 ) उत्तर – भारत में नये आर्थिक सुधार का सूत्रपात 1991 के भुगतान संकट के कारण हुआ। इस संकट से निकलने के लिए भारत सरकार ने विश्व – बैक एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का दरवाजा खटखटाया। उनसे 7 बिलियन डॉलर … Read more

स्वतंत्रता के बाद भारतीय कृषि की मुख्य प्रवृत्तियों ( Trends ) की विवेचना करें।

स्वतंत्रता के बाद भारतीय कृषि की मुख्य प्रवृत्तियों ( Trends ) की विवेचना करें।  (41वीं BPSC/1997 ) अथवा ‘भारतीय कृषि की मुख्य प्रवृत्तियों की विवेचना, ‘ यहां प्रवृत्तियों ( Trends ) का अर्थ भारतीय कृषि की ‘दिशा’ से है।  उत्तर – प्रारंभ से ही कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का मूल आधार एवं अधिकांश भारतीयों की जीविका … Read more

उदारीकरण के परिणामस्वरूप भारतीय कृषि में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण प्रवृत्तियां उभर कर आयी हैं ?

उदारीकरण के परिणामस्वरूप भारतीय कृषि में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण प्रवृत्तियां उभर कर आयी हैं ? (44वीं BPSC/2002) उत्तर – भारत में उदारीकरण का प्रारंभ 1991 में भारत सरकार द्वारा अपनाई गई नई आर्थिक नीति के साथ ही माना जाता है। उदारीकरण के कारण देश की आर्थिक स्थिति अच्छी हो गई एवं सभी क्षेत्रों में विकास … Read more

हरित क्रांति ने भारत में अनाज उत्पादन को बढ़ाया है परंतु इसने अनेक पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं।” इसकी व्याख्या उदाहरण सहित कीजिए।

हरित क्रांति ने भारत में अनाज उत्पादन को बढ़ाया है परंतु इसने अनेक पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं।” इसकी व्याख्या उदाहरण सहित कीजिए।  (48-52वीं BPSC/2009 ) उत्तर – भारत में छठे दशक के मध्य में HYV बीजों एवं रासायनिक खादों व नई तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में तीव्रता से वृद्धि हुई जिसे … Read more