कवि गोस्वामी तुलसीदास का जीवन परिचय | Tulsidas Biography in Hindi

कवि गोस्वामी तुलसीदास का जीवन परिचय | Tulsidas Biography in Hindi गोस्वामी तुलसीदास एक बार कृष्णभक्त सूरदास से पूछा गया कि किसकी कविता श्रेष्ठ है । सूर ने कहा कि मेरी। फिर प्रश्नकर्ता ने पूछा कि तुलसी की कविता कैसी है ? सूर का उत्तर था— तुलसी की कविता कहाँ है ? वह तो मंत्र … Read more

samanya gyan in hindi !! सिन्धु सभ्यता !! GK in hindi !! Speedy Railway Samanya Gyan in Hindi

samanya gyan in hindi !! सिन्धु सभ्यता !! GK in hindi !! Speedy Railway Samanya Gyan in Hindi सिन्धु सभ्यता रेडियोकार्बन C14 जैसी नवीन विश्लेषण पद्धति के द्वारा सिन्धु सभ्यता की सर्वमान्य तिथि 2400 ईसा पूर्व से 1700 ईसा पूर्व मानी गयी है । सिन्धु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने की । सिन्धु … Read more

samanya gyan in hindi !! प्रागैतिहासिक काल !! GK in hindi !! Speedy Railway Samanya Gyan in Hindi

samanya gyan in hindi !! प्रागैतिहासिक काल !! GK in hindi !! Speedy Railway Samanya Gyan in Hindi प्रागैतिहासिक काल जिस काल में मनुष्य ने घटनाओं का कोई लिखित विवरण उद्धृत नहीं किया, उसे ‘प्रागैतिहासिक काल’ कहते हैं। मानव विकास के उस काल को इतिहास कहा जाता है, जिसका विवरण लिखित रूप में उपलब्ध है … Read more

samanya gyan in hindi !! भारत का इतिहास !! GK in hindi !! Speedy Railway Samanya Gyan in Hindi

samanya gyan in hindi !! भारत का इतिहास !! GK in hindi !! Speedy Railway Samanya Gyan in Hindi भारत का इतिहास उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र तक फैला यह उपमहाद्वीप भारतवर्ष के नाम से ज्ञात है, जिसे महाकाव्य तथा पुराणों में ‘भारतवर्ष‘ अर्थात् ‘भरत का देश’ तथा यहाँ के निवासियों को … Read more

कवि नागार्जुन जीवनी – Biography of Nagarjuna in Hindi Jivani

कवि नागार्जुन जीवनी – Biography of Nagarjuna in Hindi Jivani नागार्जुन की जीवनी वैद्यनाथ मिश्र नाम का एक व्यक्ति भारतीय साहित्य में दो नामों से विख्यात हुआ – नागार्जुन के रूप में हिंदी में कबीर, भारतेंदु, प्रेमचंद और निराला की अगली कड़ी के रूप में वर्तमान युग का जनकवि । वही व्यक्ति मैथिली साहित्य का … Read more

हिन्दी साहित्य में नाटकों का प्रारम्भ और प्रगति

हिन्दी साहित्य में नाटकों का प्रारम्भ और प्रगति भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से पूर्व हिन्दी में नाटक साहित्य नहीं के बराबर था। जो कुछ था भी वह  नाममात्र के लिए था। उन नाटकों में न नाटकीय लक्षण थे, न मौलिकता । अधिकांश नाटक संस्कृत के नाटकों के आधार पर लिखे हुए पद्यबद्ध नाटकीय काव्य थे। इस प्रकार … Read more

हिन्दी साहित्य में कहानियों का उद्भव और विकास

हिन्दी साहित्य में कहानियों का उद्भव और विकास कहानी के मूल में जिज्ञासा और अभिव्यक्ति दो प्रबल मनोवृत्तियाँ कार्य करती हैं।  सभ्यता  के प्रारम्भिक क्षणों में जब मनुष्य ने भाषा सीखी होगी तब मनोगत अनुभवों को दूसरों पर व्यक्त करने और दूसरों के अनुभव सुनने के लिये कहानी का आश्रय लिया होगा। अतः कहानी साहित्य … Read more

GK in Hindi | जैव प्रक्रम : पोषण

GK in Hindi | जैव प्रक्रम : पोषण ◆ वे सारी क्रियाएँ जिनके द्वारा जीवों का अनुरक्षण होता है, जैव प्रक्रम कहलाती हैं। ◆ उपापचयी क्रियाओं के संचालन हेतु आवश्यक ऊर्जा की आपूर्ति के लिए प्रत्येक जीव को जीवनपर्यंत पोषण की आवश्यकता होती है। ◆ ऐसे जीव जो भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर … Read more

हिन्दी साहित्य में उपन्यासों का उद्भव और विकास

हिन्दी साहित्य में उपन्यासों का उद्भव और विकास १९वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में समय की कठोर आवश्यकताओं ने जहाँ गद्य के विकास में योग दिया, वहाँ उपन्यास साहित्य की भी श्रीवृद्धि हुई। अंग्रेजी तथा उससे प्रभावित बंगाली तथा मराठी उपन्यासों में हिन्दी साहित्यकारों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। भारतेन्दु जी के समय में अनेकों … Read more

मुसलमान कवियों की हिन्दी सेवा

मुसलमान कवियों की हिन्दी सेवा  राजनैतिक क्षेत्र में हिन्दू और मुसलमानों के कुछ भी सम्बन्ध रहे हों, परन्तु साहित्यिक क्षेत्र में मुसलमानों ने हिन्दी की अमूल्य सेवा की,वे हिन्दुओं के अधिक निकट आये । भारतीय  सभ्यता और संस्कृति से वे अत्यधिक  प्रभावित हुए, धार्मिक क्षेत्र में यद्यपि वे एकेश्वरवाद को मानते थे। उनका मूलमन्त्र था-‘ला … Read more