“भारतीय राजनीतिक दलीय व्यवस्था राष्ट्रोन्मुखी न होकर व्यक्ति उन्मुखी है।” इस तथ्य को बिहार राज्य के परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट कीजिए।

“भारतीय राजनीतिक दलीय व्यवस्था राष्ट्रोन्मुखी न होकर व्यक्ति उन्मुखी है।” इस तथ्य को बिहार राज्य के परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट कीजिए। अथवा  संविधान निर्माण में बहुदलीय राजनीतिक व्यवस्था के उद्देश्यों को उद्घाटित करें। अथवा आजादी के बाद राष्ट्रीय फलक पर राजनीतिक दलों का संगठन की जगह व्यक्तिकेन्द्रीत दलीय व्यवस्था की चर्चा करें। अथवा क्षेत्रीयस्तर पर विभिन्न … Read more

” भारतीय संसद एक गैर-प्रभुता सम्पन्न विधि-निर्मात्री संस्था है ।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।

” भारतीय संसद एक गैर-प्रभुता सम्पन्न विधि-निर्मात्री संस्था है ।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। अथवा संप्रभुता को परिभाषित करें। अथवा संसद द्वारा पारित किए गए कुछ विवादस्पद कानून को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने फैसले में अमान्य करार दिए गए संदर्भों का उल्लेख करें।  उत्तर – भारतीय संसद प्रभुता संपन्न विधि-निर्मात्री संस्था है या गैर-प्रभुता … Read more

क्या आप इस वक्तव्य से सहमत हैं कि हमारे संविधान ने एक हाथ से मौलिक अधिकार दिये हैं, किन्तु दूसरे हाथ से उन्हें वापस ले लिया है?

क्या आप इस वक्तव्य से सहमत हैं कि हमारे संविधान ने एक हाथ से मौलिक अधिकार दिये हैं, किन्तु दूसरे हाथ से उन्हें वापस ले लिया है? अथवा मौलिक अधिकारों का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए इस पर देश की विभिन्न अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों का उल्लेख करो उत्तर – संविधान ने एक हाथ से … Read more

भारत की संसद राष्ट्रीय एकीकरण का एक प्रभावी मंच है। विवेचना कीजिए।

भारत की संसद राष्ट्रीय एकीकरण का एक प्रभावी मंच है। विवेचना कीजिए। उत्तर- “सच्चे लोकतंत्र के लिए व्यक्ति को कंवल संविधान के उपबंधों अथवा विधानमंडल में कार्य संचालन हेतु बनाये गये नियमों और विनियमों के अनुपालन तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि विधानमंडल के सदस्यों में लोकतंत्र की सच्ची भावना भी विकसित करनी चाहिए। … Read more

“भारतीय राज्यों के असमान विकास ने कई सामाजिक-आर्थिक एवं राजनीतिक समस्याओं को जन्म दिया है।” बिहार के विशेष संदर्भ में कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।

“भारतीय राज्यों के असमान विकास ने कई सामाजिक-आर्थिक एवं राजनीतिक समस्याओं को जन्म दिया है।” बिहार के विशेष संदर्भ में कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। अथवा राज्यों के असमान विकास में भौगोलिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ योजना नीति आयोग की भूमिका को स्पष्ट करें। उत्तर- अर्थशास्त्री प्रो. किन्डलवर्जर के अनुसार, “आर्थिक समृद्धि से तात्पर्य … Read more

भारतीय संघीय ढांचा संवैधानिक रूप से केन्द्र सरकार की ओर उन्मुख है। व्याख्या कीजिए।

भारतीय संघीय ढांचा संवैधानिक रूप से केन्द्र सरकार की ओर उन्मुख है। व्याख्या कीजिए। अथवा संघात्मक सरकार एवं एकात्मक सरकार के लक्षणों का तुलनात्मक अंतर बताएं। अथवा केन्द्र-राज्य की शक्तियों का संवैधानिक विभाजन (संघ, राज्य एवं समवर्ती सूची) की स्थिति का उल्लेख करें।  अथवा विवाद की स्थिति में केन्द्रीय शक्ति की संवैधानिक स्थिति का उल्लेख … Read more

‘भारत के राष्ट्रपति की भूमिका परिवार के उस बुजुर्ग के समान है जो सभी प्राधिकार रखता है किन्तु यदि घर के शैतान – युवा सदस्य उसकी न सुनें तो वह कुछ भी प्रभावी नहीं कर सकता है । ” मूल्यांकन कीजिए ।

‘भारत के राष्ट्रपति की भूमिका परिवार के उस बुजुर्ग के समान है जो सभी प्राधिकार रखता है किन्तु यदि घर के शैतान – युवा सदस्य उसकी न सुनें तो वह कुछ भी प्रभावी नहीं कर सकता है । ” मूल्यांकन कीजिए । अथवा  राष्ट्रपति की नियुक्ति और उसके संवैधानिक अधिकारों से संबंधित अनुच्छेदों का हवाला … Read more

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर आतंकवादी गतिविधियों एवं आपसी अविश्वास के बादल मंडरा रहे हैं। दोनों राष्ट्रों के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने के लिए खेल-कूद एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसी सौम्य शक्ति का प्रयोग किस सीमा तक किया जाना चाहिए? उचित उदाहरण सहित समझाइए।

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर आतंकवादी गतिविधियों एवं आपसी अविश्वास के बादल मंडरा रहे हैं। दोनों राष्ट्रों के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने के लिए खेल-कूद एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसी सौम्य शक्ति का प्रयोग किस सीमा तक किया जाना चाहिए? उचित उदाहरण सहित समझाइए। अथवा पठानकोट की घटना का उल्लेख करें। साथ ही जम्मू-कश्मीर को भी रिश्तों … Read more

सार्वभौतिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में लोक स्वास्थ्य प्रणाली की सीमाएँ हैं। क्या आपके विचार से निजी क्षेत्र इस कमी अथवा दूरी को भरने में सेतु के रूप में सहयोग कर सकते हैं? आप कौन-से अन्य उचित विकल्पों का सुझाव देंगे?

सार्वभौतिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में लोक स्वास्थ्य प्रणाली की सीमाएँ हैं। क्या आपके विचार से निजी क्षेत्र इस कमी अथवा दूरी को भरने में सेतु के रूप में सहयोग कर सकते हैं? आप कौन-से अन्य उचित विकल्पों का सुझाव देंगे? अथवा लोक स्वास्थ्य प्रणाली की सीमाओं को बताएं। निजी क्षेत्र इन कमियों को दूर … Read more

एक सुशिक्षित एवं संगठित स्थानीय स्तर की शासन प्रणाली के अभाव में पंचायतें एवं समितियाँ, मुख्यतः राजनीतिक संस्थाएं बनी रहती हैं और शासन का प्रभावशाली उपकरण नहीं बन पाती हैं। आलोचनात्मक सीमक्षा कीजिए।

एक सुशिक्षित एवं संगठित स्थानीय स्तर की शासन प्रणाली के अभाव में पंचायतें एवं समितियाँ, मुख्यतः राजनीतिक संस्थाएं बनी रहती हैं और शासन का प्रभावशाली उपकरण नहीं बन पाती हैं। आलोचनात्मक सीमक्षा कीजिए। अथवा ‘पंचायतों के बेहतर प्रदर्शन हेतु शिक्षा एक आवश्यक कड़ी है।’ इसकी चर्चा कीजिए । “शिक्षा के बिना लोकतांत्रिक समस्याएं, राजनीतिक क्रियाकलापों … Read more