सेवा क्षेत्र में सरकारी प्रयास के रूप में क्या किये गए हैं ? वर्णन करें।

सेवा क्षेत्र में सरकारी प्रयास के रूप में क्या किये गए हैं ? वर्णन करें। उत्तर- राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार के द्वारा रोजगार सृजन करने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसका कार्यान्वयन राज्य सरकारों के द्वारा भी किया जा रहा है। सेवा क्षेत्र में सरकारी प्रयास के रूप में कुछ कार्यक्रमों … Read more

सेवा क्षेत्र पर एक संक्षिप्त लेख लिखें।

सेवा क्षेत्र पर एक संक्षिप्त लेख लिखें। उत्तर- अर्थव्यवस्था के अंदर तीन क्षेत्र होते हैं (पहला प्राथमिक अथवा कृषि क्षेत्र, दूसरा द्वितीय या औद्योगिक क्षेत्र और तीसरा सेवा क्षेत्र) । यह अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार की सेवाएँ उपलब्ध कराता है जैसे संचार, शिक्षा, बैंक, होटल, यातायात इत्यादि। सेवा क्षेत्र को दो … Read more

भारत सरकार के द्वारा रोजगार सृजन के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ?

भारत सरकार के द्वारा रोजगार सृजन के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ? उत्तर-भारत सरकार के द्वारा रोजगार सृजन के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं (i) राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम इस कार्यक्रम – की शुरुआत 1980 ई० में की गई। इसका मुख्य उद्देश्य रोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा ग्रामीण निर्धनों … Read more

रोजगार एवं सेवाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं, कैसे ?

रोजगार एवं सेवाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं, कैसे ? उत्तर – ‘रोजगार एवं सेवाएँ का अभिप्राय यहाँ इस बात से है कि जब व्यक्ति अपने परिश्रम एवं शिक्षा के आधार पर जीविकोपार्जन के लिए धन एकत्रित करता है, जब एकत्रित धन को पूँजी के रूप में व्यवहार किया जाता है और उत्पादन के क्षेत्र में … Read more

स्वयं सहायता समूह क्या है? इसमें महिलाएँ अपनी भूमिका किस प्रकार निभाती है ?

स्वयं सहायता समूह क्या है? इसमें महिलाएँ अपनी भूमिका किस प्रकार निभाती है ? उत्तर- स्वयं सहायता समूह वास्तव में ग्रामीण क्षेत्र में 15-20 व्यक्तियों (खासकर महिलाओं) का एक अनौपचारिक समूह होता है। जो अपनी बचत तथा बैंकों से लघु ऋण लेकर अपने सदस्यों के पारिवारिक जरूरतों को पूरा करते हैं। स्वयं सहायता समूह में … Read more

सूक्ष्मवित्त योजना से महिलाएँ किस प्रकार लाभांवित हुई हैं ?

सूक्ष्मवित्त योजना से महिलाएँ किस प्रकार लाभांवित हुई हैं ? उत्तर-भारत में ऋण के औपचारिक श्रोत जैसे बैंक से ऋण प्राप्त करने के लिए ऋणाधार की आवश्यकता पड़ती है। गरीब महिला के पास प्रायः यह नहीं होता। कर्जदार बही-खाते में गड़बड़ी कर वे उनका शोषण करते हैं। महिलाएँ स्वयं सहायता समूह में अपने आपको संगठित … Read more

भारत में सहकारिता की शुरुआत किस प्रकार हुई ? संक्षिप्त वर्णन करें।

भारत में सहकारिता की शुरुआत किस प्रकार हुई ? संक्षिप्त वर्णन करें। उत्तर-भारत में सर्वप्रथम 1904 में एक “सहकारिता साख समिति विधान” पारित हुआ जिसके अनुसार कोई भी दस व्यक्ति मिलकर सहकारी साख समिति की स्थापना कर सकते थे। सन् 1912 में एक और अधिनियम आया जिसके अंतर्गत ऋण के अतिरिक्त अन्य उद्देश्यों के लिए … Read more

भारत में सहकारिता के विकास का वर्णन करें।

भारत में सहकारिता के विकास का वर्णन करें। उत्तर- भारत में सहकारिता की शुरुआत विधिवत रूप से सहकारी साख अधिनियम, 1904 के पारित होने के बाद ही हुई। इसके अनुसार गाँव या नगर में कोई भी दस व्यक्ति मिलकर सहकारी साख समिति की स्थापना कर सकते हैं। लेकिन 1904 में जो अधिनियम पारित हुआ, उसके … Read more

सहकारिता के मूल तत्व क्या हैं? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का वर्णन करें।

सहकारिता के मूल तत्व क्या हैं? बिहार के विकास में इसकी भूमिका का वर्णन करें। उत्तर-सहकारिता एक ऐच्छिक संगठन है। इसमें व्यक्ति स्वेच्छा से अपनी आर्थिक उन्नति के लिए सम्मिलित होते हैं। सहकारिता के मूल तत्त्व इस प्रकार हैं (i) सहकारिता एक ऐच्छिक संगठन है। (ii) इसमें सभी सदस्यों को समान अधिकार प्राप्त होते हैं। … Read more

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के विभिन्न कार्यों की विवेचना कीजिए।

रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के विभिन्न कार्यों की विवेचना कीजिए। उत्तर-रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं (i) रिजर्व बैंक को नोट निर्गमन का एकाधिकार प्राप्त है। (ii) रिजर्व बैंक केन्द्रीय तथा राज्य सरकारों के बैंकिंग सम्बन्धी समस्त कार्य करता है। (iii) रिजर्व बैंक बैंकों का बैंक है। यह आवश्यकता के समय उनकी … Read more