अर्द्धचालक (Semiconductors)

अर्द्धचालक (Semiconductors) अर्द्धचालक (Semiconductors) विद्युतिकी, इन्जीनियरिंग तथा प्रायोगिक भौतिकी का क्षेत्र है। इनका उपयोग विद्युत परिपथ तथा उपकरणों की आकृति बनाने में किया जाता है। विद्युत परिपथ में किया गया कार्य धातु में इलेक्ट्रॉन के प्रवाह पर निर्भर करता है। विद्युत प्रकृति के आधार पर धातु को तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है (i) … Read more

नाभिकीय भौतिकी तथा रेडियोएक्टिवता (Nuclear Physics and Radioactivity)

नाभिकीय भौतिकी तथा रेडियोएक्टिवता (Nuclear Physics and Radioactivity) नाभिकीय भौतिकी तथा रेडियोएक्टिवता (Nuclear Physics and Radioactivity) हम जानते हैं, कि परमाणु में नाभिक धनावेशित होता है जिसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन घुमते रहते हैं। नाभिकीय भौतिकी के अन्तर्गत नाभिक के स्थायित्व तथा नाभिकीय परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है। रेडियोएक्टिवता, कृत्रिम परिवर्तन की क्रिया, आदि घटनाएँ … Read more

पेपरमेशी से शिल्प रचना का विस्तृत वर्णन कीजिये।

पेपरमेशी से शिल्प रचना का विस्तृत वर्णन कीजिये।  उत्तर— पेपरमेशी से शिल्प रचना–पेपरमेशी यह फ्रेंच भाषा का शब्द है। भारत में यह लुग्दी नाम से प्रसिद्ध है। पुरातन युग से ही हमारे देश में लुग्दी की बहुत-सी घरेलू उपयोग की चीजें बनायी जाती रही हैं, किन्तु आधुनिक युग में इसमें काफी सुधार कर लिया गया … Read more

स्टेन्सिल क्या है? इसकी छापने की प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक उल्लेख कीजिए।

स्टेन्सिल क्या है? इसकी छापने की प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक उल्लेख कीजिए। उत्तर— स्टेन्सिल–स्टेन्सिल किसी आकृति की इकाई को नियंत्रित दिशा में दोहराने की एक अनुकृति है। यह क्रियाकलाप किसी आकृति को छापने के लिए उच्च क्षमता और योग्यता (क्रिया-कलाप कर्ता में आवश्यक रूप से होनी चाहिए। स्टेन्सिल एक उपकरण है जिसके माध्यम से आकृति या … Read more

मुखौटे क्या हैं? इनके प्रकार लिखिये। मुखौटे किस प्रकार बनाये जाते हैं? समझाइए ।

मुखौटे क्या हैं? इनके प्रकार लिखिये। मुखौटे किस प्रकार बनाये जाते हैं? समझाइए । उत्तर – मुखौटे से अभिप्राय-नाटक कला में मुखौटों का बड़ा महत्त्व है। नाटकीय रंगमंच पर कई पात्र इस प्रकार के होते हैं जिन्हें साधारण मानव अपनी आकृति व वेशभूषा में प्रभावोत्पादक ढंग से प्रकट नहीं कर सकता है। ऐसी स्थिति में … Read more

नाटक के प्रमुख तत्त्वों की व्याख्या कीजिए ।

नाटक के प्रमुख तत्त्वों की व्याख्या कीजिए । उत्तर— नाटक के मूलभूत तत्त्व–नाटक के तत्त्वों को हम भारतीय व पाश्चात्य नाट्यशास्त्र के आधार पर वगीकृत कर सकते हैं। भारतीय नाट्यशास्त्र में रूपक और उपभेदों पर विस्तार से विचार किया गया है। इनमें परस्पर अंतर ज्ञान के लिए रूपक में पाँच आधारभूत भाग माने गए हैं, … Read more

शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में कला की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में कला की भूमिका स्पष्ट कीजिए। उत्तर— शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में कला की भूमिका–विभिन्न कलाओं का प्रयोग शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सरल एवं बोधगम्य रूप में प्रस्तुत करने में किया जाता है। शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का सम्बन्ध किसी भी विषय से हो, यदि उसमें कला का प्रयोग नहीं किया … Read more

टिप्पणी लिखिये–फोटोग्राफी ।

टिप्पणी लिखिये–फोटोग्राफी ।                              अथवा फोटोग्राफी से आप क्या समझते हैं? इसका प्रशिक्षण एवं आवश्यक निर्देशों का वर्णन कीजिए। उत्तर— फोटोग्राफी की अपनी एक भाषा है। जो प्रसंग हजार शब्दों में वर्णित ना किया जा सके, वह मात्र एक छायाचित्र में जीवंत … Read more

सोशल मीडिया से आप क्या समझते हैं? सोशल मीडिया की विभिन्न श्रेणियों व प्रचलित सोशल वेबसाइट्स का विवरण दीजिए।

सोशल मीडिया से आप क्या समझते हैं? सोशल मीडिया की विभिन्न श्रेणियों व प्रचलित सोशल वेबसाइट्स का विवरण दीजिए।                              अथवा सोशल मीडिया की आवश्यकता और महत्त्व को स्पष्ट कीजिए । उत्तर— सोशल मीडिया–लघूत्तरात्मक प्रश्न संख्या 8 का उत्तर देखें । प्रचलित … Read more

कला क्या है? कला शिक्षण के उद्देश्यों को समझाइए।

कला क्या है? कला शिक्षण के उद्देश्यों को समझाइए।  उत्तर— कला–कला का पाश्चात्य पर्याय है ‘आर्ट’ (Art), आर्ट लैटिन भाषा के ‘आर्स’ (Ars) शब्द से बना है, यह ग्रीक के तैक्वेन’ (Taxven) शब्द का रूपान्तर है। इस शब्द का प्राचीन अर्थ ‘शिल्प’ (Craft) अथवा ‘नैपुण्य-विशेष’ है। प्राचीन भारतीय मान्यताओं में भी कला के लिए ‘ … Read more