रक्त समूह (Blood Groups) पर टिप्पणी लिखें ।

रक्त समूह (Blood Groups) पर टिप्पणी लिखें । (40वीं BPSC/1995) उत्तर – सभी मनुष्यों के रक्त समान नहीं होते हैं, अतः रक्तदान करते समय रक्तदाता एवं प्राप्तकर्ता के रक्त समूह (Blood Group) की जानकारी आवश्यक है। मनुष्यों के रक्त में अंतर का मूल कारण लाल रक्त कण (RBC) में पाई जाने वाली एक विशेष प्रकार … Read more

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के स्वरूप एवं उद्देश्यों का वर्णन करें। इससे भारत में | शिशु मृत्यु रोकने में कहां तक सफलता मिली है ?

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के स्वरूप एवं उद्देश्यों का वर्णन करें। इससे भारत में | शिशु मृत्यु रोकने में कहां तक सफलता मिली है ? (40वीं BPSC/1995) उत्तर – भारत में शिशु मृत्यु दर एवं मातृत्व मृत्यु दर में प्रभावी रूप से कमी लाने के लिए समग्र राष्ट्रीय राजनीति के अंग के रूप में 1985 में … Read more

एक्स-रे तथा अल्ट्रासोनोग्राफी स्वास्थ्य को सुधारने में किस तरह से सदुपयोगी होते हैं ?

एक्स-रे तथा अल्ट्रासोनोग्राफी स्वास्थ्य को सुधारने में किस तरह से सदुपयोगी होते हैं ? ( 44वीं BPSC/2002 ) उत्तर – वर्तमान चिकित्सा पद्धति आधुनिक तकनीकी से लैस है। अनेक उपकरणों एवं विधियों के आविष्कार ने इसके प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाया है। एक्स-रे एवं अल्ट्रासोनोग्राफी भी आधुनिक चिकित्सा पद्धति की महत्वपूर्ण खोज है। एक्स-किरणें लघु तरंगदैर्ध्य … Read more

मैग्नेटिक रेजोनेन्स इमेजिंग (MRI) डॉक्टरों के लिए चिकित्सीय उपचार में उपयोगी है | यह सुविधा किस तरह से जनता तक पहुंचाई गई है, वर्णन कीजिए |

मैग्नेटिक रेजोनेन्स इमेजिंग (MRI) डॉक्टरों के लिए चिकित्सीय उपचार में उपयोगी है | यह सुविधा किस तरह से जनता तक पहुंचाई गई है, वर्णन कीजिए |  ( 45वीं BPSC / 2002) उत्तर- मैग्नेटिक रेजोनेन्स इमेजिंग (MRI) न्यूक्लियर रेजोनेन्स स्कैनिंग का मेडिकल नाम है। यह चिकित्सीय विधि अत्याधुनिक है जिसमें मैग्नेटिक फील्ड तथा रेडियो वेब का … Read more

HIV/AIDS अनुसंधान में भारतीय योगदान की विवेचना कीजिए। इस बीमारी के कारण एवं बचाव के उपायों को भी समझाइये ।

HIV/AIDS अनुसंधान में भारतीय योगदान की विवेचना कीजिए। इस बीमारी के कारण एवं बचाव के उपायों को भी समझाइये । (47वीं BPSC/2007 ) अथवा AIDS का संक्षिप्त परिचय, फिर उसके कारण, बचाव के उपाए एवं अंत में AIDS अनुसंधान में विश्व स्तर पर हुए अनुसंधान का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए भारतीय अनुसंधान की चर्चा करें। … Read more

दूरभाष संचार व्यवस्था ( Telecommunication System) में कम्प्यूटरों के योगदान की समीक्षा कीजिए |

दूरभाष संचार व्यवस्था ( Telecommunication System) में कम्प्यूटरों के योगदान की समीक्षा कीजिए | उत्तर – वर्तमान में दूरभाष संचार व्यवस्था का व्यापक विस्तार हुआ है जिसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप में कम्प्यूटरों का योगदान है। दूरभाष संचार में कम्प्यूटर के योगदान को निम्नलिखित बिन्दुओं के माध्यम से स्पष्ट किया जा सकता है > दूरभाष … Read more

भारत में कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी की वर्तमान स्थिति पर एक टिप्पणी दीजिए। इससे आम व्यक्ति को क्या लाभ मिला है? इस संदर्भ में यह भी बताइये कि सुपर कम्प्यूटर को किन-किन प्रयोजनों के लिए काम में लाया जा सकता है ?

भारत में कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी की वर्तमान स्थिति पर एक टिप्पणी दीजिए। इससे आम व्यक्ति को क्या लाभ मिला है? इस संदर्भ में यह भी बताइये कि सुपर कम्प्यूटर को किन-किन प्रयोजनों के लिए काम में लाया जा सकता है ? ( 42वीं BPSC / 1999 ) उत्तर – भारत में कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी का विकास सन् … Read more

आधुनिक संचार ( Modern Communication) में (a) ऑप्टिकल फाइबर ( प्रकाश तंतु ), (b) कम्प्यूटर का क्या महत्व है ?

आधुनिक संचार ( Modern Communication) में (a) ऑप्टिकल फाइबर ( प्रकाश तंतु ), (b) कम्प्यूटर का क्या महत्व है ?  ( 44वीं BPSC/2002 ) उत्तर- (a) ऑप्टिकल फाइबर ( प्रकाश तंतु ) आधुनिक संचार के प्रमुख माध्यम के रूप में ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre) या प्रकाश तंतु का प्रयोग किया जाता है। यह एक प्रकार … Read more

पेड़-पौधों से कौन-सी दवाइयां निकलती हैं? कम्प्यूटर से इस कार्य को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है ?

पेड़-पौधों से कौन-सी दवाइयां निकलती हैं? कम्प्यूटर से इस कार्य को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है ? 46वीं BPSC/2005) उत्तर- पेड़-पौधे दवाइयों के प्रमुख स्रोत हैं। अंग्रेजी अर्थात् एलोपैथी (Allopathey) चिकित्सा पद्धति में भी अनेक दवाइयां पेड़-पौधों से प्राप्त होती हैं, जबकि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति प्रत्यक्षतः पड़े – पौधों पर ही निर्भर है। पेड़-पौधों … Read more

जेनेटिक इंजीनियरिंग (Genetic Engineering) – टिप्पणी लिखें |

जेनेटिक इंजीनियरिंग (Genetic Engineering) – टिप्पणी लिखें | (40वीं BPSC/1995 ) उत्तर – जेनेटिक इंजीनियरिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके सहयोग से किसी एक प्रजाति के जीव-जंतुओं के आनुवंशिक गुणों के वाहक जीन का संलयन अथवा प्रत्यारोपण अन्य प्रजाति के जीव-जंतुओं में किया जाता है। इस प्रकार पुनः संयोजित D.N.A. (Recombinant D.N.A.) के रूप में … Read more