भारत में बेरोजगारी की समस्या की प्रकृति क्या है ? क्या आप सोचते हैं कि “राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम” ग्रामीण निर्धनों की निर्धनता एवं बेरोजगारी की समस्या को हल कर सकेगा ?

भारत में बेरोजगारी की समस्या की प्रकृति क्या है ? क्या आप सोचते हैं कि “राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम” ग्रामीण निर्धनों की निर्धनता एवं बेरोजगारी की समस्या को हल कर सकेगा ? (46वीं BPSC/2005) अथवा  भारत में बेरोजगारी के विभिन्न प्रकार लिखें, NREGA (अब MNREGA) की निर्धनता, बेरोजगारी उन्मूलन क्षमता को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत … Read more

भारत निर्माण योजना” क्या है ? भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने में इसकी भूमिका को समझाइये ।

भारत निर्माण योजना” क्या है ? भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने में इसकी भूमिका को समझाइये । (47वीं BPSC/2007) अथवा भारत-निर्माण योजना के 6 निर्धारित क्षेत्रों का वर्णन करते हुए इस योजना का ग्रामीण अर्थव्यवस्था की समृद्धि में योगदान समझाइये। उत्तर – केंद्र सरकार द्वारा 16 दिसंबर, 2005 को ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत … Read more

‘जिला योजना’ से आप क्या समझते हैं ? इसके सफल होने के कौन से शर्त हैं ?

‘जिला योजना’ से आप क्या समझते हैं ? इसके सफल होने के कौन से शर्त हैं ? ( 40वीं BPSC/1995) उत्तर- भारत में योजनाबद्ध विकास कार्य हेतु योजनाओं का निर्माण केंद्र स्तर पर हुआ। 1960 के दशक में राज्य स्तरीय योजनाओं का निर्माण किया जाने लगा। 1982 तक भारत में विभिन्न स्तरों पर योजनाओं का … Read more

भारत में बहुधंधी परियोजनाओं (Multipurpose Projects) के विरुद्ध आंदोलन की प्रासंगिकता का आलोचनात्मक परीक्षण करें।

भारत में बहुधंधी परियोजनाओं (Multipurpose Projects) के विरुद्ध आंदोलन की प्रासंगिकता का आलोचनात्मक परीक्षण करें।  (41वीं BPSC/1997 ) उत्तर – स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में ढांचागत संरचना की कमी थी। अतः इन कमियों को दूर करने के लिए बहुउद्देशीय परियोजनाओं को विकास और समृद्धि के रास्ते पर ले जाने वाले वाहन के रूप में … Read more

भारत में वन देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं ?

भारत में वन देश के आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं ? ( 41वीं BPSC/1997 ) उत्तर- वन संपदा की दृष्टि से भारत काफी संपन्न है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत का विश्व में दसवां और एशिया में चौथा स्थान है। अब तक भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान ने पेड़-पौधों की 46 हजार से … Read more

सफल-आर्थिक नियोजन ( Economic Planning ) के लिए कौन से संरचनात्मक परिवर्तन आवश्यक हैं ?

सफल-आर्थिक नियोजन ( Economic Planning ) के लिए कौन से संरचनात्मक परिवर्तन आवश्यक हैं ?  ( 43वीं BPSC / 2001 ) अथवा संरचनात्मक परिवर्तन का अर्थ व्यवस्थागत परिवर्तन से है अर्थात नियोजन के लिए वर्तमान तौर-तरीकों में परिवर्तन से है। उत्तर- आर्थिक नियोजन से अभिप्राय है राज्य के अभिकरणों द्वारा देश की एक निश्चित अवधि … Read more

भारत सरकार की विनिवेश नीति क्या है ? क्या यह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही है ?

भारत सरकार की विनिवेश नीति क्या है ? क्या यह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही है ?  (45वीं BPSC/2002 ) उत्तर- आर्थिक सुधारों के अंतर्गत सरकार निजीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु विनिवेश का सहारा ले रही है। किसी सार्वजनिक क्षेत्रक के उद्यमों द्वारा जनसामान्य को इक्विटी की बिक्री के माध्यम से निजीकरण … Read more

प्राकृतिक विविधताओं ने भारत में असमान विकास को जन्म दिया है । ” इसकी व्याख्या उचित उदाहरण सहित कीजिए।

प्राकृतिक विविधताओं ने भारत में असमान विकास को जन्म दिया है । ” इसकी व्याख्या उचित उदाहरण सहित कीजिए। (48वीं 52वीं BPSC/2009 ) उत्तर – भारत अर्थव्यवस्था के हरेक क्षेत्र में तीव्र विकास कर रहा है; लेकिन इसके कुछ राज्य अथवा क्षेत्र अब भी पीछे हैं। इसके अनेक प्राकृतिक एवं गैर-प्राकृतिक कारण हैं। प्राकृतिक कारणों … Read more

निर्धनता मानव जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहने का मामला है। ” समझाइये एवं इसे कम करने के उपाय सुझाइये ।

निर्धनता मानव जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रहने का मामला है। ” समझाइये एवं इसे कम करने के उपाय सुझाइये । ( 47वीं BPSC/2007 ) – उत्तर – शाहीन रफी खान और डैमियन किल्लेन ने निर्धनता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा है- ‘‘निर्धनता भूख है। निर्धनता बीमार होना है और डॉक्टर से … Read more

आर्थिक सुधारों का द्वितीय चरण क्या है ? भारत के आर्थिक वृद्धि में इसकी भूमिका को समझाइये।

आर्थिक सुधारों का द्वितीय चरण क्या है ? भारत के आर्थिक वृद्धि में इसकी भूमिका को समझाइये। (44वीं BPSC/2002 ) उत्तर- आर्थिक सुधारों की शुरुआत 1991 में ‘नई आर्थिक नीति’ के साथ ही प्रारंभ हुआ, जिसके अंतर्गत उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की प्रक्रियाएं प्रारंभ हुईं। यद्यपि भारत की यह सुधार प्रक्रिया एक सामान्य आर्थिक नीति … Read more