हरिवंश राय बच्चन
हरिवंश राय बच्चन 1. लाल सुरा की धार लपट-सी कह न इसे देना ज्वाला, फेनिल मदिरा है मत इसको कह देना उर का छाला, दर्द नशा है इस मदिरा का विगत स्मृतियाँ साकी हैं ? पीड़ा में आनंद जिसे हो, आए मेरी मधुशाला ।। हिंदी साहित्य में जो चंद रचनाएं अत्यंत लोकप्रिय हुई हैं उनमें … Read more