धौलपुर जाट राज्य

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

धौलपुर जाट राज्य धौलपुर राज्य की वंशावली रिकार्ड के अनुसार इस मत की पुष्टि होती है कि इनका जाट गोत्र भस्भरांलिया है जिसकी उत्पत्ति चन्द्रवंशी सम्राट ययाति के पुत्र पुरू के वंशज जाट राजा वीरभद्र के पुत्र चन्द्र के नाम से मानी जाती है । वंश के नरेशों की पदवी राणा थी । जिस प्रकार … Read more

जैसलमेर, करौली, अलवर का इतिहास

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

जैसलमेर, करौली, अलवर का इतिहास जैसलमेर का भाटी वंश ✰ जैसलमेर के भाटी चन्द्रवंशीय यादव थे और अपना सम्बन्ध भगवान कृष्ण से जोड़ते थे। भट्टीय – ✰ भट्टीय नामक व्यक्ति ने 285 ई. में भाटी वंश की स्थापना की। इसने भटनेर का किला बनवाकर इसे अपनी राजधानी बनाया । मंगलराव भाटी- ✰ मंगलराव भाटी को गजनी के डुण्डी … Read more

चौहान वंश : राजस्थान

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

चौहान वंश : राजस्थान साम्भर या अजमेर के चौहान वंश अजमेर शाखा प्रारम्भ नैणसी, टॉड तथा सूर्यमल्ल मिश्रण ने चौहानों के अग्निकुण्ड सिद्धांतों को स्वीकार किया है। बिजौलिया शिलालेख में चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताया गया है। टॉड व स्मिथ ने चौहानों को विदेशी माना है। डॉ. भण्डारकर ने चौहानों को खज जाति से उत्पन्न … Read more

जनपद काल में राजस्थान

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

जनपद काल में राजस्थान राजस्थान के प्रमुख जनपद ✰ आर्यों के सतत आगमन और स्थायी बस्तियों की स्थापना के परिणामस्वरूप क्रमशः जन, जनपद और महाजनपदों की स्थापना हुई। ✰ बौद्ध ग्रन्थ अंगुतरनिकाय और जैन ग्रन्थ भगवतीसूत्र में वर्णित सोलह महाजनपदों में से मत्स्य, शूरसेन और अवन्ति महाजनपदों के अन्तर्गत राजस्थान के विभिन्न क्षेत्र आते थे। ✰ उत्तर … Read more

गुर्जर प्रतिहार वंश : राजस्थान

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

गुर्जर प्रतिहार वंश : राजस्थान गुर्जर प्रतिहार अपने आप को राम के भाई लक्ष्मण के वंशज मानते हैं। विदेशी इतिहासकार अलमसूदी (915-18) ने गुर्जरों को अलगूजर / अलगुर्जा कहा है। पुलकेशियन द्वितीय के ऐहोल अभिलेख में सर्वप्रथम गुर्जर जाति का उल्लेख हुआ है। चन्द्रबरदाई के पृथ्वीराज रासों के अनुसार वशिष्ठ मुनि के अग्नि कुण्ड से … Read more

राजपूतों की उत्पत्ति : राजस्थान

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजपूतों की उत्पत्ति : राजस्थान इतिहास में राजपूत जाति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजपूत काल 7वीं से 12वीं शताब्दी तक माना जाता है। लगभग 5 सदी तक मुस्लिम आक्रमणों का राजपूत जाति ने मुकाबला किया राजपूत जाति ने धर्म व देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया। राजपूत युद्ध के कुशल व वचन के … Read more

राजस्थान कांस्य युगीन सभ्यता / सिंधु घाटी सभ्यता / नगरीय सभ्यता

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजस्थान कांस्य युगीन सभ्यता / सिंधु घाटी सभ्यता / नगरीय सभ्यता हड़प्पा सभ्यता- सिन्धु सभ्यता का नाम जॉन मार्शल ने दिया था। 1826 में सर्वप्रथम चार्ल्स मेनन ने सर्वप्रथम हड़प्पा में एक टीला खोजा और लोगों का इस ओर ध्यान आकर्षित किया। सर्वप्रथम हड़प्पा स्थान खोजने के कारण हड़प्पा को सिन्धु घाटी का प्रवेश द्वारा … Read more

जयपुर के 20 दर्शनीय स्थल जिनके दर्शन आपको अवश्य करने चाहिए 

jaipur kaise ghume

जयपुर के 20 दर्शनीय स्थल जिनके दर्शन आपको अवश्य करने चाहिए  जयपुर शहर का पुराना नाम “जयनगर” था। इसका नाम जयनगर राजा जयसिंह के नाम पर रखा गया था। जैसे-जैसे आप इतिहास की गहराई में जाएंगे तो आपको जयपुर के सुनहरे इतिहास का पता चलेगा, साथ ही मन होगा वहां घूमने का। अगर आप जयपुर जाने का मन बना रहे हैं तो इन 20 … Read more

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के

राजस्थान के इतिहास के स्रोत : अभिलेख एवं सिक्के राजस्थान के प्रमुख अभिलेख उत्कीर्ण अभिलेखों के अध्ययन को ‘एपीग्राफी’ (पुरालेखशास्त्र) कहा जाता है। अभिलेखों एवं दूसरे पुराने दस्तावेजों की प्राचीन लिपि का अध्ययन ‘पेलियोग्राफी’ (पुरालिपिशास्त्र) कहलाता है । भारतीय लिपियों पर पहला वैज्ञानिक अध्ययन डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा ने किया। श्री ओझा ने भारतीय लिपियों … Read more