CTET पेपर – I, कक्षा I-V 23 दिसम्बर, 2021

CTET पेपर – I, कक्षा I-V 23 दिसम्बर, 2021

भाग-I: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

1. यह धारणा कि बच्चों के आचरण को पुनर्बलक और दण्डदाता द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है, इस विचार पर आधारित है कि विकास प्राथमिक रूप से प्रभावित होता है :
(1) केवल आनुवंशिकता से
(2) आनुवंशिकता और वातावरण से
(3) केवल वातावरण सं
(4) न तो आनुवंशिकता से और न ही वातावरण से
2. एक बच्चा पेंसिल पकड़ने और लिखने से पहले गेंद फेकने की क्षमता हासिल कर लेता है। यह स्थिति विकास के किस सिद्धांत की ओर इशारा करती है?
(1) शीर्षगामी सिद्धांत
(2) निकट-दूरस्थ सिद्धांत
(3) विकासक्रम की समरूपता
(4) एकीकरण का सिद्धांत
3. गामक और संज्ञानात्मक विकास ……….. होता है।
(1) बाल्यावस्था तक
(2) किशोरावस्था तक
(3) वयस्कावस्था तक
(4) सम्पूर्ण जीवनकाल के दौरान
4. बच्चों के प्राथमिक समाजीकरण के लिए निम्न में से कौन-सी संस्था जिम्मेदार है?
(1) विद्यालय
(2) धर्म
(3) परिवार
(4) समुदाय
5. भाषा एवं चिंतन के संदर्भ में जीन पियाजे के अनुसार निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
(1) चिन्तन भाषा का निर्धारण करता है।
(2) भाषा चिन्तन का निर्धारण करती है
(3) भाषा और चिंतन दोनों स्वतंत्र प्रक्रिया है।
(4) भाषा और चिन्तन दोनों जन्मजात धारणाएँ हैं।
6. दो गिलासों में समान मात्रा में जल है परन्तु अनु सोचती है कि लम्बे गिलास में ‘छोटे और चौड़े’ गिलास से अधिक जल है। जीन पियाजे के अनुसार, अनु की सोच का आधार क्या है?
(1) केन्द्रीयता
(2) क्रमबद्धता
(3) संरक्षणता
(4) परिपक्वता
7. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में व्युत्क्रमणीयता ‘किसी क्रिया को ठलट क्रम में कर पाना’ किस चरण की बुनियादी धारणा है?
(1) संवेदीगामक चरण
(2) पूर्व संक्रियात्मक चरण
(3) मूर्त सक्रियात्मक चरण
(4) औपचारिक संक्रियात्मक चरण
8. एक गणित अध्यापिका उच्चतर कौशलवाले छात्रों का इस्तेमाल अपने सहपाठियों की सहायता और मार्गदर्शन में करवाती है। यहाँ वे किस सैद्धान्तिक प्रारूप का उपयोग करने का प्रयास कर रही है?
(1) लेव वायगोत्स्की का सामाजिक रचनावाद
(2) बी.एफ स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुकूल का सिद्धांत
(3) जीरोम ब्रूनर का रचनावाद
(4) जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत
9. लेव वायगोत्स्की द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है?
(1) परिपक्वता और संस्कृति
(2) भाषा और पौतिक जगत
(3) भाषा और संस्कृति
(4) भाषा और परिपक्वता
10. जेण्डर एक …….. अवधारण है |
(1) मनोवैज्ञानिक
(2) जैविक
(3) सामाजिक
(4) शारीरिक
11. नीता सभी प्रकार के जानवरों, पौधों, धातुओं और खनिजों की पहचान और वर्गीकरण कर सकती है। हवार्ड गार्डन के बहुवृद्धि सिद्धांत के अनुसार, वह कौन-सी बुद्धि का प्रदर्शन कर रही है?
(1) अंतरवैयक्तिक
(2) प्रकृतिवादी
(3) भाषाई
(4) अंतः वैयक्तिक
12. कक्षा में वैयक्तिक भिन्नताओं को संभालने हेतु एक प्राथमिक शिक्षिका को निम्न में से क्या करना चाहिए?
(1) कक्षा में सबके लिए कड़े नियम बनाने चाहिए और उसकी अवज्ञा करने वाले बच्चों को दंडित करना चाहिए।
(2) प्राथमिक स्तर पर पेपर पेंसिल आधारित मानक परिक्षण का उपयोग करना चाहिए।
(3) सभी के लिए समान पाठ्यक्रम और अधिगम गति निर्धारित करनी चाहिए।
(4) विद्यार्थियों को अधिगम के विविध अवसर प्रदान करने चाहिए।
13. आठ वर्षीय रोहित को लगता है कि चोरी करना गलत है क्योंकि चोरी करने के व्यवहार की वजह से दूसरे लोग उसे निष्कासित कर देंगे। लोरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार वह किस चरण को प्रदर्शित करता है?
(1) अच्छा लड़का अच्छी लड़की उन्मुख
(2) दंड और अवज्ञाकारिता उन्मुखीकरण
(3) सामाजिक व्यवस्था उन्मुखीकरण
(4) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत
14. बच्चों द्वारा पूरे वर्ष के दौरान किए गए विभिन्न कार्यों का संग्रहण, जिसका लक्ष्य उनके प्रदर्शन का रिकॉर्ड रखना है, कहलाता है?
(1) यूब्रिक
(2) फाइल
(3) आंकड़ों का प्रपत्र
(4) पोर्टफोलियो
15. एक प्रगतिशील स्कूल में दी गई शिक्षा बच्चों को बनाती है।
(1) सक्रिय अन्वेषक
(2) सक्रिय अनुयायी
(3) निष्क्रिय अनुयायी
(4) निष्क्रिय अन्वेषक
16. प्रवाहिता, विस्तार और लचीलापन निम्न में से किसके लक्षण हैं?
(1) अहं केन्द्रीकरण
(2) बाह्य-अभिप्रेरणा
(3) सृजनात्मकता
(4) प्रार्यात्मक-स्थिरता
17. अस्थिजन्य समस्याओं वाले विद्यार्थियों के समावेशन हेतु क्या जरूरी है?
(1) मानकीकृत पाठ्यक्रम
(2) अधः संरचना अभिगम्यता
(3) अधिकारियों का सख्त दृष्टिकोण
(4) विशेष स्कूलों में स्थापन
18. पठन वैफल्य को निम्न में से किस वर्ग में सम्मालित किया जाता है?
(1) अधिगम विकारों का बहुक्रम
(2) हल्की मानसिक मंदता
(3) मनो-सामाजिक विकारों का बहुक्रम
(4) बाल्यावस्था की सामान्य ज्ञामक अक्षमताएँ.
19. निम्न में से कौन-सा समावेशी अध्यापन का सिद्धांत नहीं है?
(1) समता
(2) पृथकीकरण और लैबलिंग
(3) विभिन्नता हेतु व्यवस्था अनुकूलन
(4) वैयक्तिक विविधताओं को अपनाना
20. कथन (A) : कुम्हार समुदाय से आने वाले बच्चे, मात्रा – संख्या के संरक्षण से पहले द्रव्यमान संरक्षण सीख लेते हैं।
तर्क/कारण (R) : अधिगम और विकास एक सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में रूपायित होता है।
सही विकल्प चुनें।
(1) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।
(2) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं है (A) की।
(3) (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
(4) (A) और (R) दोनों गलत हैं।
21. जब छात्र एक व्यवहार को अवलोकन द्वारा सीखते हैं, तो इस प्रक्रिया का प्रथम चरण क्या होता है?
(1) मॉडल क्रियाओं को याद रखना ।
(2) मॉडल पर ध्यान केन्द्रित करना ।
(3) अपने द्वारा अनुकरण किए गए व्यवहार का आकलन।
(4) मॉडल के व्यवहार का दोहराना और अभ्यास करना।
22. अधिगमकर्ताओं द्वारा की गई त्रुटियों को समझना एक अध्यापिका के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि :
(1) वह ‘कमजोर’ और ‘तेज’ छात्रों की पहचान कर सकती है।
(2) वह अधिगमकर्ताओं की चिंतन प्रक्रिया को वह समझ सकती है।
(3) वह अधिगमकर्ताओं की लापरवाही के बारे में अभिभावकों को सूचित कर सकती है।
(4) वह अधिगमकर्ताओं को पृथक् और श्रेणीबद्ध कर सकती है |
23. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार अधिगम …… होना चाहिए।
(1) विषयवस्तु अभिमुखी
(2) पाठ्यपुस्तक केन्द्रित
(3) प्रयोगात्मक
(4) व्यवहारात्मक
24. परीक्षा के शुरू होने से पहले, तन्वी गहरे-लम्बे श्वास भरती है। दुश्चिन्ता से निपटने के लिए वह …… तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
(1) समस्या समाधान
(2) भाव प्रबंधन
(3) परिहार्यता
(4) इनकार
25. कोविड- 19 महामारी में तालाबंदी के दौरान बिना किसी के बढ़ावा दिए ही, रोहिणी अपनी बड़ी बहन के पास मौजूद कहानियों की पुस्तकों को पढ़ना पसंद करती है। रोहिणी एक :
(1) प्रतियोगी अधिगमकर्ता है।
(2) आंतरिक रूप से प्रेरित अधिगमकर्ता है।
(3) निष्पादनोभिमुखी अधिगमकर्ता है।
(4) बाह्य रूप से प्रेरित अधिगमकर्ता है।
26. बच्चों द्वारा ग्रहित वैकल्पिक संकल्पनाएँ और भ्रांतियाँ क्या दर्शाती हैं?
(1) अधिगम अक्षमता
(2) किसी संप्रत्यय विशेष के बारे में अंतर्ज्ञान विचार
(3) आधारहीन विचार
(4) संकल्पना का स्थायी ठहराव
27. निम्न में से कौन-सी शैक्षणिक योजनाएँ एक प्राथमिक स्तरीय कक्षा के लिए प्रभावकारी है?
(i) संकल्पना मानचित्रों का इस्तेमाल
(ii) अमूर्त से मूर्त संकल्पनाओं की ओर बढ़ना
(iii) विविध सामग्रियों का प्रावधान होना
(iv) कहानियों और छात्र पंजिका का इस्तेमाल
(1) (i) (ii) (iii)
(2) (i) (iii) (iv)
(3) (ii) (iii) (iv)
(4) (i) (ii) (iii) (iv)
28. एक प्राथमिक शिक्षिका अपने छात्रों को सभी जानकारियों को कम से कम पाँच बार अपनी कॉपी में लिखने के लिए कहती है। शिक्षण की यह विधि-
(1) अत्यधिक प्रभावकारी है क्योंकि पूर्वाभ्यास और पुनरावृति, विषयवस्तु के सार्थक अधिगम में अत्यधिक सहायता करते हैं।
(2) प्रभावकारी है, क्योंकि किसी भी जानकारी को पाँच बार से कम पुनरावृत्ति करने से तत्काल भूलने की संभावना रहती है।
(3) प्रभावकारी नहीं है, क्योंकि केवल पूर्वाभ्यास करना सार्थक अधिगम की उपयुक्त तकनीक नहीं है।
(4) प्रभावकारी नहीं है, क्योंकि पूर्वाभ्यास सार्थक अधिगम की एक जटिल प्रक्रिया है।
29. निम्नलिखित में से कौन-सी योजनाएँ समस्या समाधान के लिए प्रभावशाली है?
(i) एल्गोरिद्म
(ii) ह्यूरिस्टिक
(iii) बिना बोधन के प्रयत्न एवं त्रुटि
(iv) प्रकार्यात्मक स्थिरता
(1) (i), (iv)
(2) (i), (ii)
(3) (ii), (iii)
(4) (iii), (iv)
30. निम्न में से कौन-सा क्रियाकलाप सीखने में बच्चों के उनके पूर्व ज्ञान का उपयोग नहीं करता ?
(1) रटन्त स्मृति
(2) मस्तिष्क उद्वेलन
(3) स्कीमा सक्रियता
(4) संकल्पना मानचित्रण

भाग-II : गणित

31. शिक्षिका बच्चों को टोकन देती है और उन्हें आयताकार रूप में व्यवस्थित करने के लिए कहती है। मुराद यह निरीक्षण करता है कि यदि टोकन की संख्या 4, 9 और 16 है तो वह वर्ग बना पाता है लेकिन यदि टोकन की संख्या 2, 3, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 15 तो वह एक वर्ग नहीं बना पाता। यह गतिविधि उसे समझने में मदद नहीं करती है।
(1) प्रत्येक टोकन का आयतन
(2) वर्गों का क्षेत्रफल
(3) 16 तक की संख्याओं के गुणनखंड
(4) पूर्ण वर्ग
32. दी गई संख्याओं के गुणनफल को चुनिए
0.54 × 0.01 × 0.4
(1) 2.16
(2) 0.216
(3) 0.0216
(4) 0.00216
33. 2¾ किग्रा. और 3¼ किग्रा. चीनी के पैकेटों से 1/8 किग्रा. चीनी के कितने पैकेट बनाए जा सकते हैं?
(1) 52
(2) 48
(3) 64
(4) 36
34. निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ पूर्ण वर्ग नहीं है?
(1) 625
(2) 169
(3) 225
(4) 222
35. दो अंकीय संख्या के दोनों अकों का योग 12 है। यदि इस संख्या में से इस जोड़ का तीन गुना घटा दिया जाए तो अंक पलट जाते हैं, तो संख्या है-
(1) 57
(2) 75
(3) 84
(4) 48
36. संख्या 24879 को 27 और 367842 को 23 से भाग करने पर आने वाले शेषफलों के योग को 4 से विभाजित किया जाता है। 4 से विभाजित करने पर शेषफल होगा-
(1) 1
(2) 0
(3) 2
(4) 3
37. दो संख्याओं को गुणा करने पर दांयी तरफ चार शून्य मिलते हैं तो दूसरी संख्या के दांयी ओर के शून्यों की संख्या होगी-
(1) अधिकतम एक
(2) अधिकतम दो
(3) केवल एक
(4) केवल दो
38. पटना के एक स्टेडियम में दौड़ने लिए सिर्फ 800 मीटर का ट्रैक है। यदि आप स्टेडियम की ट्रैक पर 20 कि.मी. की मैराथन दौड़ते हैं, तो आपको ट्रैक के कितने चक्कर लगाने होंगे?
(1) 20
(2) 16
(3) 40
(4) 25
39. एक आयत, जो वर्ग नहीं है, कुल कितनी रैखिक और घुमावदार सममित होती है?
(1) 4
(2) 2
(3) 8
(4) 6
40. निम्नलिखित में से कौन-सा यंत्र या गतिविधि यह देखने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता कि दो कोण समान हैं या नहीं?
(1) एक आयताकार पट्टी जो किनारे से एक स्थायी आयत से जुड़ी है और जिसको हिलाया-डुलाया जा सकता है।
(2) चांद
(3) रेखनी
(4) एक कोण (त्रिज्याखंड) का कट आउट जो दूसरे को अध्यारोपित करता है।
41. करूणा ने चार भूमिखंडों: भूमि A, भूमि B, भूमि C और भूमि D का परीक्षण किया जिनका क्षेत्रफल क्रमश: 20 मीटर × 30 मीटर, 23 मीटर × 27 मीटर, 24 मीटर × 26 मीटर और 25 मीटर × 25 मीटर है। उसे अधिकतम पेड़ लगाने के लिए कौन-सी जमीन लेनी चाहिए?
(1) भूमि A
(2) भूमि B
(3) भूमि C
(4) भूमि D
42. भारत के मानचित्र पर दिल्ली से शिमला की दूरी 2.5 सेमी., दिल्ली से देहरादून की दूरी 1.5 सेमी., शिमला से मुंबई के बीच की दूरी 4.5 सेमी., शिमला से देहरादून की दूरी 2.0 सेमी है। मानचित्र का 1 सेमी. जमीन पर 250 किमी. दर्शाता है। हिया को देहरादून से शिमला होते हुए मुंबई की यात्रा करनी है। उसे कितनी दूरी तय करनी होगी?
(1) 1125 किमी.
(2) 1725 किमी.
(3) 500 किमी
(4) 1625 किमी.
43. एक विद्यार्थी का स्कूल उसके घर से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यदि वह 100 मीटर प्रति मिनट की गति से सुबह 7: 45 पर चलना शुरू करता है तो वह कितने बजे स्कूल पहुँच जाएगा?
(1) सुबह 8:30 बजे
(2) सुबह 8:25 बजे
(3) सुबह 8:35 बजे
(4) सुबह 8:45 बजे
44. 2 + 4 – 6 + 8 – 10 + 12 ……. + 100 का मान क्या है ?
(1) 50
(2) 100
(3) 25
(4) 0
45. मीता केवल 2 रुपये के सिक्के इकट्ठा करना चाहती है। उसकी माँ ने उसे अपना गुल्लक दिया और उस राशि को 2 रुपये के सिक्के लाने को कहा। गुल्लक खोलने पर उसे मिले 100 रुपये के 2 नोट, 20 रुपये के 3 नोट, 10 रुपये के 10 नोट, 5 रुपये के 50 सिक्के, 1 रुपये के 77 सिक्के और पचास (.50) पैसे के 98 सिक्के । इस राशि के बदले उसे कितने 2 रुपये के सिक्के मिल सकते हैं?
(1) 736
(2) 368
(3) 638
(4) 386
46. कक्षा III की गणित की अध्यापिका ने अपने छात्रों को निम्नलिखित प्रश्न दिए:
बाद में उन्होंने छात्रों को एक कार्य पत्रक (वर्कशीट) हल करने के लिए दी जिसमें समरूप प्रश्न थे। निम्नलिखित ‘ कथनों में से कौन-सा कथन दी गई स्थिति के लिए उपयुक्त है?
(1) कार्य, ड्रिल और अभ्यास पर आधारित है तथा प्राथमिक स्तर पर हतोत्साहित होना चाहिए।
(2) यह एक खुले सिरे वाले प्रश्न का उदाहरण है।
(3) यह एक संदर्भात्मक प्रश्न का उदाहरण है।
(4) समय बचाने के लिए शिक्षिका को गृहकार्य के तौर पर ऐसे दस और प्रश्न हल करने के लिए छात्रों को कहना चाहिए था।
47. गणित के संदर्भ में क्रियामूलक ज्ञान (करके सीखना) से क्या अभिप्राय है?
(1) अवधारणा से संबंधित अर्थपूर्ण, क्रियाशील गतिविधियों द्वारा गणित में अवधारणा का अधिगम / को सीखना।
(2) प्रश्नों को बहुत बार करके देखना जब तक क्रिया विधि रटकर स्मरण / याद न हो जाए।
(3) पाठ्य पुस्तक के प्रश्नों को करके अवधारणाओं का अधिगम।
(4) स्वयं प्रश्नों को हल करना सीखना।
48. कक्षा में ‘आंकड़ों का प्रबंधन की अवधारणा सम्मिलित करती है:
(a) आंकड़ों का निरूपण.
(b) आंकड़ों का विश्लेषण
(c) आंकड़ों का एकत्रीकरण
(d) आंकड़ों का संग्रहण
सही विकल्प का चयन कीजिए:
(1) (a) और (d)
(2) (a), (b) और (c)
(3) (b) और (d)
(4) (a) और (d)
49. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (2005) के अनुसार “प्रौद्योगिकी गणितीय अन्वेषण में सहायता कर सकती है और छात्रों को संलग्न (व्यस्त) करने में सहायक हो सकती है। ” अतः
(1) कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति विद्यालय की सभी परीक्षाओं में देनी चाहिए।
(2) पेपर पेंसिल की कलन विधि को समाप्त कर देना चाहिए।
(3) तकनीकी का उपयोग गणित में अमूर्त अवधारणाओं के शिक्षण अधिगम को सुसाध्य बनाने के लिए किया जा सकता है।
(4) कक्षा में श्यामपट्टों को स्मार्ट बोर्ड से बदल देना चाहिए।
50. यूनिसेफ समर्थित पहल ‘बाला (BALA)’ है:
(1) बुक्स एज़ लर्निंग एड
(2) बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड
(3) बुलेटिन बोर्ड एज लर्निंग एड
(4) ब्लैक बोर्ड एज़ लर्निंग एड
51. ‘पैटर्न को पहचाना और उनको पूर्ण करना ‘ प्राथमिक स्तर पर गणित पाठ्यक्रम का एक अनिवार्य भाग है जो
(1) छात्रों में सर्जनात्मकता और कला कौशल की विशेषताओं को विकसित करता है।
(2) छात्रों को उच्च गणित में भाग लेने (संग्लग्न करने) के लिए तैयार करता है।
(3) छात्रों को गणितीय पहेलियाँ हल करने में सहायता करता है।
(4) छात्रों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है तथा संख्या और संक्रियाओं के गुणों को समझने में सहायता करता है।
52. कक्षा III में आकलन के लिए, गणित के अध्यापक ने छात्रों की निम्नलिखित पैमानों पर जैसे- संकल्पनात्मक समझ, गणितीय विवेचन, गणित के प्रति उनकी अभिवृत्ति, नए प्रश्नों को हल करना, प्रश्नों को हल करने हेतु बहुल विधियों को ढूँढ़ना इत्यादि के लिए, उनकी प्रगति को रिकॉर्ड (लिपिबद्ध) किया। इस प्रकार के आकलन से प्राप्त जानकारी सबसे कम उपयोगी होगी-
(1) विद्यार्थियों को प्रतिपुष्टि प्रदान करने के लिए और उनकी आवश्यकताओं पर आधारित शैक्षिक योजनाओं के विकास के लिए।
(2) विद्यार्थियों को उनके प्राप्त अंकों के वरीयता क्रम से व्यवस्थित करने के लिए।
(3) विद्यार्थियों द्वारा दिए गए गलत जवाबों वाले प्रश्नों का समझने के लिए।
(4) विद्यार्थियों की अभिवृत्ति को समझने के लिए।
53. एक बच्चा कहता है कि 1/2, 1/3 से छोटा होता है क्योंकि 2, 3 से छोटा होता है। इस गलत धारणा (भ्रान्ति) के निवारण हेतु इनमें से कौन-सी तकनीक सबसे कम मददगार होगी-
(1) बच्चे को व्याख्या देना कि भिन्नों में हर की संख्या के बड़े होने का अ भिन्न का छोटा होना होता है।
(2) वास्तविक जीवन की वस्तुओं का उपयोग करके दोनों भिन्नों की साकार कल्पना करने में छात्र की मदद करना।
(3) विभिन्न उदाहरणों में पेपर फोल्डिंग की सहायता लेना और भिन्नों की तुलना करना ।
(4) दोनों भिन्नों का चित्रात्मक निरूपण देना।
54. स्वतः शोध (ह्यूरिस्को) शब्द का अर्थ है:
(1) जानना
(2) विचार करना
(3) अधिगम करना
(4) खोज करना
55. सुश्री जेनी, कक्षा II की अध्यापिका ने अपने छात्रों से पूछा, यदि आपके पास 3 दहाई हैं और आपको 3 इकाई इसमें से निकालनी हैं, तो शेष संख्या क्या मिलेगी? इस पर एक छात्र ने उत्तर दिया “इसका उत्तर शून्य हैं । ” इस त्रुटि के संशोधन के लिए, सुश्री जेनी को सर्वप्रथम बल देना चाहिए:
(1) अभ्यास के लिए इसी प्रकार के और ज्यादा प्रश्न देने पर ।
(2) पहले योग की संक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर और फिर व्यवकलन की ओर बढ़ने पर ।
(3) विभिन्न क्रियाशील अनुभवों द्वारा स्थानीय मान की अवधारणा को सुदृढ़ करने पर।
(4) व्यवकलन की केवल मानक कलन विधि के शिक्षण पर
56. निम्न में से कौन-सा समय को मापने का कौशल नहीं है?
(1) घड़ी में समय देखना
(2) एक घटना की अवधि ज्ञात करना
(3) समय मापने की अलग-अलग इकाईयों के बीच संबंध स्थापित करना।
(4) रात में तारों की स्थिति का अनुमान लगाना।
57. हस्तकौशल सामग्री या प्रतिमान स्थिर चित्र लिखित संकेत, मौखिक और लिखित भाषा, वास्तविक संसार की स्थितियाँ या संदर्भ ऐसे पाँच तरीके हैं, जो प्रदर्शित करता है:
(1) गणितीय विचार
(2) ज्यामितीय प्रमाण
(3) गणितीय पाठ्यक्रम
(4) गणितीय शब्दावली
58. प्राथमिक स्तर पर गणितीय पहेलियों को हल करना सहायक होता है:
(1) कक्षा में प्रतिभाशाली छात्रों को पहचानने में।
(2) छात्रों को मनोरंजित करने के लिए।
(3) समस्या समाधान के कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए।
(4) समस्या-समाधान के कौशल को स्मृति-विलोप (अन-लर्न) करने में ।
59. वैन हौले के ज्यामिति विवेचन के सिद्धांत के प्रतिमान के अनुसार, निम्न में से कौन-सा स्तर विश्लेषण स्तर का उदाहरण है?
(1) सीमा जानती है कि एक समद्विबाहु त्रिभुज की दो बराबर भुजाएँ और दो बराबर कोण होते हैं।
(2) सीमा एक त्रिभुज के रूप में एक आकृति की पहचान करती है जो तीन सीधी रेखाओं से बंद होती है।
(3) सीमा जानती है कि एक समद्विबाहु त्रिभुज सममित होता है, इसलिए इसके आधार कोण बराबर होने चाहिए।
(4) सीमा मानती है कि सभी समद्विबाहुत्रिभुज हैं, लेकिन सभी त्रिभुज समद्विबाहु-त्रिभुज नहीं हैं।
60. एक कक्षा में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा गणित अधिगम में लैंगिक पक्षपात का सूचक है?
(1) गणित की पाठ्य पुस्तकों में महिला गणितज्ञों की सफलताओं का उल्लेख किया जाना महत्वपूर्ण है।
(2) गणित अधिगम के लिए लड़कियों और लड़कों को एक समान अवसर दिए जाने चाहिए।
(3) गणित में उच्चतर शिक्षा के लिए लड़कों और लड़कियों, दोनों को ही समान अवसर मिलने चाहिए।
(4) लड़कों में गणित की सफलता का श्रेय उनके सामर्थ्य को दिया जाता है जबकि लड़कियों में सफलता का श्रेय उनके प्रयासों का दिया जाता है।

भाग-III: पर्यावरण अध्ययन

61. उस वैज्ञानिक का नाम, जिसने मटर के पौधों के साथ प्रयोग किए और अपने प्रेक्षणों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि पौधों में कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जो जोड़ों में पाए जाते हैं, जैसे- लम्बे अथवा में बौने, पीले अथवा हरे, खुरदरे अथवा चिकने आदि हैं?
(1) चार्ल्स डारविन
(2) ग्रेगोर मेण्डल
(3) जॉर्ज मेस्ट्रल
(4) एम. एस. स्वामीनाथन
62. उस एक को चुनिए जो अन्य से भिन्न है- झील, पर्वत, तालाब, नदी, झरना
(1) झील
(2) पर्वत
(3) तालाब
(4) झरना
63. निम्नलिखित में से कौन-सी एक परिवहन की अन्य चार विधाओं से भिन्न है? ट्रेन बस, जहाज, तांगा, साइकिल रिक्शा
(1) जहाज
(2) बस
(3) तांगा
(4) साइकिल रिक्शा
64. कर्नाटक में किसानों द्वारा खेत की मिट्टी को खोदकर नरम करने के लिए उपयोग किए जाने वाले औजार को क्या कहते हैं?
(1) इलिगे
(2) कूरिगे
(3) खूँटी
(4) खुरपी
65. कॉलम I और II को सुमेलित कीजिए:
कॉलम-I                     कॉलम-II
(जीव)                     (अभिलाक्षणिक विशेषता)
A. ठल्लू                     (i) हमसे चार गुनी दूरी से देख सकने वाला पक्षी।
B. रेशम कीट            (ii) दिन के लगभग 17 घंटे वृक्ष की शाखा से उल्टे लटककर सोना।
C. बाज                     (iii) पक्षी जिसकी आँखें सामने की ओर होती है।
D. स्लॉथ                   (iv) अपनी मादा को उसकी गंध से कई किलोमीटर की दूरी से
(1) A– (iii), B– (i), C–(tv), D–(11)
(2) A – (i), B– (iv), C– (ifi), D (ii)
(3) A – (iii), B– (tv), C– (i), D (ii)
(4) A – (iii), B– (ii), C– (i), D– (iv)
66. निम्नलिखित में से किसे हमारे देश में आने वाले व्यापारी दक्षिण अमेरिका से हमारे देश में लाए थे?
(1) बन्दगोभी
(2) टमाटर
(3) मटर
(4) भिण्डी
67. एक कार X शहर से 07.30 बजे चलकर शहर Y में 22.30 बजे पर पहुँचती है। यदि दोनों शहरों के बीच की दूरी 540 किलोमीटर है, तो कार की औसत चाल होगी?
(1) 36 मी/से
(2) 24 मी/से.
(3) 20 मी/से
(4) 10 मी/से.
68. मधुमक्खियों के बारे में नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए।
(A) प्रत्येक छत्ते में एक रानी मक्खी होती है, जो अण्डे देती है।
(B) एक छत्ते में केवल कुछ नर मक्खियाँ होती हैं।
(C) नर मक्खियाँ छात्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।
(D) छत्ते में अधिकांश मक्खियाँ काम करने वाली मक्खियाँ होती हैं।
(E) नर मक्खियाँ शहद के लिए फूलों का रस एकत्र करती है।
इनमें से सही कथन है-
(1) A, B और E
(2) A, B और D
(3) A, B, C और E
(4) A, C, D और E
69. हमारे देश के उन तीन राज्यों का समूह कौन-स -सा है जिनके समुद्र तट अरब सागर पर है?
(1) केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र
(2) गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु
(3) आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक
(4) गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल
70. हमारे देश के किस एक राज्य / केन्द्रशासित प्रदेश में खेती के लिए जंगल की भूमि सारे ग्रामवासियों की सांझी होती है, अलग-अलग परिवारों की नहीं होती है ?
(1) लद्दाख
(2) पुड्डुचेरी
(3) मिजोरम
(4) छत्तीसगढ़
71. झारखण्ड की मुख्य फसल है-
(1) गेहूँ
(2) मूँगफली
(3) मक्का
(4) चावल
72. केंचुओं को किसानों का मित्र माना जाता है। इसके लिए निम्नलिखित में से उचित कारणों को चुनिए:
(A) केंचुए जिस खेत में रहते हैं वहाँ की मृदा में छेद बनाकर उसे पोली (नरम) बनाते हैं।
(B) केंचुओं द्वारा बनाए गए छेदों से मृदा को हवा और पानी आसानी से प्राप्त हो जाते हैं।
(C) केंचुए खरपतवार को खाते हैं, जिससे मुख्य फसल को सुरक्षा मिलती है।
(D) केंचुए मृत पत्तियों और पौधों को खाते हैं। केंचुओं के मल मृदा को अधिक उपजाऊ बनाते हैं।
(1) A, B और C
(2) B, C और D
(3) C, D और A
(4) A, B और D
73. मधुबनी चित्रकला बहुत पुरानी है। त्योहारों और खुशी के अवसरों पर घरों के आँगनों और दीवारों पर मधुबनी चित्रकला के चित्र बनाए जाते हैं। मधुबनी भारत के एक राज्य का एक प्रसिद्ध जिला है जिसका नाम है-
(1) उत्तर प्रदेश
(2) उत्तराखण्ड
(3) पश्चिम बंगाल
(4) बिहार
74. नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए:
(A) महाराष्ट्र के लोगों को सहजन के फूलों के पकौड़े खाना अच्छा लगता है।
(B) जम्मू और कश्मीर के लोग केले के फूलों की सब्जी पसन्द करते हैं।
(C) उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों को कचनार के फूलों की सब्जी पसन्द है।
इनमें से सही कथन है / हैं
(1) केवल B
(2) केवल C
(3) A और B
(4) A और C
75. यह उत्तराखण्ड का एक स्थान है तथा यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। यह अरण्य बाघ के संरक्षण से संबंधित है। इस जगह की पहचान कीजिए-
(1) बक्सा पार्क
(2) दुधवा पार्क
(3) कॉर्बेट पार्क
(4) वाल्मीकि पार्क
76. ई. वी. एस. पढ़ाने का निम्न में से कौन-सा उद्देश्य शिक्षा के सतत विकास में महत्व को दर्शाता है ?
(1) समानता, न्याय, शान्ति तथा मानव के अधिकारों एवं मर्यादा के सम्मान के विषयों पर समालोचना करना ।
(2) तकनीक एवं गुणात्मक कौशलों का विकास करना।
(3) बच्चे को अन्वेषण के क्रिया कलापों में लगाना।
(4) डिज़ाइन तथा संरचना के कौशलों पर बल देना ।
77. प्राइमरी स्तर पर ई. वी. एस. की प्रकरण आपस में सम्बद्ध एवं अंतः संबंधित है क्योंकि-
(1) ई.वी.एस का एकीकृत स्वरूप
(2) ई.वी.एस. का अनुशासनीय स्वरूप
(3) ई.वी.एस. का एकल विषय स्वरूप
(4) ई.वी.एस. का विषय पर आधारित स्वरूप
78. ई. वी. एस. का स्वरूप बाल केन्द्रित है क्योंकि-
(1) अनुभव द्वारा सीखने पर केन्द्रित होना
(2) ई. वी. एस. के प्रत्ययों पर विषयों का शिक्षण
(3) विद्यार्थी के व्यवहार में इच्छित बदलाव
(4) विद्यार्थियों का सामाजिक भावनात्मक कौशलों का विकास।
79. निम्न में से कौन-सा ई. वी. एस. के., पाठ्य चर्चा का उप-थीम है?
(1) खाद्य पदार्थ
(2) जल
(3) आश्रय
(4) संबंध
80. एन.सी.ई.आर.टी. की ई.वी.एस. का अध्याय- 23 ‘पोचमपल्ली’ ……. पर आधारित है-
(1) वास्तविक स्थान
(2) वास्तविक घटनाएँ
(3) वास्तविक लोग व उनके अनुभव
(4) वास्तविक चित्र
81. निम्न में से कौन-से क्रिया कलाप / क्रिया कलापों का सुझाव “हमारे भोजन का उत्पादन कौन करता है” प्रकरण-खाद्य के प्रश्न को संबोधित करने के लिए उपयुक्त है?
(A) किसानों के वृत्तांतों को साझा करना ।
(B) किसी खेत में जाना एवं अवलोकन करना।
(C) अंकुरण के लिए अनुकूल परिस्थितियों के लिए प्रयोग करना ।
(D) कुछ डबलरोटी एवं अन्य खाद्य पदार्थ को कुछ दिनों के लिए रख देना ।
(1) A, B तथा C
(2) A, B, C तथा D
(3) B, C तथा D
(4) A, C तथा D
82. ई. वी. एस. को प्रमाणिक एवं अर्थपूर्ण सीखने के लिए क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से शिक्षक निम्न का उपयोग कर सकता है-
(A) संरचनात्मक कार्य – पत्रक
(B) असंरचनात्मक कार्य – पत्रक
(C) भ्रमण के लिए औपचारिक निर्देश
(D) छात्रों के समूह एवं उनके नेतृत्व का गठन करना
(1) A, C तथा D
(2) B, C तथा D
(3) केवल A तथा D
(4) केवल B तथा D
83. एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा 5 की ई.वी. एस. पाठ्य पुस्तक के अध्ययन में मेण्डल की कहानी देने का उद्देश्य है-
(A) आनुवंशिकता के सिद्धांतों को प्रस्तुत करना।
(B) हमारी व्यक्तिगत पहचान किस प्रकार परिवार से प्राप्त वंशानुगत गुणों से बनती है, इसको केन्द्रित करना ।
(C) वैज्ञानिक प्रयोगों की प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थियों को प्रेरित करना ।
(D) वैज्ञानिकों के सतत् परिश्रम की विशेषता को केन्द्रित करना ।
(1) A, B और C
(2) B, C और D
(3) A, C और D
(4) केवल A और D
84. रचनात्मक आकलन की तकनीक का चुनाव कीजिए-
(1) सहपाठी आकलन
(2) क्रम निर्धारण मापनी (रेटिंग स्केल)
(3) पोर्टफोलियो
(4) प्रदत्त कार्य
85. निम्न में से कौन-सा उपकरण अवलोकन की तकनीक पर आधारित है?
(1) काग़ज पेंसिल टेस्ट
(2) प्रदत्त कार्य
(3) कार्यपत्रक
(4) पोर्टफोलियो
86. विद्यार्थी किस प्रकार ई. वी. एस. में सीख रहे हैं इसका आकलन करने के लिए निम्न में से कौन-सा सूचक उपयोग किया जा सकता है-
(1) विचार-विमर्श
(2) याद
(3) प्रत्याह्वान
(4) बता देना/स्पष्ट कर देना
87. निम्नलिखित में से क्या पर्यावरण अध्ययन की कक्षा में शिक्षक के लिए आसान है ?
(1) विद्यार्थियों को सूचना देना।
(2) विद्यार्थियों के विचारों को महत्व देना।
(3) विद्यार्थियों को सीखने के अवसर प्रदान करना।
(4) विद्यार्थियों को व्यस्त रखना।
88. निम्नलिखित में से क्या पर्यावरण अध्ययन के सीखने को प्रभावशाली संसाधन है?
(1) नैरेटिव्स
(2) कार्यपत्रक
(3) मॉडल
(4) चार्ट
89. निम्नलिखित में से क्या पर्यावरण अध्ययन की कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा पसंद किया जाएगा?
(1) चित्रकला और शिल्पकला
(2) एकल कार्य
(3) गृहकार्य का आकलन
(4) पाठ का स्पष्ट सारांश
90. पर्यावरण अध्ययन की कक्षा में विद्यार्थियों को अवसर मिलता है ?
(1) प्रश्न पूछने का
(2) परिभाषा सीखने का
(3) अवधारणाओं का कथन देने का
(4) वर्णन करने का

भाग-IV: LANGUAGE-I (ENGLISH)

91. Jyotirao Phule decided to teach his wife to read and write because
(1) he wanted her to get a govt. job.
(2) he wanted to show her off as an educated wife.
(3) he wanted her to go abroad for higher studies.
(4) she was very eager to learn and educate herself.
92. Why were Jyotirao and Savitribai ostracised?
(1) They started the first. school for girls.
(2) They were unorthodox in their views.
(3) They fought for widows’ rights.
(4) They were not liked by the upper castes.
93. The British Govt, honoured Jyotirào and Savitribai for
(1) making people aware of social evils,
(2) helping the poor and the destitute,
(3) for fighting for gender equality.
(4) for their contribution in the field of education.
94. What occupation did the family of Savitribai follow?
(1) Sericulture
(2) Pisciculture
(3) Agriculture
(4) Horticulture
95. Read the following statements :
A. Jyotirao Phule was a vérsatile personality.
B. Manga and Mahar castes were ill-treated by the upper class people.
(1) A is false and B is true.
(2) B is false and A is true.
(3) Both A and B are false.
(4) Both A and B are true.
96. Which word in the passage means the same as eagerness’?
(1) keenness
(2) indifference
(3) failure
(4) coarseness
97. Which of the following words is opposite in meaning to the word ‘latter’?
(1) latest
(2) former
(3) later
(4) earlier
98. Which part of speech is the underlined word in the following sentence?
Jyotirao Phule is counted among leading figures of Maharshtra’s Social reform movement.
(1) Noun
(2) Adverb
(3) Adjective
(4) Pronoun
99. Which part of the following sentence contains an error?
(a) Despite of
(b) his best efforts
(c) he failed to win
(d) the first prize
(1) b
(2) a
(3) c
(4) d
100. The poem deals with the idea that human life is
(1) immutable.
(2) immortal.
(3) full of ups and downs.
(4) impermanent.
101. The narrator of the poem is
(1) a greedy child.
(2) an aspiring youth.
(3) a disillusioned man.
(4) a reflective old man.
102. The tone of the poem is:
(1) depressing
(2) pleasant
(3) solemn
(4) reverential
103. Which of the following is true?
(1) The child is tired and wants to go to the bed.
(2) The mother rebukes the child for not obeying her.
(3) The child cries because someone has stolen his playthings.
(4) The child is partly willing and partly hesitant to be led to the bed.
104. Which figure of speech is used in ‘So nature deals with us, and takes away our playthings’?
(1) Metaphor
(2) Alliteration
(3) Personification
(4) Metonymy
105. Identify and name the figure of speech used in ‘We wish’ (line number 12).
(1) Metonymy
(2) Pun
(3) Personification
(4) Alliteration
106. Development of the mother tongue in a child is gererally assumed as.
(1) language acquisition
(2) language learning
(3) language assimilation
(4) abstract language development
107. Stories during the early years of language learning are.
(1) for moralizing
(2) inputs for language learning
(3) repetition and reproduction
(4) learning one’s society
108. A teacher of class V gives lots of sentences using words like ‘good’ ‘beautiful’ ‘bad’ ‘colourful’ old young’ and when learners have noticed these words which she named them as ‘describing words’. Later she gives more sentences in which the learners are asked to supply these describing words. At the end she draws the attention of learners that these words are known as ‘adjectives’. What is this strategy known as?
(1) Grammar teaching strategy
(2) Consciousness raising
(3) Teaching adjectives
(4) Content based grammar
109. Which method believes drilling as a major technique?
(1) Grammar Translation Method
(2) Community Language Teaching
(3) Whole language perspective
(4) Aduiolingualism
110. Multilingualism is ……….
(1) learning as many languages as possible.
(2) learning the mother tongue/home language only
(3) starting with mother tongue/home language and move on to add more languages in school.
(4) starting with mother tongue, moving to English medium and addinganother language in high school.
111. Hindi is India’s ………..
(1) national language
(2) official language
(3) associate official language
(4) classical language
112. Errors committed by learners in their writing and speaking should be treated as.
(1) constraints in their learning
(2) indication for earning
(3) problems for learning languages
(4) indications for error correction
113. Learners undergo stages for developing a good write up. What is this approach known as?
(1) Product approach to writing
(2) Official writing
(3) Study skills
(4) Process approach to writing
114. Children in their early years scribble on the wall, floor and in note books. What is this stage in language learning called?
(1) Scribbling
(2) Emergent literacy
(3) Writing skills
(4) Graphic development
115. Which of the following is assessment for learning ?
(1) Written tests
(2) Term-end exam
(3) Formative assessment
(4) Summative assessment
116. If a child is good reader in one language she/he can be a good reader in another or in any language (when he learns another language). This is known as …….
(1) reading competency
(2) reading strategy
(3) skill transfer
(4) higher order skills
117. Learning outcomes are ……..
(1) competencies to be achieved or performed by learners at the end of a course
(2) objectives of language teaching as delineated in language curriculum and syllabus
(3) based on the communica – tive skills of leaners during a course of study
(4) the processes through which learners are expected to perform
118. Which two of the following are the main aims of remedial teaching?
a. Remedial teaching is for learners to improve their learning.
b. Remedial teaching is for teachers to make changes in their teaching.
c. Remedial teaching is for teachers to understand their leaners.
d. Remedial teaching is for the parents to know why some learners need improvement
(1) a and b
(2) c and d
(3) a and d
(4) c and b
119. A teacher divided her class into five groups with five learners in each group and asked them to find words related to home, school, road, land and sky. Each group found ten to fifteen words each and shared with the other group. What technique did the teacher adopt for teaching vocabulary here?
(1) Words and phrases
(2) Thematic vocabulary
(3) Categorization words
(4) Normative vocabulary
120. Constructivism as a learning theory believes ……..
(1) learning is individual characteristics
(2) all learners can not learn languages
(3) learning is completely a psychological phenomena
(4) learning is socially constructed

भाग-V : भाषा-II (हिन्दी)

121. मानवता को सदैव किसने सहायता पहुँचाई है?
(1) मनुष्य ने
(2) मानव संभ्यता ने
(3) शिक्षक ने
(4) वृक्षों ने
122. वनों के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(1) वन मिट्टी का कटाव रोकते हैं।
(2) वन से वातावरण शुद्ध होता है।
(3) वनों से बाँधों को नुकसान होता है।
(4) वनों से ईंधन, रबर, फल आदि मिलते हैं। 1
123. वनों से भूमि की उर्वरा शक्ति कैसे बढ़ाई जा सकती है?
(1) हरे-भरे वृक्ष लगाकर
(2) जीव-जन्तुओं के विचरण से
(3) वृक्षों की पत्तियों से खाद बनने से
(4) मिट्टी का कटाव रोकने से
124. वर्षा का मूल कारण क्या है ?
(1) हरे-भरे वृक्ष
(2) दुर्लभ जीव-जन्तु
(3) सुरम्य वातावरण
(4) पक्षियों का कलरव
125. भूमिक्षरण का अर्थ होगा-
(1) भूमि की रक्षा
(2) भूमि की शक्ति
(3) भूमि का कटाव
(4) भूमि का उद्भव
126. ‘दुर्लभ’ शब्द का संधि विच्छेद है-
(1) दु: + लभ
(2) दुर् + लभ
(3) दु + लाभ
(4) दुर + लभ
127. मानव सभ्यता में समास होगा-
(1) अधिकरण तत्पुरुष
(2) करण तत्पुरुष
(3) संबंध तत्पुरुष
(4) सम्प्रदान तत्पुरुष
128. ‘सुरम्य’ शब्द का अर्थ है-
(1) वीरान
(2) रमणीक
(3) संगीतमय
(4) आकर्षक निर्देश
129. लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जरूरी है-
(1) इच्छा
(2) प्रकृति
(3) संतुष्टि
(4) धैर्य
130. ‘अधीर मन, गति कम’ की प्राचीन लोकोक्ति को कौन चरितार्थ करते हैं?
(1) जो धैर्य से काम करते रहते हैं
(2) जो परिश्रम से कार्य करते रहते हैं।
(3) जो हर काम में जल्दबाजी करते हैं
(4) जो तुरन्त फल प्राप्ति की कामना करते हैं।
131. फल प्राप्ति में कौन-सा समास है ?
(1) बहुब्रीहि समास
(2) तत्पुरुष समास
(3) द्वंद्व समास
(4) अव्ययीभाव समास
132. प्रकृति हमें क्या-क्या सीख देती है ?
(1) लक्ष्य प्राप्ति की
(2) स्वस्थ होने की
(3) धैर्यवान बनने की
(4) सम्मान प्राप्त करने की
133. सफलता व सम्मान किन्हें प्राप्त होता है?
(1) जो धैर्यपूर्वक काम में लगे रहते है।
(2) जो सभी कार्य धीरे-धीरे करते हैं।
(3) जो अधीर मन से काम करते हैं।
(4) जो ‘जल्दी-करो’, की रट लगाते हैं।
134. ‘अधीर’ का विलोम शब्द होगा?
(1) भय
(2) धीर
(3) आतुर
(4) व्यग्र
135. ‘प्रकृति’ में उपसर्ग होगा-
(1) प्र
(2) पर्
(3) पर
(4) प्रक्
136. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प भाषा सीखने के लिए सही नहीं है?
(1) भाषा कौशल एक भाषा से दूसरी भाषा में अंतरण योग्य होते हैं।
(2) यदि अवसर तथा यथायोग्य समय दिया जाए तो प्रत्येक बालक में अनेक भाषाएँ सीखने की क्षमता होती है।
(3) मातृभाषा दूसरी/विदेशी भाषा सीखने में हस्तक्षेप करती है।
(4) मातृभाषा दूसरी / विदेशी भाषा सीखने में सहायता करती है।
137. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा शिक्षार्थी पढ़ना सीखता है –
(1) संरचित तथा रेखीय
(2) विकासात्मक
(3) आकृति आधारित
(4) भाषा-आधारित
138. जब बालक किसी भाषा को द्वितीय अथवा तृतीय भाषा के रूप में सीखता है / सीखती है इसे माना जाता है – 
(1) भाषा अर्जन
(2) भाषा की अमूर्तता
(3) भाषा वृद्धि
(4) भाषा सीखना
139. निम्नलिखित में से कौन-सा तरीका भाषा की कक्षा में कहानियों का प्रयोग करने के लिये उपयुक्त है?
(1) नैतिकता के लिये कहानियों का प्रयोग
(2) कुछ संरचनाएँ समझाने के लिए कहानियाँ
(3) रणनीति के रूप में कहानी सुनाना
(4) संकल्पना के रूप में कहानी पढ़ाना
140. कक्षा IV की अध्यापिका ‘को’, ‘में’, ‘के अन्दर’, ‘साथ’, ‘के लिए’ जैसे शब्दों वाले बहुत सारे वाक्य देती है। उसके बाद शिक्षार्थी इन शब्दों पर ध्यान देते हैं जिन्हें अध्यापक ने ‘स्थानवाचक’ शब्दों का नाम दिया। बाद में वह उन्हें . कुछ और वाक्य देती है और शिक्षार्थियों को उन वाक्यों में इन स्थानवाचक शब्द को लिखने के लिए कहती है। अंत में वह बताती है कि इन्हें ‘कारक’ कहते हैं। यह रणनीति क्या कहलाती है?
(1) व्याकरण शिक्षण
(2) घोषणात्मक ज्ञान
(3) सचेतनता बढ़ाना
(4) खेल द्वारा व्याकरण
141. ‘विद्यालयी शिक्षा में बहुभाषिकता एक योजना के रूप में’ का क्या अर्थ है ?
(1) सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में आरंभ करते हैं तथा जैसे-जैसे प्रगति करते हैं उसमें और अधिक भाषाएँ जोड़ते जाते हैं।
(2) सभी बच्चे निर्देश के माध्यम के रूप में राज्य भाषा में सीखते हैं तथा अंग्रेजी और हिन्दी सीखते हैं।
(3) सभी बच्चे आधारभूत स्तर से अंग्रेजी, राज्य भाषा तथा हिन्दी सीखते हैं।
(4) प्राथमिक स्तर पर माध्यम के रूप में मातृ भाषा तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के रूप में
142. भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा को क्या दर्जा दिया गया है? :
(1) राष्ट्र भाषा
(2) राज-भाषा
(3) सह राज-भाषा
(4) शास्त्रीय-भाषा
143. आरंभिक वर्षों के दौरान शिक्षार्थियों की त्रुटियाँ …….
(1) तुरन्त ठीक करनी चाहिए
(2) बिलकुल ठीक नहीं की जानी चाहिए
(3) अभ्यास के द्वारा उनको ध्यान में लानी चाहिए
(4) आरोपण तथा अभ्यास के द्वारा ठीक की जानी चाहिए।
144. कक्षा V की अध्यापिका अपने विद्यार्थियों को ‘उन्हें क्या पसन्द है तथा नापसन्द है’ पर समूह में चर्चा करने तथा बाद में उन्हें कुछ वाक्यों में लिखने के लिए कहती है । विद्यार्थियों ने अपने विचारों को लिखा, एक रूपरेखा बनाई तथा एक अनुच्छेद लिखा। लिखने के इस उपागम को आप क्या कहेंगे?
(1) लिखने का उत्पाद उपागम
(2) लिखने का प्रक्रिया उपागम
(3) लिखने की रणनीति के रूप में टिप्पणी लिखना
(4) व्यक्तिगत लेखन
145. एक शिक्षक आकलन अभिलेख के लिए विभिन्न अवसरों पर सीखने की घटनाएँ तथा प्रदर्शन को संकलित करके उनके अभिलेख बनाती। इस आकलन प्रक्रिया को किस रूप में जाना जाता है ?
(1) पोर्टफोलियो आकलन
(2) संकल्पनात्मक
(3) अवबोधन आकलन
(4) अनौपचारिक आकलन
146. निम्नलिखित में से भाषा शिक्षण का कौन-सा तरीका सीखने के प्रतिफल पर केन्द्रित है?
(1) मातृभाषा आधारित भाषा शिक्षण
(2) दक्षता आधारित भाषा शिक्षण
(3) संप्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
(4) भाषा शिक्षण की द्विभाषिक विधि
147. एक शिक्षक संदर्भ में शब्दावली पढ़ाने के लिए घर से बर्तन तथा खिलौने लाता है/लाती है-
इस वस्तुओं को जाना जाता है
(1) सहायक सामग्री
(2) वास्तविक वस्तु
(3) भोजन पकाने की वस्तुएँ
(4) विषयक शब्दावली
148. एक अध्यापिका अपनी कक्षा को चार-चार के समूह में बाँट देती है तथा मानस मंथन और चर्चा के द्वारा वह प्राकृतिक दृश्यों, इमारतों व्यक्ति जैसी थीम पर प्रश्नों के माध्यम से विचार एकत्रित करने के लिए कहती है और इन पर क्षिप्त लिखने के लिए कहती है । यह कार्य किस रूप में जाना जाता है?
(1) परियोजना कार्य
(2) प्रदत्त कार्य
(3) बोलना तथा लिखना कार्य
(4) भ्रमण
149. एक अध्यापिका ‘डैफोडिल’ कविता पढ़ाने से पहले अपनी कक्षा III के शिक्षार्थियों को अपने पास-पड़ोस तथा विद्यालय के रास्ते के फूल, घास तथा पौधों के बारे में विचार साझा करने के लिए कहती है। वह किस चीज के लिए प्रयास कर रही है?
(1) शिक्षार्थियों से अपने पड़ोस से डैफोडिल फूल लेकर आने की अपेक्षा करना
(2) पूर्व ज्ञान को कक्षायी शिक्षण एवं ज्ञान से जोड़ना
(3) मानसिक मंथन गतिविधि
(4) कविता के माध्यम से फूलों और प्राकृतिक दृश्य भौगोलिक ज्ञान का शिक्षण
150. निम्नलिखित में से भाषा सीखने के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?
(1) लेखन से पहले पठन का विकास होता है
(2) पठन से पहले शिक्षार्थी को लिखने की आवश्यकता है
(3) पठन और लेखन साथ-साथ विकसित होते हैं
(4) प्रथम भाषा, द्वितीय भाषा सीखने में हस्तक्षेप करती है

उत्तर व्याख्या सहित

भाग – I : बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

1. (3) परिवेश द्वारा व्यवहार परिमार्जन :
बी. एफ. स्किनर ने प्रदर्शित किया कि व्यवहार को पुनर्बलन और / या दंड के माध्यम से साकार किया जा सकता है।
स्किनर ने उल्लेख किया कि पुनर्बलक एक ऐसा परिणाम है जो व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना एवं प्रभाव दोनों को बढ़ाता है, जबकि सजा इन दोनों को कम कर देता है।
2. (2) समीपस्थ – दूरस्थ का सिद्धांत: स्पष्ट है कि हाथ और पैर का विकास क्रमशः अंगुली एवं अंगूठे से पहले हो जाता है। यह शरीरांगों का समग्र एवं उसके भागों के साथ-साथ विशिष्ट एवं सामान्य प्रतिक्रियाओं का भी एकीकरण है जो . एक बच्चे को उसके विकास के विभिन्न आयामों में संतोषजनक रूप से विकसित करता है।
3. (2) जैसे-जैसे किशोर परिपक्व होते जाते हैं, वे अपने गामक एवं संज्ञानात्मक व्यवहार को अधिक कुशलता एवं सटी. कता के साथ स्थानांतरित करने में सक्षम होते जाते हैं। उनके कौशल दो प्रकारों में विभाजित हैं: ग्रॉस मोटर कौशल एवं फाइन मोटर कौशल |
लड़कियों के विपरीत, किशोर लड़कों के मोटर कौशल में सुधार जाती है, विशेष रूप से सकल मोटर कौशल।
4. (3) समाजीकरण का प्राथमिक एजेंट परिवार है। अतः परिवार समाजीकरण की प्राथमिक संस्था है।
समाजीकरण के द्वितीयक एजेंट हैं स्कूल, पड़ोस, मीडिया, सरकार, सहकर्मी समूह, समाज के कानून आदि।
5. (1) विकासात्मक मनोविज्ञान में भाषा व विचार के बीच संबंध के शास्त्रीय सिद्धांत के लिए जीन पियाजे एवं वायगोत्स्की प्रसिद्ध हैं।
पियाजे का दावा है कि भाषा अपने विकास के लिए विचार पर निर्भर करती है, जो चार स्रोतों पर आधारित है:
शैशवावस्था की अवधि, जिसमें विचार के मूलभूत सिद्धांतों को भाषा से काफी पहले प्रदर्शित किया जाता है;
भाषा का एक साथ उद्भव, आस्थगित नकल, प्रतीकात्मक खेल, उद्दीपक स्मृति एवं मानसिक कल्पना, भाषा का सुझाव देना भी इसमें शामिल है।
संज्ञानात्मक क्षमताओं में अधिक मौलिक परिवर्तनों का एक परिणाम होता है; मीडिल चाइल्डहुड में तर्क क्षमताओं पर भाषा के प्रभाव की कमी; एवं चाइल्डहुड में भाषा की प्रकृति, भाषा का संचार कार्य संज्ञानात्मक विकास पर निर्भर है।
इसके विपरीत वायगोत्स्की, जबकि विचार एवं भाषा को शुरू में अलग-अलग प्रणालियों के रूप में देखते हुए, दो साल की उम्र मिश्रित होता है और मौखिक विचार पैदा करता है।
मानसिक क्रियाओं को भाषा की संरचना में सन्निहित माना जाता है, इसलिए संज्ञानात्मक विकास भाषा के आंतरिककरण के परिणामस्वरूप होता है।
6. (1) केंद्रीयता वह परिघटना है जिसमें एक बच्चा एक विषय बिंदु पर पूरी तरह से स्थिर होता और वह व्यापक तस्वीर देखने की कोशिश नहीं करेगा। उदाहरणस्वरूप, सबसे बड़ा आयतन निर्धारित करते समय ऊंचाई-चौड़ाई दोनों के बजाय केवल ग्लास के ऊंचाई पर ध्यान केंद्रित करना ।
7. (3) पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में मूर्त सक्रियात्मक अवस्था तीसरा चरण है।
यह अवधि मीडिल चाइल्डहुड 7 साल की उम्र से 11 साल तक है एवं तार्किक विचार का विकास इस उम्र की विशेषता है।
8. (1) सामाजिक रचनावाद का सिद्धांत लेव वायगोत्स्की ने 1968 में प्रतिपादित किया था।
कहने का तात्पर्य यह है कि सीखने की अवधारणाएं भाषा के माध्यम से प्रसारित होती हैं, एक सांस्कृतिक परिवेश के भीतर अनुभव एवं बातचीत एवं स्कैफोल्डिंग द्वारा समझी जाती है।
9. (3) वायगोत्स्की के दर्शन में, भाषा एवं संस्कृति मानव संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में एक केंद्रीय भूमिका निभाती है।
वायगोत्स्की का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत था कि भाषा सीखने का आधार थी। यहाँ भाषा को एक मनोवैज्ञानिक उपकरण के रूप में परिभाषित किया गया है जो मानसिक सामाजिक कार्यों को आकार देता है।
वायगोत्स्की ने कहा है कि संस्कृति ज्ञान प्राप्ति का प्राथमिक निर्धारक है।
उन्होंने तर्क दिया कि बच्चे अपनी संस्कृति द्वारा प्रतिरूपित विश्वासों व दृष्टिकोणों से सीखते हैं।
10. (3) जेंडर आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संकल्पना है एवं महिलाओं • व पुरुषों की अस्मिता से जुड़े आयामों एवं अवसरों को संदर्भित करता है। एक महिला या पुरुष होने का क्या संदर्भ है, इसकी सामाजिक परिभाषाएँ संस्कृतियों एवं समय के साथ बदलती रहती हैं।
11. (2) गार्डनर के अनुसार, प्रकृतिवादी बुद्धि में पर्यावरण, वस्तुओं, जानवरों या पौधों के तत्वों की पहचान, वर्गीकरण एवं हेरफेर करने की क्षमता है। 1
12. (4) जो छात्र अपनी शिक्षा के दौरान विभिन्न संस्कृतियों के बारे में सीखते हैं, वे जीवन में बाद में इन विविधताओं के साथ अधिक सहज व सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्हें सामाजिक समूहों की एक विस्तृत श्रृंखला में बातचीत करने एवं खुद के साथ-साथ दूसरों साथ बातचीत में अधिक आत्मविश्वास महसूस होता है।
13. (1) कोहलबर्ग के अनुसार ‘गुड बॉय/गुड गर्ल ओरिएंटेशन’ ‘पारंपरिक नैतिकता’ को इंगित करता है, क्योंकि इस चरण के दौरान बच्चे नैतिक व्यवहार के कारण ‘स्वीकृति प्राप्त करना एवं दूसरों द्वारा निंदा से बचना’ पसंद करते हैं।
परम्परागत नैतिकता नैतिकता का एक ऐसा चरण है जिसमें बच्चे दूसरों को खुश करने के लिए निर्णय लेते हैं।
14. (4) पोर्टफोलियो को “छात्र के कार्यों के उद्देश्य पूर्ण संग्रह के रूप में परिभाषित करता है यह छात्र (और/या अन्य) को किसी दिए गए क्षेत्र में छात्र के प्रयासों, प्रगति या उपलब्धि को दर्शाता है। “
लिखित पोर्टफीलियो एक छात्र की लेखन क्षमता की एक बहुत ही विश्वसनीय एवं स्पष्ट तस्वीर प्रदान करता है जिसे एक एकल लेखन नमूने द्वारा दर्शाया जा सकता है।
यह छात्रों के लेखन उपलब्धि का एक संग्रह है जिसमें तैयार परिणामों एवं विभिन्न विषयों व शैलियों में लिखे गए पिछले ड्राफ्ट शामिल हैं।
पोर्टफोलियो को संकलित करने में शामिल प्रमुख गतिविधियाँ हैं संग्रह, चयन व प्रतिबिंब ।
यह शिक्षार्थियों द्वारा अपने शिक्षकों के साथ मिलकर निर्मित किया जाता है, यह कक्षा परीक्षण का एक विकल्प है।
पोर्टफोलियो में शिक्षार्थी के काम का एक नमूना शामिल होता है, एवं समय के साथ विकास का पता चलता है।
15. (1) प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को सक्रिय खोजकर्ता के तौर पर निम्नलिखित रूप में देखा जाता है:
I. सामग्री एवं अनुभवों से जुड़कर शिक्षार्थियों के कौशल व समझ को बढ़ाने पर जोर देता है।
II. बच्चों को अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का प्रभावी ढंग से उपयोग करने हेतु आत्मनिर्भर एवं सृजनशील बनाने हेतु ‘करके सीखने’ को बढ़ावा देता है।
III. एक समूह में काम करके एवं एक गतिविधि को पूरा करने हेतु व्यावहारिक ज्ञान को लागू करके छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है।
16. (3) गिलफोर्ड (1986) ने सृजनात्मक सोच को अलग-अलग चिंतन के रूप में माना, जिसमें प्रवाहित, लचीलापन, मौलिकता व व्यापकता जैसे चार तत्व शामिल हैं।
प्रवाहित सृजनात्मकता का वह घटक है जो पदार्थ या भावना के सहज प्रवाह को दर्शाता है जिसमें एक अद्वितीय उपलब्धि प्रतिध्वनित होता है।
लचीलेपन से तात्पर्य किसी विशेष वस्तु के जैसे विभिन्न प्रकार के विचारों को उत्पन्न करने की क्षमता से है।
व्यापकता विचारों को विकसित व विश्वसनीय क्षमता को प्रदर्शित करता है ।
17. (2) विशेष सेवाओं के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए आर्थोपेडिक समस्या को शैक्षिक वातावरण में प्रदर्शन करने की छात्र की क्षमता में सुधार करना चाहिए। संबंधित एवं सूसाध्य आधारभूत सुविधाएँ कक्षा व प्रयोगशाला में किसी छात्र के • चलने, लिखने या अन्य शारीरिक कार्यों को करने की क्षमता को सहज बनाती है।
18. (1) डिस्लेक्सिया सीखने की पठन संबंधी अक्षमता है जो मूल रूप से न्यूरोबायोलॉजिकल है। यह सटीक और / या धाराप्रवाह शब्द न पहचानने, खराब वर्तनी एवं डिकोडिंग क्षमता में कठिनाइयों के रूप में दिखता है।
19. (2) समावेशी शिक्षण से तात्पर्य संकल्पना से है जो सभी छात्रों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करता, उनकी पृष्ठभूमि, अधिगम स्तर एवं भिन्नता या पहचान के बगैर कक्षा सूसाध्य बनाया जाता है।
20. (1) संख्या और भार (द्रव्यमान) संबंधी गणितीय ज्ञान के सामाजिक संदर्भ शिशु में पहले और स्कूली संदर्भ बाद में होता है। द्रव्यमान भार जनित संकल्पना है। जैसे बच्चों की चीजों के भार ‘हल्का-भारी’ होने की प्रतीती । संख्या का बाल मनोवैज्ञानिक संज्ञान गणना या गिनती है। जो परवर्ती शिशु काल में ज्ञात होता है ।
सामाजिक सांस्कृतिक कारक विकास को सामाजिक संदर्भ में प्रभावित करते हैं। एक बच्चे को मिलने वाले विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक परिणाम उसके द्वारा सीखे जाते हैं, इस प्रकार, एक बच्चा एक व्यक्तित्व विकसित करता है जो उसके अवलोकनात्मक अनुभवों से प्रभावित होता है।
21. (2) सबसे पहले, आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि मॉडल क्या कर रहा है – आपको ध्यान देना होगा। इसके बाद, आपने जो देखा, उसे बनाए रखने या याद रखने में आपको सक्षम होना चाहिए; यह प्रतिधारण व ग्राहय क्षमता है।
फिर आपको उस व्यवहार को करने में सक्षम होना चाहिए जिसे आपने देखा एवं स्मृति के लिए प्रतिबद्ध किया; यह पुनरुद्भवन है।
22. (2) त्रुटियों की समझ :
I. बच्चों की सोच में अंतर्दृष्टि देने हेतु सीखने की प्रक्रिया में आवश्यक हैं।
II. शिक्षक को शिक्षार्थियों की सीखने की शैली के बारे में जागरूक होने में, उनकी जरूरतों के अनुसार उन्हें पूरा करने में मदद करें।
III. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के एक भाग के रूप में माना जाता है, क्योंकि यह बच्चे की चिंतन प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।
23. (3) NEP-2020 का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य छात्रों के बीच ‘अनुभवात्मक शिक्षा एवं आलोचनात्मक सोच’ को बढ़ावा देना है। भारत में कौशल विकास एक प्रमुख चिंता का विषय रहा है।
अनुभवात्मक अधिगम में व्यावहारिक अधिगम शामिल होता है जिससे छात्र अपने अनुभवों को प्रतिबिंबित करने की क्षमता विकसित करते हैं।
24. (2) सफल सुधार करने की रणनीतियाँ दो प्रकार की होती हैं। इनमें भावना – केंद्रित सफल सुधार कौशल एवं समस्या – केंद्रित सफल सुधार कौशल शामिल हैं।
भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को प्रबंधित करने का अर्थ है यह चुनना कि हम अपनी भावनाओं को कैसे एवं कब व्यक्त करें। जो लोग भावनाओं को प्रबंधित करने का. अच्छा काम करते हैं, वे जानते हैं कि अपनी भावनाओं को व्यक्त करना स्वस्थ है (जैसे परीक्षा के पूर्व एवं बाद की भावना ) । अतः यह मायने रखता है कि वे उन्हें कैसे (एवं कब) व्यक्त करते हैं।
25. (2) आंतरिक प्रेरणा को कुछ अलग करने योग्य परिणामों के बजाय अपनी अंतर्निहित संतुष्टि के लिए एक गतिविधि करने के रूप में परिभाषित किया गया है। जब . व्यक्ति को आंतरिक रूप से प्रेरित किया जाता है, तो किसी रोहिणी विद्यार्थी को बाहरी उत्पादों, दबावों या पुरस्कारों के बजाय मनोरंजन या चुनौती के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
26. (2) वैकल्पिक अवधारणाओं की प्रकृति एवं विशेषताएँ :
I. वे स्वाभाविक रूप से हमारे दैनिक अनुभव एवं विचार बनाते हैं, लेकिन हमारे द्वारा विकसित किए गए सभी विचार किसी दिए गए विषय में प्रमाणित नहीं होते हैं।
II. ये अवधारणाएं सीखने की प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा हैं।
III. इस प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षक यह पहचानता है कि बच्चे सोचने में सक्षम हैं, उनकी सोच वयस्कों से अलग है।
IV. यह छात्रों को नई जानकारी को सही ढंग से समझने में सक्षम होने के लिए इन गलत समझ के माध्यम से नए अनुभवों की व्याख्या करने में मदद करता है।
V. शिक्षक ने वैचारिक परिवर्तन प्राप्त करने एवं छात्रों को उनकी वैकल्पिक या भ्रामक संकल्पनाओं को छोड़ने में मदद करने हेतु प्रभावी होने के लिए निर्देशात्मक रणनीतियों का उपयोग किया।
27. (2) प्राथमिक कक्षाओं के छात्र अवधारणा मानचित्रों का उपयोग नोट्स लेने, नई (अमूर्त) अवधारणाओं को मौजूदा (मूर्त) अवधारणाओं से जोड़ने या संरचना करने हेतु किया जाता है। अतः संकल्पना मानचित्रण छात्रों की सीखने की प्रक्रिया एवं समझ को बढ़ा सकती है।
28. (3) सार्थक सीखना एक सक्रिय, रचनात्मक एवं स्थायी प्रक्रिया है। इसका तात्पर्य बच्चे को यह महसूस करना है कि यह जानकारी उपयोगी है। इस हेतु सक्रिय शिक्षण तकनीकों की आवश्यकता होती है। इसका तात्पर्य नई जानकारी को मौजूदा ज्ञान से जोड़ना भी है।
याद रखना एवं याद करना एक पारंपरिक प्रक्रिया है जो कभी-कभी छात्रों को अंक एवं ग्रेड हासिल करने में मदद करती है लेकिन स्थायी नहीं होती।
सीखना वस्तुतः ज्ञान, कौशल, व्यवहार, मूल्यों एवं व्यवहार में एक स्थायी परिवर्तन के माध्यम जो निरंतर अभ्यास या अनुभव से प्राप्त होता है।
निर्देश एवं अन्वेषण सीखने में प्रेरणा के. प्रमुख सिद्धांत हैं।
अन्वेषण एवं अंतःक्रिया से अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलती है, इसलिए सीखना होता है।
29. (2) एल्गोरिदम् अक्सर ह्यूरिस्टिक के साथ * विपरीत होते हैं। ह्यूरिस्टिक एक मानसिक शॉर्टकट है जो लोगों को जल्दी से निर्णय लेने एवं समस्याओं को हल करने की अनुमति देता है।
यूरिस्टिक का उपयोग आमतौर पर रोजमर्रा की स्थितियों में किया जाता है, जैसे बिंदु A से बिंदु B तक जाने के लिए सर्वोत्तम , मार्ग का पता लगाना ।
30. (1) पूर्व ज्ञान को सक्रिय करने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कुछ रणनीतियाँ हैं: स्कीमा सक्रियण; अवधारणा मानचित्र; केडब्ल्यूएल चार्ट; अग्रिम गाइड; तालिकाओं का पता लगाना; लर्निंग ग्रिड एवं मस्तिष्क उद्वेलन ।
वे छात्र दूसरी भाषा सबसे अच्छी तरह सीखते हैं जब वे अपनी पहली भाषा के अपने पूर्व ज्ञान का इस्तेमाल दूसरी भाषा सीखने में सक्षम होते हैं।

भाग- II : गणित

31. (1) आयतन 3-D का निकलता है। प्रश्न में जो भी वस्तु दिया गया है, वह 2 – D है इसलिए प्रत्येक टोकन का आयतन . नहीं निकलेगा।
32. (4)
33. (2)
34. (4)
35. (3)
36. (4) 24879 में 27 से भाग देने पर, शेषफल 27 = 12
357842 में 23 से भाग देने पर, शेषफल = 3
योग = 12 + 3 = 15
जब 15 में 4 से भाग दिया जाता है तो शेषफल = 3
37. (2) दो संख्याओं को गुणा करने पर दायीं तरफ चार शून्य मिलते हैं। यदि दोनों में से किसी एक संख्या के दायीं ओर दो शून्य मिलते हैं तो दूसरी संख्या के दायीं ओर के शून्यों की संख्या अधिकतम दो होगी।
38. (4)
39. (1) एक आयत में सममित और घुमावदार रेखाएँ 4 है जो वर्ग नहीं हो सकता।
40. (3) रेखनी (Ruler) वह यंत्र है जिसका उपयोग इस अर्थ में नहीं किया जा सकता कि दो कोण समान हैं या नहीं
41. (4)
42. (4)
43. (3)
44. (2)
45. (2)
46. (2) ओपेन एण्डेड क्वेश्चंस आम तौर पर एक से अधिक सही उत्तर के विकल्प होते हैं, जिन्हें पूरा करने में अधिक समय लगता है और विभिन्न अवधारणाओं वाले होते हैं।
इस प्रकार के ओपेन एण्डेड क्वेश्चस विकासित मानसिकता को बढ़ावा देते हैं क्योंकि वे छात्रों को केवल अंतिम उत्तर के बजाय सीखने की प्रक्रिया पर जोर देते हैं।
47. (1) करके सीखना यह विचार है जब हम वास्तव में गतिविधि को करते हैं और अधिक सीखते हैं।
उदाहरण के लिए, अवधारणा से संबंधित गतिविधियों पर सीखना वास्तव में सीखना है।
48. (2) डेटा हैंडलिंग (आंकडा प्रबंधन) का अर्थ है डेटा का सेट एकत्र करना और एक अलग रूप में प्रस्तुत करना । डेटा किसी भी रूप में हो सकता है। यह शब्द, संख्या, माप, विवरण या अवलोकन हो सकता है। डेटाहैंडलिंग अनुसंधान डेटा को सुरक्षित करने की प्रक्रिया है, विश्लेषण प्रक्रिया के पूरा होने के दौरान और बाद में एक संरक्षित और सुरक्षित तरीके से एकत्र, संग्रहीत या निपटान किया जाता है।
डेटा संख्यात्मक आंकड़ों का एक संग्रह जो एक विशेष प्रकार की जानकारी का प्रतिनिधित्व करता है। प्रेक्षणों का वह . संग्रह जो प्रारंभ में एकत्र किया जाता है, अपरिष्कृत आँकड़े कहलाते हैं।
49. (3) राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे (2005) के अनुसार प्रौद्योगिकी गणितीय अन्वेषण की प्रक्रिया में सहायता करती है और छात्रों को अधिगम में संलग्न करने में मदद करती है। इसलिए प्रौद्योगिकी का उपयोग गणित में अमूर्त अवधारणाओं के शिक्षण अधिगम को सुविधाजनक बनाने के लिए किया जाता है।
50. (2) BALA : Bullding As Learning Ald वस्तुत: स्कूल के बुनियादी ढांचे की समग्र योजना बनाने और उसका उपयोग करने का एक तरीका है।
इसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षा, बाल-मित्रता और समावेशी शिक्षा के विचारों को शामिल किया गया है।
मूल रूप से, यह मानता है कि स्कूल की वास्तुकला शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन हो सकती है।
51. (1) पैटर्न की पहचान और उनका पूरा होना प्राथमिक स्तर पर गणित के पाठ्यक्रम • का एक अनिवार्य हिस्सा है। क्योंकि यह छात्रों में रचनात्मक और कलात्मक विशेषताओं का विकास करता है।
52. (2) इस प्रकार के आकलन से प्राप्त आंकड़े छात्रों को उनके अंकों के अनुसार समझ, विश्लेषण और उत्तर के अवसर वाले विभिन्न विधियों के बजाए रैंक देने के लिए कम से कम उपयोगी होते हैं।
53. (1) उसे समझाएँ कि भिन्न के हर में बड़ी संख्या होने का अर्थ है भिन्न का अभीष्ट मान छोटा है।
54. (4) ‘ह्यूरिस्टिक’ शब्द ग्रीक शब्द ‘ह्यूरिस्को’ से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘आई फाइंड’ या ‘आई डिस्कवर’। इस पद्धति का तात्पर्य हैं कि छात्रों का दृष्टिकोण खोजों का होना चाहिए न कि ज्ञान के निष्क्रिय प्राप्तकर्ताओं का।
55. (3) व्यावहारिक अनुभव प्रदान करके गणित में स्थानीय मूल्य (Place value) की अवधारणा को सुदृढ़ बनाना।
स्थानीय मान किसी संख्या में प्रत्येक अंक का मान होता है। उदाहरण के लिए, 350 में 5 5 दहाई या 50 का प्रतिनिधित्व करता है; हालाँकि, 5,006 में 5, 5 हजार या 5,000 का प्रतिनिधित्व करता है।
यह महत्वपूर्ण है कि बच्चे समझें कि एक अंक समान हो सकता है, लेकिन इसका मूल्य इस बात पर निर्भर करता है कि यह संख्या में कहाँ है।
56. (4) गणित में, समय को घटनाओं के चल रहे और निरंतर अनुक्रम के रूप में • परिभाषित किया जा सकता है जो उत्तरोत्तर क्रम, अतीत से वर्तमान एवं भविष्य में होते हैं।
समय का उपयोग घटनाओं की अवधि या उनके बीच के अंतराल को मापने, मापने या तुलना करने के लिए किया जाता है, साथ ही यहाँ तक कि अनुक्रम घटनाओं के लिए भी किया जाता है।
57. (4) हस्तकौशल सामग्री या सम्बद्ध प्रतिमान के अंतर्गत स्थिर चित्र, लिखित प्रतीक, बोली जाने वाली और लिखित भाषा, वास्तविक दुनिया की स्थिति या संदर्भ में गणितीय शब्दावली का प्रतिनिधित्व करने के पांच तरीके हैं।
गणित शब्दावली गणित की अवधारणाओं को समझने और गणित कौशल विकसित करने में मॉडल एक अभिन्न अंग है।
यदि कोई छात्र शब्दावली शब्द को नहीं समझता है, तो वे जो कर रहे हैं उसे संसाधित करने और समझने में असमर्थ हैं, तो यह स्थिति उनकी सफलता में बाधा उत्पन्न करेगा।
58. (3) विद्यालय में गणित का अधिगम प्रायः नीरस, रुचिकर, कठिन और उबाऊ माना जाता है। सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक शिक्षकों और छात्रों के बीच आनंदहीन अनुभव व अंतःक्रिया है। द लर्निंग विदाउट बर्डन रिपोर्ट ने ठीक ही कहा है, खुशी के बिना सीखना एक ऐसी स्थिति है जहाँ बहुत कुछ सिखाया जाता है लेकिन बहुत कम सीखा या समझा जाता है ” । इसलिए, गणित सीखने की योजना बनाते समय यह जानना महत्वपूर्ण है कि गणित सीखते समय विद्यार्थियों को वास्तव में क्या करने में आनंद आता है।
59. (4) वैन हील के जियोमेट्रिक रीजनिंग के सिद्धांत के अनुसार विश्लेषण स्तर का उदाहरण यह है कि सभी समद्विबाहु त्रिभुज त्रिभुज हैं, लेकिन सभी त्रिभुज समद्विबाहु त्रिभुज नहीं हैं।
60. (4) लैंगिक पूर्वाग्रह लड़का-लड़की सोच में सीखने के अनुभवों को विभाजित करता है, भले ही एक कक्षा की लड़कियाँ और लड़के एक ही कक्षा में बैठते हैं और एक ही शिक्षक द्वारा पढ़ाया लिया जाता है।
सांस्कृतिक अभिवृत्तियों के कारण लड़कों में क्षमता लड़कियों में मात्र प्रयास करने जैसे भिन्न व्यव्हार करना ।
लैंगिक पूर्वाग्रह की धारणा एक लिंग को दूसरे की तुलना में अधिक प्राथमिकता देता है।
लैंगिक पूर्वाग्रह के उदाहरण:
(i) लड़कियों को स्कूल और कक्षा के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कम अवसर दिए जाते हैं
(ii) लड़कियों के बीच लैंगिक रूढ़िवादिता को लागू करना जैसे लड़कियों के बीच. शांत व्यवहार, साफ-सुथरा होना, आदि, और लड़कों के बीच मर्दाना मानदंड जोर से, बोल्ड, मजबूत आदि।
(iii) पाठ्यपुस्तक की सामग्री में पुरुष और महिला पात्रों में रूढ़िवादी अभिव्यक्ति होना ।
(iv) लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग कार्य सौंपना।

भाग-III : पर्यावरण अध्ययन

61. (2) मटर पर किए गए आनुवंशिक प्रयोगों के कारण ग्रेगर मेंडल को आधुनिक आनुवंशिकी के जनक के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने मटर के विभिन्न प्रकार के पौधों पर अपना शोध किया जैसे- एक लंबा पौधा, एक छोटा पौधा और एक ऐसा पौधा जो फल देते हों ।
उन्होंने मटर के लंबे और छोटे पौधों के उत्पादन क्षमता के विविधता एवं प्रतिशतता की गणना की।
62. (2) झील, तालाब, नदी और झरने जल निकायों के प्रकार हैं जबकि 600 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाली खड़ी पहाड़ी को पहाड़ कहा जाता है।
63. (1) ट्रेन, बस, टांगा, साइकिल और रिक्शा भूमि परिवहन प्रणाली (रोडवेज) के साधन हैं जबकि जहाज जल परिवहन (जलमार्ग ) का एक साधन है।
64. (3) कर्नाटक में किसानों द्वारा मिट्टी को खोदने और उसे नरम बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण को खूंटी (एक लोहे की छड़) के रूप में जाना जाता है।
65. (3)
66. (2) भारत में टमाटर, आलू और हरी मिर्च को पुर्तगालियों द्वारा क्रमश: 17वीं शताब्दी और 15वीं शताब्दी के लाया गया था।
वे मूल रूप से दक्षिण अमेरिका के थे।
67. (4)
68. (2)
69. (1) भारत में नौ राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश समुद्र तटीय है ।
अरब सागर के किनारे स्थित राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल हैं।
70. (3) किस परिवार को खेती के लिए कितनी जमीन मिलेगी मिजोरम में यह तय करने के लिए लॉटरी सिस्टम का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि जमीन पूरे गाँव की है। इस प्रकार की खेती को लॉटरी फार्मिंग कहा जाता है।
71. (4) झारखंड की मुख्य फसल चावल है।
चावल खरीफ फसल का सबसे सामान्य उदाहरण है।
परम्परागत रूप से निर्वनीकृत उर्वर भूमि पर धान की खेती की जाती है।
72. (3) केंचुए मिट्टी को नरम करते हैं क्योंकि वे नलिकाएँ बनाकर मिट्टी को सरंध्री करते रहते हैं ।
इस तरह हवा और पानी आसानी से मिट्टी में मिल सकते हैं।
केंचुए मृत पत्तियों और पौधों को भी खाते हैं, और उनसे जो लार निकलता है वह मिट्टी में खाद बनाने में मदद करती है।
73. (4) मधुबनी पेंटिंग की उत्पत्ति उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र में हुई है।
ये पेंटिंग अपने आदिवासी सांस्कृतिक प्रतिमांकनों : पेड़ पौधे एवं जीव जंतुओं संबंधी रूपांकनों और चमकीले मिट्टी के रंगों के उपयोग के कारण लोकप्रिय हैं।
ये पेंटिंग चावल के पाउडर के पेस्ट से बनाई जाती हैं जिसमें रंग मिलाया जाता है।
74. (4) केरल में लोग केले के फूलों से बनी सब्जी पकाते हैं।
महाराष्ट्र में लोग सहजन के फूलों से बने पकोड़े पसंद करते हैं।
उत्तर प्रदेश में लोग कचनार के फूलों से बनी सब्जी वाना पसंद करते हैं।
75. (3)
76. (1) सतत् विकास, विकास का वह रूप है जो भावी पीढ़ियों की अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरूरत को पूरा करता है।
समानता, न्याय, शांति और मानव गरिमा और अधिकारों के सम्मान की चिंता को समालोचनात्मक रूप से प्रदर्शित करने का उद्देश्य सतत् विकासीय शिक्षा की विशेषता को दर्शाता है।
77. (1) पर्यावरण अध्ययन एक अंतर्विष्यक एवं एकीकृत विषय है क्योंकि इसमें भौतिक और जैविक पर्यावरण की सभी विशेषताओं को शामिल किया गया है। इतने सारे विषयों और क्षेत्र के साथ इसका संबंध इसके दायरे को व्यापक बनाता है।
प्राथमिक स्तर पर ईवीएस को एक प्रकरण और एकीकृत दृष्टिकोण रूप में देखा जाता है जो सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्राकृतिक और बोधगम्य बनाता है।
78. (1) ईवीएस की प्रकृति बाल-केंद्रित है और यह “शिक्षण” के बजाय अनुभवात्मक शिक्षा” पर केंद्रित है।
ईवीएस पाठ्यक्रम के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर बच्चों से अपेक्षा की जाती है कि वो दैनिक जीवन से संबंधित विभिन्न विषयों पर सजीव अनुभवों के माध्यम से समकालीन परिवेश के लिए शिक्षित हों।
79. (4)
80. (3) एनसीईआरटी ईवीएस का पोचमपल्ली अध्याय – 23 वास्तविक लोगों और उनके अनुभवों पर आधारित है।
पोचमपल्ली आंध्र प्रदेश का एक सांस्कृतिक ग्राम क्षेत्र है जहाँ की साड़ियाँ विश्व प्रसिद्ध है जो पोचमपल्ली पोशाक परिधान के निर्माण में उपयोग की जाने वाली कला, शिल्प, विभिन्न सामग्रियों के बारे में जानकारी देता है।
81. (1) “हम जो खाना खाते हैं” उसका उत्पादन किसने किया” विषय वस्तु से प्रश्न को संबोधित करने के लिए निम्नलिखित गतिविधियाँ उपयुक्त होंगी :
(i) किसानों के आख्यानों को साझा करना ।
(ii) एक फार्म पर जाकर क्रियाविधिक अवलोकन करना ।
(iii) अंकुरण के लिए उपयुक्त स्थिति जानने के लिए प्रयोग।
82. (1) क्षेत्र भ्रमण (Fieldtrip) के माध्यम से एक शिक्षक ईवीएस की शिक्षा से प्रामाणिक और सार्थक उपयोग निम्न रूपों में कर सकता है :
एक संरचित कार्यपत्रक व यात्रा के लिए औपचारिक निर्देश।
यहाँ संरचित और औपचारिक का तात्पर्य नियत कार्य सुपरिभाषित एवं लिखित है।
छात्रों और उनके नेतृत्व का समूह बनाना।
83. (2) कक्षा 5 ईवीएस अध्याय 21 छात्रों को पीढ़ियों के माध्यम से पारिवारिक लक्षणों की विरासत के बारे में बताता है।
अध्याय बच्चों को परिवार के सदस्यों से प्राप्त कौशल और गुणों को नोटिस करने और उनकी सराहना करने के लिए मार्गदर्शन करता है।
यह अध्याय छात्रों को विभिन्न आनुवंशिक रोगों की पहचान करने में मदद करता है।
84. (1) पीयर असेसमेंट या पीयररिव्यू (सहपाठी आकलन) छात्रों को उनके काम की समीक्षा करने और एक दूसरे को फीडबैक प्रदान करने के लिए सीखने की एक रचित प्रक्रिया उपलब्ध करता है।
यह छात्रों को दूसरों का आकलन करने और उन्हें आत्म- मूल्यांकन करने और अपने स्वयं के काम में सुधार करने के कौशल से लैस करता है।
अतः सहपाठी मूल्यांकन निम्न रूपों में कर सकते हैं :
(i) छात्रों को अपने स्वयं के सीखने की जिम्मेदारी लेने और प्रबंधन करने के लिए सशक्त बनाना।
(ii) ज्ञान के प्रसार और विचारों के आंदान-प्रदान के माध्यम से छात्रों की शिक्षा को बढ़ाना।
(iii) छात्रों को पाठ्यक्रम सामग्री के साथ अधिक गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
अतः पीयर असेसमेंट एक रचनात्मक मूल्यांकन रणनीति है, जो छात्रों को अपने साथियों के कार्य पर टिप्पणी करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
85. (4) प्रेक्षण किसी व्यक्ति या वस्तु को ध्यान से देखने की क्रिया या प्रक्रिया है।
यह अनुभव की गई किसी विषयवस्तु को नोटिस करने या तद्नुरूप निर्णय लेने की क्रिया है।
इसीलिए अवलोकन मनोविज्ञान में अनुसंधान करने का एक स्पष्ट तरीका प्रतीत होता है।
प्रेक्षण की विभिन्न तकनीकें है :
(i) उनके प्रदर्शन के बारे में जानने के लिए छात्रों का आकलन ।
(ii) प्राकृतिक अवलोकन में प्रतिभागियों के सहज व्यवहार का अध्ययन करना शामिल है।
(iii) प्रतिभागी अवलोकन में, प्रेक्षक उस समूह का हिस्सा बन जाता है जिसका वे अध्ययन कर रहे हैं।
86. (1) विद्यार्थी किस प्रकार ई. वी. एस. में सीख रहे हैं इसका आकलन करने के लिए विचार-विमर्श को बेहतर सुचक के तौर पर उपयोग किया जाता है, क्योंकि बात-चीत एवं विमर्श संज्ञानात्मक शिक्षण की बेहतर विधियाँ मानी गई हैं।
यहाँ एक शिक्षक को सीखने में मदद करने, मार्गदर्शन करने और छात्रों को. सीखने को आसान बनाने के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करके सीखने की सुविधा प्रदान करनी होती है।
87. (1) शिक्षक सीखने-सिखाने की प्रक्रिया निम्नलिखित महत्वपूर्ण घटक है :
सीखने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने और शिक्षार्थियों को प्रत्यक्ष और वास्तविक जीवन के अनुभव प्रदान करने के लिए शिक्षक को विभिन्न भूमिकाएँ निभानी होती हैं।
छात्र की सीखने की गति या प्रदर्शन का स्तर शिक्षक की गतिविधियों से अत्यधिक प्रभावित होता है।
शिक्षक का उद्देश्य छात्र के समग्र व्यक्तित्व का विकास करना है।
शिक्षक की भूमिका सीखने का ऐसा माहौल बनाने में है जहाँ बच्चे स्वयं अपनी वास्तविक क्षमता का एहसास कर सकें और ज्ञान का निर्माण कर सकें।
88. (1) ईवीएस में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया ( प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से) में शिक्षार्थियों की भागीदारी को अधिकतम करने में सर्वेक्षण, परियोजनाओं, क्षेत्र यात्राएँ, खेल, विचार-मंथन, कथा (नैरेटिव्स), चर्चा, प्रयोगात्मक जांच आदि जैसी विधियों या शिक्षण रणनीतियों को अधिक प्रभावी पाया गया है।
‘संसाधन’ के रूप में सुझाई गई कहानियाँ और कहानियाँ अन्य बच्चों लोगों के अनुभवों को लाने के रचनात्मक अवसर प्रदान करने के लिए हैं, जो बहुत अलग हो सकते हैं, लेकिन जिनसे बच्चे संबंधित हो सकते हैं।
ईवीएस में शिक्षार्थियों को शामिल करने के लिए कथा और कहानियाँ सबसे प्रभावी रणनीति हैं, क्योंकि यह शिक्षक को उन चीजों को बताने में मदद करती है जिन्हें देखा जाना है और इसे नोट करना है।
इस प्रक्रिया के माध्यम से अवलोकन. और प्रयोग को संप्रेषित करना संभव है। इस प्रकार, यह छात्रों को विषयों की कल्पना करने में मदद करता है।
ये नाटक में दिए गए पात्रों के साथ सहानुभूति रखने के लिए छात्रों को संवेदनशील बना सकते हैं।
यह कहानियों, पोस्टरों, नाटकों, फिल्मों और अन्य मीडिया के माध्यम से किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए, पांचवीं कक्षा में ‘यात्रा’ विषय बच्चों को हिमालय के ‘उबड़-खाबड़ और कठिन’ इलाके में ले जाता है, शायद, बछेंद्री पाल की कहानी के साथ, जो एक प्रयास के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, जबकि वे यह भी कर सकते हैं। अपने स्वयं के स्कूल के लिए एक ध्वज डिजाइन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
89. (1) कला और शिल्प के माध्यम से, बच्चे संस्कृतियों और समयों में कलाकृतियों और छवियों को महत्व देना और उनकी सराहना करना सीखते हैं।
डिजाइन, कला और शिल्प में अनुभव उन्हें अपने काम पर और दूसरों द्वारा किए गए कार्यों पर गंभीर रूप से प्रतिबिंबित करने में सक्षम बनाता है। वे डिजाइनरों और कलाकारों की तरह काम करना और सोचना सीखते हैं, समझदारी और रचनात्मक तरीके से काम करते हैं।
90. (1) समावेशी कक्षा एक ऐसी कक्षा का वर्णन करने लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जिसमें सभी छात्रों का, उनकी योग्यताओं या कौशलों पर ध्यान दिए बिना, समग्र रूप से स्वागत किया जाता है।
यह इस धारणा पर बनाया गया है कि एक गैर-पृथक कक्षा में रहने से विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को बाद के जीवन के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जाएगा।
इसीलिए ईवीएस कक्षा में छात्रों को प्रश्न पूछने का अवसर मिलता है ।

भाग- IV: LANGUAGE-I (ENGLISH)

91. (4) सावित्रीबाई की पढ़ाई उसकी शादी के बाद शुरू हुई। उनके husband Jyotirao phule ने उन्हें पढ़ना एवं लिखना सिखाया। (Para 1 देखें)
92. (1) Jyotirao एवं Savitribai को Pune में girls के लिए school शुरु करने पर उनके परिवार एवं community द्वारा निष्कासित कर दिया गया।
93. (4) 16 november 1852 में British सरकार ने Phule परिवार को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। (Last para देखें)
94. (3) Savitribai का एक श्रमिक परिवार में जन्म हुआ था।
95. (4) दोनों statements सही है।
96. (1) eagerness : उत्सुकता
The player showed eagerness to play.
97. (3) Latter – बाद वाला
The son tracked down his father and mother. The latter was sick.
98. (3) वाक्य में, ‘leading’ adjective के रूप में प्रयोग किया गया है जो noun ‘figures’ को modify कर रहा है। leading का अर्थ है- सबसे अधिक महत्वपूर्ण |
Virat Kohli was the leading scorer in the match.
99. (2) despite के बाद preposition of का प्रयोग नहीं होता है क्योंकि इसका अर्थ है-in spite of; के बावजूद
Despite the hard work, many actors did not get the recognition.
100. (4) Poem में, poet बताता है कि किस प्रकार प्रकृति हमें जीवन रूपी यात्रा को पूरा करने में मदद करती है और हमें हमारी last निर्दिष्ट स्थान तक पहुँचाती है।
101. (3) poem का narrator एक उदासीन या मायूस व्यक्ति है। disillusioned का अर्थ है- किसी वस्तु में आशा या विश्वास खो देना।
102. (3) poet की tone गंभीर है।
103. (4) poem की तीसरी line में बताया गया है कि बच्चा सोने के लिए आधा इच्छुक और आधा अनिच्छुक है।
104. (3) poem में, प्रकृति को personify किया गया है। personification nature या natural objects या animal human-like quality प्रदान करता है।
105. (4) alliteration अनुप्रास यहाँ letter ‘w’ का repetition है। इसमें खास ध्वनी की बारंबारता होती है।
106. (1) language acquistion एक proce है जिसके द्वारा बच्चे अपनी native language mother tongue सीखते हैं।
107. (2) storytelling language सीखने को जीवंत करती हैं और participatory, preparatory experience create करती है। active
108. (4) इस प्रकार की strategy को content based grammar कहते हैं। इस approach के द्वारा भाषा पढ़ाते वक्त भाषा पर ही नहीं अपितु भाषा के द्वारा क्या पढ़ाया जा रहा है इस पर भी ध्यान दिया जाता है।
109. (3) drill एक classroom teaching है जो spaced repetition के माध्यम से स्मरण रखने में मददगार होती है।
110. (3) multi lingualim से तात्पर्य है कि अधिक भाषाओं का ज्ञान अर्जित करना न कि native language का।
111. (2) भारत की कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है । संविधान का Article 343 (1) के अनुसार भारत की official language हिंदी होगी देवनागरी लिपि में।
112. (3) learners द्वारा लिखते एवं बोलते वक्त की गई गलतियों को भाषा सीखते वक्त problems के रूप में समझना चाहिए।
113. (4) process approach – किसी piece of work को बनाने में निहित steps पर ध्यान केन्द्रित करना होता है।
114. (1) भाषा सीखते वक्त scribbling वह stage है जब बच्चे जल्दबाजी या लापरवाह तरीके से कुछ लिखते या draw करते हैं।
115. (2) Frequent progress monitoring learning का मूल्यांकन करने का एक उदाहरण है।
116. (4) Higher order skills दूसरी भाषाओं के लिए आवश्यक है क्योंकि language के building blocks grammar to vocabulary सीखने में learners को information के लिए higher cognitive level पर process करने की आवश्यकता है।
117. (1) learning outcomes – userfriendly statement है जो students को बताता है कि वे एक निश्चित समय के बाद क्या कर सकेंगे।
118. (1) Remedial teaching programne का उद्देश्य उन students को learning support प्रदान करना जो अच्छा perform नहीं कर रहे हैं।
119. (3) यहाँ, ‘Categorization words वह technique है जिसका प्रयोग उन words को ढूँढ़ने के लिए किया गया है जो different. categories से. related है।
120. (4) constructivision एक theory है जो बताती है कि students information ग्रहण करने के बजाय ज्ञान को construct करने में रूचि रखते हैं।

भाग-V : भाषा-II : हिन्दी

121. (4) दिए गए अनुच्छेद के अनुसार मानव सभ्यता को वृक्षों ने हमेशा से मदद पहुँचाई है।
पेड़ मानव और अन्य जीवित जीवों के अस्तित्व के लिए पृथ्वी को फिट बनाते हैं।
वे हमें सांस लेने के लिए हवा, भोजन पकाने और रहने के लिए आश्रय प्रदान करते हैं।
वे हमें जीवित रखने और हमें एक आरामदायक जीवन प्रदान करने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
122. (3) वनों से हम प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप में अनेक लाभ प्राप्त करते हैं।
जैसे – प्रत्यक्ष लाभ स्वरूप हम वनों से इमारती लकड़ी, जलाऊ ईंधन, पशुओं के लिए चारा, गोंद, लाख, फल, जड़ी बूटियाँ आदि प्राप्त करते हैं तो अप्रत्यक्ष रूप में वम वर्षा और बाढ़ की रोकथाम करते हैं, सुन्दर अभयारण्य एवं आकर्षक पर्यटक स्थल देते हैं ।
123. (3) वनों के द्वारा मृदा में पत्तियाँ गिराई जाती हैं, जो सड़कर मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं।
124. (1) दिए गए अनुच्छेद के अनुसार वर्षा का मूल कारण हरे-भरे वृक्ष हैं।
वृक्ष के वाष्पीकरण के चलते आसमान बादल बनते हैं। उन बादलों में पेड़ों से वाष्प बनकर उड़ने वाला पानी भी मिल जाता है।
इससे बादल भारी हो जाते हैं और बरस पड़ते हैं। इसीलिए जिस स्थान पर पेड़ ज्यादा होते हैं, वहां पानी ज्यादा बरसता है।
125. (3) दिए गए अनुच्छेद के अनुसार भूमिक्षरण का अर्थ है भूमि का कटाव ।
भूमि के कणों का अपने मूल स्थान से हटने एवं दूसरे स्थान पर एकत्र होने की क्रिया को भू-क्षरण या मृदा अपरदन कहते हैं।
भू-क्षरण के फलस्वरूप भूमि की उर्वरा शक्ति एवं उत्पादन क्षमता घट जाती है जो देश की अर्थ व्यवस्था कमजोर करती है!
126. (1) ‘दुर्लभ’ का संधि विच्छेद दु: + लभ होता है। इसमें विसर्ग संधि है।
विसर्ग संधि-विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन मेल से जो विकार होता है, उसे विसर्ग संधि कहते है।
दूसरे शब्दों में- स्वर और व्यंजन के मेल से निर्मित शब्द में जो विसर्ग होता है उसे विसर्ग संधि कहते है।
हम ऐसे भी कह सकते हैं- विसर्ग (:) के साथ जब किसी स्वर अथवा व्यंजन का मेल होता है तो उसे विसर्ग-संधि कहते हैं।
127. (4) जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद् गौण एवं ‘ के लिए’ चिह्न का लोप हो उसे संप्रदान तत्पुरुष समास कहते हैं।
जैसे: मानव सभ्यता मानव के लिए सभ्यता ।
128. (2) सुरम्य का अर्थ रमणीक होता है।
129. (4) दिए गए अनुच्छेद के अनुसार लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धैर्य जरूरी है।
किसी भी प्रकार की साधना से सिद्धि प्राप्त करने के लिए मन-मस्तिष्क का निर्विकार होना जरूरी है।
यदि वे धैर्य के साथ निरंतर प्रयास करते रहें तो उन्हें अपनी साधना का सुफल अवश्य मिलता है। व्यक्ति को सफलता प्राप्ति के लिए एक साधक की तरह धैर्य के साथ साधना करनी होती है।
130. (3) अधीर मन-गति कम से तात्पर्य है जो हर काम जल्दबाजी में करते हैं। अर्थात जो ‘जल्दी करो- जल्दी करो’ की रट लगाते हैं।
131. (3) द्वंद्व समास की परिभाषा: ऐसे समास शब्द जिनमें समस्त या दोनों पद प्रधान हो और जब उन शब्दों का समास किया जाता है तो दोनों पदों को मिलाते समय और, अथवा, या, एवं इत्यादि योजक शब्दों का उपयोग होता है, उस समास द्वंद समास कहा जाता है। जैसे: लोटा-डोरी; माता-पिता।
132. (3) दिए गए अनुच्छेद के अनुसार प्रकृति हमें धैर्यवान बने रहने की सीख देती है।
प्रकृति और मनुष्य के बीच बहुत गहरा संबंध है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
मनुष्य के लिए धरती उसके घर का आंगन, आसमान, छत, सूर्य-चांद-तारे दीपक, सागर – नदी पानी के मटके और पेड़-पौधे आहार के साधन हैं।
इतना ही नहीं, मनुष्य के लिए प्रकृति से अच्छा गुरु नहीं है।
आज तक मनुष्य ने जो कुछ हासिल किया वह सब प्रकृति से सीखकर ही किया है।
133. (1) दिए गए अनुच्छेद के अनुसार सफलता के और सम्मान उन्हीं को प्राप्त होते हैं जो धैर्यपूर्वक काम में लगे रहते हैं।
134. (2) अधीर का विलोम धीर होगा।
135. (1) “उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते है, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। 11
तात्पर्य यह है कि जो शब्दांश किसी शब्द के पूर्व (पहले) जुड़ते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। उपसर्ग दो शब्दों- उप + सर्ग के योग से बना है।
जिसमें ‘उप’ का अर्थ है- समीप, पास या निकट और ‘सर्ग’ का अर्थ है सृष्टि करना।
136. (3) मातृभाषा दूसरी विदेशी भाषाओं को सीखने में बाधा उत्पन्न करती है, यह कथन भाषा सीखने के संदर्भ में बिलकुल असत्य है, क्योंकि अपनी भाषा मातृभाषा ही वह स्वमेव उपागम है जो भावी- लक्षित भाषा अधिगम का आधार सिद्ध होती है।
137. (4) भाषा आधारित प्रक्रिया के द्वारा शिक्षार्थी पढ़ना सीखता है।
शिक्षण एवं अध्ययन, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बहुत से कारक शामिल होते हैं। सीखने वाला जिस तरीके अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते हुए नया ज्ञान, आचार और कौशल को समाहित करता है ताकि उसके सीखने के अनुभवों में विस्तार हो सके, वैसे ही ये सारे कारक आपस में संवाद की स्थिति में आते रहते हैं।
138. (3) जब बालक किसी भाषा को द्वितीय अथवा तृतीय भाषा के रूप में सीखता है या सीखती है तो इसे भाषा वृद्धि कहते हैं। यही भाषावृद्धि बहुभाषिकता का पर्याय बन जाती है।
139. (1) कक्षा में नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए कहानियों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
कहानियों के माध्यम से बच्चे नए नए शब्द सीखते हैं और उन्हें जोड़कर वाक्य बनाना भी सीख जाते हैं।
कहानी सुनने के दौरान बच्चे के सामने कई ऐसे शब्द आते हैं, जिन्हें वह आमतौर पर नहीं सुनते हैं।
ऐसे में अगर वे कोई नया शब्द सुनते हैं तो उससे जुड़ा सवाल भी पूछते हैं जिससे उनकी याद करने की क्षमता भी बढ़ती है।
140. (3) कक्षा चार की अध्यापिका दरअसल इस विधि से बच्चों के मध्य सचेतनता का विकास कर रही है। जोकि सतर्कता जागरुकता का पर्याय है।
141. (1) बहुभाषावाद प्रक्रिया में दो से अधिक भाषाओं का उपयोग करने की क्षमता होती है। यह कक्षागत संसाधन माना गया है।
विद्यालय शिक्षा में बहुभाषावाद के लाभ (NCF-2005)- यह घर और विद्यालय की भाषा के बीच एक सुचारु संक्रमण | के महत्व पर जोर देता है। बहुभाषावाद बच्चों को खुद पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इसके माध्यम से सभी बच्चे अपनी शिक्षा मातृ भाषा में प्राप्त करते हैं और जैसे-जैसे प्रगति करते हैं उसमें अन्य भाषाएँ भी जोड़ते चले जाते हैं।
142. (2) भारतीय संविधान में हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया है।
किसी प्रदेश की राज्य सरकार के द्वारा उस राज्य के अन्तर्गत प्रशासनिक कार्यों को सम्पन्न करने के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया जाता है, उसे राज्यभाषा कहते हैं। यह भाषा सम्पूर्ण प्रदेश के अधिकांश जन-समुदाय द्वारा बोली और समझी जाती है। प्रशासनिक दृष्टि से सम्पूर्ण राज्य में इस भाषा को महत्त्व प्राप्त रहता है।
143. (1) आरंभिक वर्षों में शिक्षार्थियों की त्रुटियों को तुरंत ठीक की जानी चाहिए। अन्यथा शिशु इसे अकाटय रूप से सही मान बैठते हैं।
144. (2) कक्षा पाँच की अध्यापिका इस माध्यम से लिखने की प्रक्रिया उपागम के माध्यम से अधिगम के कार्य का सम्पादन कर रही है क्योंकि समूहचर्चा के दौरान संज्ञान में ली गई विषयवस्तु का प्रमाणन लिखने के दौरान दिख जाएगी।
145. (1) एक पोर्टफोलियो मूल्यांकन छात्र कार्यों का एक संग्रह है जो उन मानकों से जुड़ा होता है जिन्हें शिक्षक को सीखना आवश्यक हैं। काम का यह संग्रह अक्सर यह दर्शाने के लिए अवधि में इकट्ठा किया जाता है।
146. (2) सीखने के प्रतिफल पर केन्द्रित दक्षता आधारित भाषा शिक्षण कहलाता है।
दक्षता आधारित शिक्षण शिक्षा के कुछ आधार इस प्रकार हैं- नैतिक और वै. धानिक जवाबदेही को पूरा करना, उपयुक्त शिक्षण, प्रविधियों का आवश्यकतानुसार चयन करना, विद्यालय एवं छात्रों के बीच समन्वय स्थापित करना, पर्यावरण एवं समाज उपयोगी कार्यों के प्रति छात्रों को क्रियाशील बनाये रखना तथा आचरण की शुद्धता एवं स्वस्थ नागरिकता की भावना
147. (1) पाठ को ठीक से समझाने के लिए शिक्षक जिन-जिन सामग्रियों का प्रयोग करता है वह अनुदेशन या शिक्षण सामग्री (Instructional materials) या शिक्षण-अधिगम सहायक सामग्री (टीचिंग-लर्निंग एड्स) कहलाती है। इसमें पाठ्यपुस्तक आदि परम्परागत सामग्रियाँ तो हैं ही, एनिमेशन (animation) आदि नयी सामग्री भी इसमें जुड़ गयी है ।
148. (1) प्रोजेक्ट वर्क ( परियोजना कार्य) उन .. गतिविधियों की एक श्रृंखला है, जो छात्रों को उनकी क्षमताओं, रूचियों, व्यक्तिगत अनुभव और दृष्टिकोण का उपयोग करके अध्ययन करने, अनुसंधान करने और खुद को कार्य करने की अनुमति देता है।
एक शिक्षक या अन्य सलाहकार के मार्गदर्शन और निगरानी में परियोजना कार्य के विषय के बारे में सलाह, डेटा संग्रह प्रक्रिया और योजना का प्रबंधन करने के तरीके के बारे में विचार देते हैं।
सभी स्तर के छात्र प्रोजेक्ट वर्क कर सकते हैं। छात्र परियोजना के दायरे और कठिनाई के अनुसार अकेले या समूह के साथ काम कर सकते हैं।
प्रोजेक्ट कार्य छोटा और आसान या बड़ा और जटिल हो सकता है।
149. (2) शिक्षक ऐसा करके पूर्व ज्ञान को कक्षागत ज्ञान से जोड़ रहे हैं और बच्चों में मानसिक स्थिति को प्रबल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस माध्यम से बच्चे डैफोडिल के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे और उससे समबन्धित अनेक पुष्प के बारे में जानकारी एकत्रित करेंगे।
150. (3) पठन और लेखन साथ-साथ विकसित होते हैं।
अपने वक्तव्य कौशल को पूर्ण करना संचार में पठन कौशल की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। कक्षा में लेखन क्षमताओं का भी सम्मान किया जाता है।
लेखन अभ्यासों की योजना बनाते समय उन्हें यथासंभव सार्थक पठन के तरीकों पर विचार करते है।
यह छात्रों, संदर्भ और लक्ष्य पर विचार करके पूरा किया जा सकता है।
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